फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   The population of 12 thousand thirsty at the expense of 1.5 crore

Auraiya News: डेढ़ करोड़ खर्च, पर 12 हजार की आबादी प्यासी

Mon, 30 Jan 2023 04:30 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 30 Jan 2023 04:30 AM IST
विज्ञापन
The population of 12 thousand thirsty at the expense of 1.5 crore
औरैया/बेला। हर घर जल योजना के लिए प्रधानमंत्री ने जहां जल जीवन मिशन की शुरुआत की है। वहीं, जिले में कई जल परियोजनाएं बंद पड़ी हैं। विकास खंड बिधूना के बेला गांव में डेढ़ करोड़ खर्च होने के बाद भी 12 हजार की आबादी शुद्ध पानी के लिए तरस रही है। पाइप लाइन बिछाने और कनेक्शन के बाद भी लोगों को पानी नहीं मिल रहा है।
विज्ञापन

ग्राम पंचायत बेला में वर्ष 2003 में शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए पेयजल परियोजना की स्थापना हुई थी। पानी की टंकी के निर्माण के साथ ही एक नलकूप व गांव के तीन मजरों पुरवा लक्षी, मनुआपुर व फतेहपुर में पाइप लाइन बिछाई गई। इसके लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च किए गए।
विज्ञापन

वर्ष 2004 के अंत में काम पूरा होने के बाद जल निगम ने इसे ग्राम पंचायत के हैंडओवर कर दिया। शुरुआत में कुछ घरों को पानी मिला। इसी बीच सड़क निर्माण के कारण पाइप लाइन ध्वस्त हो गई। जिससे पानी की आपूर्ति ठप हो गई। वर्ष 2021 में दोबारा से पाइप लाइन ठीक कराने के साथ मरम्मत का काम शुरू हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके लिए भी विभाग ने लाखों रुपये खर्च किए। हालांकि इस बीच क्षतिग्रस्त पाइप लाइन तो ठीक हुई पर ग्रामीणों को पानी फिर भी नहीं मिला। विभाग ने जून 2022 तक लोगों को कनेक्शन के लिए पाइन लाइन बिछाकर पानी देने का आश्वासन दिया, जो आज तक पूरा नहीं हो सका है।
250 कनेक्शन देकर काम किया बंद
वर्ष 2022 में हर घर जल, हर घर नल योजना के लिए पाइप लाइन बिछाने के साथ घर-घर कनेक्शन करने की कवायद शुरू हुई। विभाग भी लोगों को स्वच्छ पानी मुहैया कराने का सपना दिखाता रहा। घरों तक स्वच्छ पानी मिल सके। इसके लिए करीब 250 लोगों ने कनेक्शन भी कराए। मगर कुछ माह से कनेक्शन देने का काम भी बंद है। ग्रामीण अजब सिंह, संतोष पांडेय, अरविंद यादव, संजीव, दिलीप पोरवाल, अमित गुप्ता, हरिमोहन, शंकर, नीलकमल आदि ने जिलाधिकारी से पेयजल आपूर्ति चालू कराने और अब तक हुए कार्यों की जांच कराने की मांग की है।
बेला निवासी राजेंद्र बाबू मिश्रा ने बताया कि ग्रामीणों को शुद्ध पानी मिलने का इंतजार करते करीब 20 साल हो गए है। दो साल पहले पाइप लाइन बिछने के बाद उम्मीद जगी थी, लेकिन आज तक पानी नहीं पहुंचा। मामले में जल्द ही जलशक्ति मंत्री से शिकायत की जाएगी।
परके पुरवा निवासी रामशरण ने बताया कि कई वर्ष पानी आने के इंतजार में बीत गए। योजना के तहत लोगों को घरों तक शुद्ध पानी नहीं पहुंच सका। कनेक्शन कराने के बाद टोंटियां तक टूट गईं। आज भी लोग अपने निजी सबमर्सिबल व हैंडपंप के सहारे हैं।
बेला चौराहा निवासी बबलू मिश्रा ने बताया कि बेला में ओवरहेड टैंक भी बना है, लेकिन लगता है कि विभाग के अधिकारी इसे भी भूल चुके है। सरकार ने जिस मकसद से योजना चलाई, वह पूरी होती नजर नहीं आ रही है। आज भी लोगों को दूषित पानी पीना पड़ रहा है।
गांव के प्रदीप पोरवाल कहते हैं कि ओवरहेड टैंक, नलकूप की मोटर व क्षतिग्रस्त पाइप लाइन मरम्मत में लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। जिम्मेदार कई तरह के बहाने बनाकर सिर्फ आश्वासन देते आ रहे हैं। आखिर पानी क्यों नहीं दिया जा रहा है, इसकी डीएम स्वयं समीक्षा करें।

अधिशासी अभियंता अरुण कुमार ने कहा कि मामले की जानकारी नहीं है। विभाग की टीम को भेजकर जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी कमियां मिलती है, उन्हें दूर कर ग्रामीणों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराने का काम किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed