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Auraiya News: नदी में डूबे दो भाइयों का सिसकियों के बीच हुआ अंतिम संस्कार
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फोटो-25-हिमांशु की फाइल फोटो। स्रोत : परिजन
- फोटो : सांकेतिक
अटसू। होली से ठीक पहले नगला टीका सबलपुर में मातम पसर गया। बृहस्पतिवार को सेंगुर नदी की लहरों ने दो किशोरों की जिंदगी छीन ली। शुक्रवार को जब नम आंखों के साथ हिमांशु (14) और नितिन (15) का अंतिम संस्कार हुआ तो गांव का हर शख्स रो पड़ा।
ग्राम नगला टीका निवासी हिमांशु का अंतिम संस्कार गांव के पास खेतों में किया गया वहीं, उसके ममेरे भाई नितिन का अंतिम संस्कार औरैया के आवास विकास कॉलोनी स्थित श्मशान घाट पर हुआ। इस दौरान पुलिस फोर्स मौजूद रहा। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। नितिन बुधवार को अपने रिश्ते में भाई हिमांशु के घर आया था। दोनों साइकिल से पास निकली सेंगुर नदी में नहाने निकले थे। जब काफी देर तक वे घर नहीं लौटे तो परिजन ने तलाश की। नदी किनारे उनके कपड़े और साइकिल मिलने से अनहोनी की आशंका गहरा गई। गोताखोरों ने घंटों की मशक्कत के बाद झाड़ियों में फंसे दोनों के शवों को बाहर निकाला।
सीओ मनोज गंगवार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फेफड़ों में पानी भरने से ऑक्सीजन की कमी बताया गया है। इससे उनकी दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई थी। एसडीएम निखिल राजपूत ने बताया कि दैवीय आपदा राहत कोष के तहत दोनों मृतक बच्चों के परिजन को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर दी गई है। जल्द ही यह धनराशि परिजन को सौंप दी जाएगी।
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ग्राम नगला टीका निवासी हिमांशु का अंतिम संस्कार गांव के पास खेतों में किया गया वहीं, उसके ममेरे भाई नितिन का अंतिम संस्कार औरैया के आवास विकास कॉलोनी स्थित श्मशान घाट पर हुआ। इस दौरान पुलिस फोर्स मौजूद रहा। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। नितिन बुधवार को अपने रिश्ते में भाई हिमांशु के घर आया था। दोनों साइकिल से पास निकली सेंगुर नदी में नहाने निकले थे। जब काफी देर तक वे घर नहीं लौटे तो परिजन ने तलाश की। नदी किनारे उनके कपड़े और साइकिल मिलने से अनहोनी की आशंका गहरा गई। गोताखोरों ने घंटों की मशक्कत के बाद झाड़ियों में फंसे दोनों के शवों को बाहर निकाला।
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सीओ मनोज गंगवार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फेफड़ों में पानी भरने से ऑक्सीजन की कमी बताया गया है। इससे उनकी दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई थी। एसडीएम निखिल राजपूत ने बताया कि दैवीय आपदा राहत कोष के तहत दोनों मृतक बच्चों के परिजन को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर दी गई है। जल्द ही यह धनराशि परिजन को सौंप दी जाएगी।
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फोटो-25-हिमांशु की फाइल फोटो। स्रोत : परिजन- फोटो : सांकेतिक