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दुष्कर्म करने का प्रयास करने के तीन दोषियों को दस-दस वर्ष का कारावास
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औरैया। अपर जिला जज मीनू शर्मा ने दिबियापुर थाना क्षेत्र में ढाई वर्ष पहले एक बालिका के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास करने वाले तीन दोषियों को दस-दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही सभी पर बीस-बीस हजार रुपये का जुर्माना भी किया।
अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी धीरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि पीड़ित बालिका के चाचा ने दिबियापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि दो मार्च 2017 को उसकी भतीजी अपने पिता को बीमारी की हालत में देखने आई थी। शाम छह बजे वह शौच के लिए खेत की ओर गई थी, तभी एक दुकान पर पहले से बैठे बलवीर सिंह पुत्र हर नारायन निवासी रामगढ़ हरचंदपुर, सत्येंद्र कुमार तिवारी पुत्र राममूर्ति निवासी औंतो दिबियापुर व सौरभ तिवारी पुत्र वीरेश निवासी ककराहा सैफई इटावा ने भतीजी को पकड़ लिया और दुष्कर्म करने का प्रयास किया। पीड़िता के शोर मचाने पर आसपास के लोगों के पहुंचने पर तीनों आरोपी भाग गए। लड़की को बेहोशी की हालत में पाया गया। बाद में उसे सरकारी अस्पताल दिबियापुर में भर्ती कराया गया। तीनों आरोपियों के विरुद्ध लिखाए गए मामले की पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया। यह मामला एडीजे मीनू शर्मा की कोर्ट में चला। अभियोजन की ओर से एसपीओ धीरेंद्र कुमार मिश्रा ने समाज में इस तरह बढ़ते अपराधों पर कड़ी सजा दिए जाने की बहस की। अभियोजन और बचाव पक्ष के दलीलों को सुनने के बाद अपर जिला जज मीनू शर्मा ने तीनों दोषियों बलवीर सिंह, सत्येंद्र कुमार तिवारी व सौरभ तिवारी को दस-दस वर्ष का कठोर कारावास व प्रत्येक पर बीस-बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। अधिवक्ता शिवम शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने अर्थदंड की अदा की गई संपूर्ण धनराशि पीड़िता को देने का आदेश है। दोषी जेल में निरुद्ध चल रहे हैं।
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अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी धीरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि पीड़ित बालिका के चाचा ने दिबियापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि दो मार्च 2017 को उसकी भतीजी अपने पिता को बीमारी की हालत में देखने आई थी। शाम छह बजे वह शौच के लिए खेत की ओर गई थी, तभी एक दुकान पर पहले से बैठे बलवीर सिंह पुत्र हर नारायन निवासी रामगढ़ हरचंदपुर, सत्येंद्र कुमार तिवारी पुत्र राममूर्ति निवासी औंतो दिबियापुर व सौरभ तिवारी पुत्र वीरेश निवासी ककराहा सैफई इटावा ने भतीजी को पकड़ लिया और दुष्कर्म करने का प्रयास किया। पीड़िता के शोर मचाने पर आसपास के लोगों के पहुंचने पर तीनों आरोपी भाग गए। लड़की को बेहोशी की हालत में पाया गया। बाद में उसे सरकारी अस्पताल दिबियापुर में भर्ती कराया गया। तीनों आरोपियों के विरुद्ध लिखाए गए मामले की पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया। यह मामला एडीजे मीनू शर्मा की कोर्ट में चला। अभियोजन की ओर से एसपीओ धीरेंद्र कुमार मिश्रा ने समाज में इस तरह बढ़ते अपराधों पर कड़ी सजा दिए जाने की बहस की। अभियोजन और बचाव पक्ष के दलीलों को सुनने के बाद अपर जिला जज मीनू शर्मा ने तीनों दोषियों बलवीर सिंह, सत्येंद्र कुमार तिवारी व सौरभ तिवारी को दस-दस वर्ष का कठोर कारावास व प्रत्येक पर बीस-बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। अधिवक्ता शिवम शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने अर्थदंड की अदा की गई संपूर्ण धनराशि पीड़िता को देने का आदेश है। दोषी जेल में निरुद्ध चल रहे हैं।
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