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48 दिव्यांग शिक्षक और हुए चिह्नित, संख्या पहुंची 254 पर
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औरैया। दिव्यांग प्रमाणपत्र लगाकर नियुक्ति पाने और आदेश के बाद भी दिव्यांगता की जांच न कराने वाले दिव्यांग शिक्षकों पर गाज गिरनी तय है। बेसिक शिक्षा विभाग में 48 और दिव्यांग शिक्षक चिंह्ति हुए हैं। अब दिव्यांग शिक्षकों की संख्या 206 से बढ़कर बढ़कर 254 पर पहुंच गई है। इनमें दिव्यांग प्रमाण पत्र लगाकर नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों की संख्या सबसे ज्यादा है। चिंह्ति हुए शिक्षकों को बीईओ के माध्यम से नोटिस भेजने की तैयारी चल रही है।
बेसिक शिक्षा विभाग में दिव्यांग शिक्षकों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। जिले में 206 शिक्षक चिह्त़ि हो चुके हैं। इसमें अंतर जनपदीय स्थानांतरण में आए शिक्षकों में 48 दिव्यांग शिक्षक चिंह्ति हुए हैं। इनको नोटिस भेजने की कार्रवाई चल रही है। बेसिक शिक्षा विभाग में दिव्यांग शिक्षकों की संख्या बढ़कर 254 पहुंच गई है। इसमें 89 शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होंने नियुक्ति पाई है। 73 शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होंने बाद में दिव्यांग प्रमाण पत्र लगाकर पदोन्नति में लाभ लिया है।
पांच शिक्षकों ने स्थानांतरण, अंतर जनपदीय से कुल 28 तथा 59 दिव्यांग शिक्षक ऐसे हैं, जो शिकायत पर चिंह्ति किए गए हैं। इन आंकड़ों में खास बात यह है कि 89 शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होंने दिव्यांग प्रमाण पत्र लगाकर नियुक्ति पाई है। इनमें श्रवण बाधित शिक्षकों की संख्या लगभग 65 से 70 फीसदी है। यही आंकड़ा कुल 254 शिक्षकों की सूची में है, जिनमें अकेले 70 फीसदी शिक्षक श्रवण बाधित हैं। शासन ने बीएसए को सभी दिव्यांग शिक्षकों की जांच मेडिकल बोर्ड कानपुर से कराने के निर्देश दिए थे। इसमें 206 शिक्षकों को अंतिम नोटिस दिया जा चुका है। जांच न कराने वाले शिक्षकों का वेतन भी रोक दिया गया है। 48 चिंह्ति हुए शिक्षकों को नोटिस भेजने की तैयारी चल रही है।
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उधर, बीएसए सूर्य प्रकाश सिंह का कहना है कि 48 और नए दिव्यांग शिक्षक चिंह्ति हुए हैं। इन्हें कानपुर मेडिकल बोर्ड से जांच कराने के लिए बीईओ के माध्यम से नोटिस भेजे जा रहे हैं। तय समय में जांच न कराने वाले शिक्षकों का वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी।
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बेसिक शिक्षा विभाग में दिव्यांग शिक्षकों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। जिले में 206 शिक्षक चिह्त़ि हो चुके हैं। इसमें अंतर जनपदीय स्थानांतरण में आए शिक्षकों में 48 दिव्यांग शिक्षक चिंह्ति हुए हैं। इनको नोटिस भेजने की कार्रवाई चल रही है। बेसिक शिक्षा विभाग में दिव्यांग शिक्षकों की संख्या बढ़कर 254 पहुंच गई है। इसमें 89 शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होंने नियुक्ति पाई है। 73 शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होंने बाद में दिव्यांग प्रमाण पत्र लगाकर पदोन्नति में लाभ लिया है।
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पांच शिक्षकों ने स्थानांतरण, अंतर जनपदीय से कुल 28 तथा 59 दिव्यांग शिक्षक ऐसे हैं, जो शिकायत पर चिंह्ति किए गए हैं। इन आंकड़ों में खास बात यह है कि 89 शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होंने दिव्यांग प्रमाण पत्र लगाकर नियुक्ति पाई है। इनमें श्रवण बाधित शिक्षकों की संख्या लगभग 65 से 70 फीसदी है। यही आंकड़ा कुल 254 शिक्षकों की सूची में है, जिनमें अकेले 70 फीसदी शिक्षक श्रवण बाधित हैं। शासन ने बीएसए को सभी दिव्यांग शिक्षकों की जांच मेडिकल बोर्ड कानपुर से कराने के निर्देश दिए थे। इसमें 206 शिक्षकों को अंतिम नोटिस दिया जा चुका है। जांच न कराने वाले शिक्षकों का वेतन भी रोक दिया गया है। 48 चिंह्ति हुए शिक्षकों को नोटिस भेजने की तैयारी चल रही है।
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उधर, बीएसए सूर्य प्रकाश सिंह का कहना है कि 48 और नए दिव्यांग शिक्षक चिंह्ति हुए हैं। इन्हें कानपुर मेडिकल बोर्ड से जांच कराने के लिए बीईओ के माध्यम से नोटिस भेजे जा रहे हैं। तय समय में जांच न कराने वाले शिक्षकों का वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी।