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अधूरे नाले को बनवाने के लिए सर्वे शुरू
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दिबियापुर में रेलवे लाइन के किनारे सर्वे करते टीम के सदस्य। संवाद
- फोटो : AURAIYA
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दिबियापुर । शास्त्रीनगर, लोहिया नगर एवं इंदिरा नगर में जलनिकासी के लिए नाला बनाने की जद्दोजहद एक बार फिर से शुरू हुई है। गुरुवार को सीएंडडीएस की सर्वेयर टीम ने नाला बनाने के लिए सर्वे किया। रेलवे से दो वर्ष पूर्व एनओसी मिलने के बावजूद रेलवे लाइन के किनारे अधूरा पड़े नाले का निर्माण नहीं हो रहा था। अमर उजाला ने इस समस्या को चार जून के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था।
ज्ञात हो कि तीनों वार्डों की जलनिकासी रेलवे लाइन के किनारे बने नाले से होती थी। वर्ष 2014 में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) लाइन दिबियापुर से गुजरी तो नाला बंद कर दिया गया। जलनिकासी के लिए बने नालों का ढलान रेलवे लाइन की ओर होने से तीनों वार्डों में जलनिकासी की समस्या पैदा हो गई।
तत्कालीन एडीएम एवं जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद डीएफसी ने नाले के लिए जगह छोड़ी और नाला बनाना भी शुरू कर दिया। लगभग सौ मीटर नाला निर्माण के बाद आगे का नाला नहीं बनाया। काफी समय तक जद्दोजहद के बाद नगर पंचायत प्रशासन ने नाला बनाने के लिए एनओसी मांगी तो वर्ष 2019-20 में नगर पंचायत को एनओसी मिल सकी।
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इसके बाद नगर पंचायत ने नाला बनाने के लिए सीएंडडीएस को सर्वे कर इस्टीमेट बनाने के लिए लिखा। एक बार विभाग ने सर्वे किया भी, पर नाला निर्माण का काम शुरू नहीं हो सका। इस समस्या को चार जून के अंक में प्रमुखता से उठाया गया।
इसके बाद मामले को संज्ञान में लेते हुए गुरुवार को सीएंडडीएस कन्नौज डिवीजन के सर्वेयर कमलेश के नेतृत्व में दिबियापुर के चक्रेश्वर महादेव मंदिर से केंझरी साइफन तक नाला बनाने के लिए सर्वे किया गया। दिबियापुर चेयरमैन अरविंद पोरवाल का कहना है कि सर्वे रिपोर्ट के बाद संबंधित विभाग के माध्यम से जल्द से जल्द काम कराने का प्रयास होगा। ताकि तीनों वार्डों में जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
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ज्ञात हो कि तीनों वार्डों की जलनिकासी रेलवे लाइन के किनारे बने नाले से होती थी। वर्ष 2014 में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) लाइन दिबियापुर से गुजरी तो नाला बंद कर दिया गया। जलनिकासी के लिए बने नालों का ढलान रेलवे लाइन की ओर होने से तीनों वार्डों में जलनिकासी की समस्या पैदा हो गई।
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तत्कालीन एडीएम एवं जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद डीएफसी ने नाले के लिए जगह छोड़ी और नाला बनाना भी शुरू कर दिया। लगभग सौ मीटर नाला निर्माण के बाद आगे का नाला नहीं बनाया। काफी समय तक जद्दोजहद के बाद नगर पंचायत प्रशासन ने नाला बनाने के लिए एनओसी मांगी तो वर्ष 2019-20 में नगर पंचायत को एनओसी मिल सकी।
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इसके बाद नगर पंचायत ने नाला बनाने के लिए सीएंडडीएस को सर्वे कर इस्टीमेट बनाने के लिए लिखा। एक बार विभाग ने सर्वे किया भी, पर नाला निर्माण का काम शुरू नहीं हो सका। इस समस्या को चार जून के अंक में प्रमुखता से उठाया गया।
इसके बाद मामले को संज्ञान में लेते हुए गुरुवार को सीएंडडीएस कन्नौज डिवीजन के सर्वेयर कमलेश के नेतृत्व में दिबियापुर के चक्रेश्वर महादेव मंदिर से केंझरी साइफन तक नाला बनाने के लिए सर्वे किया गया। दिबियापुर चेयरमैन अरविंद पोरवाल का कहना है कि सर्वे रिपोर्ट के बाद संबंधित विभाग के माध्यम से जल्द से जल्द काम कराने का प्रयास होगा। ताकि तीनों वार्डों में जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

केंझरी साइफन एवं प्रस्तावित नाले के लेवल की जांच करती टीम। संवाद- फोटो : AURAIYA