फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   Suni l?? ?rajiy? ham?ra ? cha?h? ma'iy?, kari vinat? t?h?ra

सुनि लीं अरजिया हमार ए छठी मइया, करीं विनती तोहार

Tue, 17 Nov 2015 11:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
अमर उजाला ब्यूरो औरैया Updated Tue, 17 Nov 2015 11:03 PM IST
विज्ञापन
 Suni l?? ?rajiy? ham?ra ? cha?h? ma'iy?, kari vinat? t?h?ra
औरैया। छठ पर्व पर देर शाम भक्तों ने अस्त होते सूर्यदेव को घरों और घाटों पर पहुंचकर अर्घ्य दिया। पुत्रों के दीर्घायु होने की कामना की। वहीं घरों में छठ मईया के स्वागत के लिए रंगोली बनाई गई। पूजन के दौरान भक्तों ने ;कांचे ही बांस के बहगिया बहंगी लचकत जाय, बाट जे पछेला बटोहिया इ दल केकरा के जाय जैसे गीत गाए। मंगलवार देर शाम सूर्य को नमन कर सभी की मनोकामना मानी। छठ मईया की पूजा में पतियों ने अपनी पत्नी का पूरा सहयोग किया। वह सिर पर बांस की टोकरी लेकर पूजा स्थल तक पहुंचे।
विज्ञापन


छठ मईया ने दिलाई थी विजय
कहावत है कि महाभारत में जब पांडव जुए में सारा साम्राज्य हार गये तो उन्हें वन जाना पड़ा। वन में द्रोपदी ने छठ पूजन किया और भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया। इससे भगवान भास्कर और छठ माता प्रसन्न हुईं तो पांडवों को युद्ध में विजय मिली और उन्हें उनका राज भी वापस मिल गया। जरासंध को कुष्ठ रोग से मुक्ति दिलाई।
विज्ञापन


निर्जला व निराहार रहकर दे अर्घ्य
आचार्य रामकुमार शास्त्री कहते है कि श्रद्घालु भक्तों को अर्घ्य निर्जला व्रत रहकर देना चाहिए। अगर संभव हो सके तो फलाहार पर रहकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दें। भोजन करने के उपरांत अघ्र्य नहीं डालना चाहिए। पूजन स्थल तक छठ का डाला लेकर जाने से भक्तों को भगवान भाष्कर बल, निरोगी काया, पुष्टि और सौभाग्य प्रदान करते हैं। भक्तों को पूजा घाट पर नंगे पांव और धोया हुआ वस्त्र पहनकर जाना चाहिए। भगवान सूर्य को कांसा या तांबे, सोना व चांदी के पात्र से ही अर्घ्य देना चाहिए।     
विज्ञापन
विज्ञापन


पूजन का समय
समय पर छठ पूजन का अपना महत्व है। विधि विधान से निर्धरित समय पर किए गए पूजन पाठ का फल भी सकारात्मक मिलता है। आचार्य रामकुमार शास्त्री बताते हैं कि शुरुआती दिनों में पूजा में भले ही कुछ ऋृुटि रह जाए लेकिन पूजा का अंतिम दौर पूरी शुद्घता के साथ करना चाहिए। भक्तगण बुधवार सुबह 6.33 बजे उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पूजन करें। इस समय किया गया पूजन शुभ होता है।


बाजारों में खूब हुई खरीददारी    
औरैया। छठ मईया की पूजा में अदरक, गन्ना, नारियल का विशेष महत्व है। मंगलवार की सुबह श्रद्घालुओं ने बाजार में पूजन सामग्री की खरीददारी की। शहर के लेडीज मार्केट में डलिया, कलश, चुनरी व दीपक की खरीददारी करते महिलाएं दिखाई दीं। वहीं कुछ महिलाओं ने सुहाग का सामान भी दान करने के लिए खरीदा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed