फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   Stretching from the official medical system around

सरकारी चिकित्सा प्रणाली से टूटती आस

Fri, 09 Jan 2015 12:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, औरैया
ब्यूरो/अमर उजाला, औरैया Updated Fri, 09 Jan 2015 12:29 AM IST
विज्ञापन
Stretching from the official medical system around

मूल अधिकारों में शुमार बेहतर चिकित्सा के हक से जिले के लोग सरकारी अस्पतालाें की सुविधाओं से वंचित है। निजी अस्पताल का इलाज महंगा तो जरूर है, पर विशेषज्ञ चिकित्सक, उमदा किस्म की दवाइयां, पर्याप्त संसाधन और बेहतर सुविधाआें ने सरकारी चिकित्सा व्यवस्था को क्षीण कर रखा है।

विज्ञापन


अधूरे संसाधन, काबिल चिकित्सकों के रिक्त पद, अनुबंधित दवा कंपनियों के दावे से जुदा दवाइयां व सुविधा के नाम पर शून्य सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने में मरीजों की आस टूट रही है।

विज्ञापन


औरैया छोटा जनपद होने के कारण यहां सरकारी और निजी अस्पतालों में उपचार के संसाधनों में विशेष अंतर तो नहीं है। जिले में आबादी का 10 फीसदी तबका सरकारी अस्पतालों पर इलाज के लिए निर्भर है।

विज्ञापन
विज्ञापन


यह उनकी मजबूरी भी है, जबकि आबादी का बड़ा हिस्सा मौसमी बीमारियों के अलावा रोगों के उपचार के लिए निजी अस्पतालों को तरजीह देना ज्यादा उचित समझता है।

 

दर्जा प्राप्त जिला अस्पताल के अलावा सात सीएचसी, 25 पीएचसी व 138 संचालित स्वास्थ्य उपकेंद्र के आंकड़े  भी कुछ यही प्रमाणित करते हुए नजर आ रहें हैं। सरकारी अस्पतालों में उपचार पर नजर डालें तो यहां संपूर्ण सुविधाओं युक्त जिला अस्पताल तक नहीं है।


ब्लड बैंक, बेहतर पैथोलाजी, सर्जिकल ट्रीटमेंट जैसे अति आवश्यक संसाधन भी नहीं हैं। गंभीर रोगियों के उपचार के लिए सरकारी अस्पतालों की छवि रेफरल (स्थानांतरित) केंद्र के रूप में बनती जा रही है।
 
पिछले वित्तीय वर्ष में 1040.31 लाख के सापेक्ष जिला योजना वर्ष 2015-16 के लिए 1404.48 लाख रुपये की भले ही वृद्धि की गई हो, लेकिन संसाधन पूरे कर लिए जाने पर भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के चलते सरकारी अस्पतालों की छवि में परिवर्तन आना संभव नहीं दिखाई देता है।


वहीं सरकारी अस्पतालों को मात देते हुए निजी अस्पताल मरीजों को बेहतर और बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने के अलावा बाहर के काबिल चिकित्सकों के माध्यम से आम लोगों में अपना विश्वास और मजबूत करने में लगे हैं।

सरकारी अस्पतालों में संसाधनों के साथ ही चिकित्सकों व कर्मचारियों के बड़े पद रिक्त हैं। मैनपावर कम होने से लोगों का विश्वास डिगा है। प्रदत्त संसाधनों में हम बेहतर इलाज मुहैया कराने का प्रयासरत हैं।- डा. नरेंद्र कुमार सिंह यादव,
सीएमओ औरैया

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed