फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   Stoves burning in schools, children upset due to smoke

औरैयाः स्कूलों में जलते चूल्हे, धुएं से बच्चे परेशान

Sat, 16 Jul 2022 12:30 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 16 Jul 2022 12:30 AM IST
विज्ञापन
Stoves burning in schools, children upset due to smoke
चूल्हे पर एमडीएम बनाती रसोइया। संवाद - फोटो : AURAIYA
औरैया। प्रशासन के निर्देश पर सभी स्कूलों में मिट्टी के चूल्हे पर एमडीएम बनाने का काम खत्म किया जा चुका है। उसकी जगह पर रसोई गैस पर एमडीएम बनाए जाने के निर्देश हैं। बावजूद इसके तमाम स्कूलों में आज भी मिट्टी के चूल्हों पर खाना बनाया जा रहा हैै। चूल्हा जलने से उठने वाले धुएं से बच्चे भी परेशान हो रहे हैं।
विज्ञापन

सरकार ने मिडडे मील बनाने के लिए प्राथमिक विद्यालय और उच्च प्राथमिक विद्यालय के सभी स्कूलों को गैस कनेक्शन दिए थे। इसके बाद कुछ दिन तक तो खाना गैस चूल्हे पर ही बना पर तमाम स्कूलों में फिर मिट्टी के चूल्हे पर खाना बनने लगा है। दरअसल, गैस सिलिंडर को भरवाने वाली धनराशि को ठिकाने लगाकर चूल्हे पर ही खाना बनवाया जाता है। पिछले दिनों अधिकारियों ने जब कुछ स्कूलों का निरीक्षण किया था तो कुछ स्कूलों में ऐसी स्थिति देखने को मिली थी। अछल्दा ब्लॉक अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय में चूल्हे पर खाना बनता देख उन्होंने नाराजगी जताई थी। इसके साथ ही गैस सिलिंडर में खाना बनाने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन

विभाग के अनुसार जनपद में 1265 स्कूल हैं। जिसमें 810 प्राथमिक, 206 उच्च प्राथमिक और 249 कंपोजिट विद्यालय हैं। इन सभी स्कूलों में एक लाख 20 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इनके लिए प्रतिदिन मध्याह्न भोजन बनता है। ऐसे अधिकतर स्कूलों में एक से दो माह में एक सिलिंडर भरवाया जाता है। लेकिन कुछ स्कलों में दो-दो माह तक सिलिंडर नहंीं भराया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बीएसए विपिन कुमार ने कहा कि जनपद के सभी प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया गया है कि सभी छात्र-छात्राओं के लिए गैस सिलिंडर में ही खाना बनाया जाए। किसी स्कूल में यदि खाना मिट्टी के चूल्हे में पकाया जा रहा है तो कार्रवाई की जाएगी।
नहीं दे सके जवाब
प्राथमिक विद्यालय जनैतपुर में शुक्रवार को ईंट के चूल्हे पर मध्याह्न भोजन बनाया जा रहा था। इतना जरूर था कि चूल्हे से उठने वाले धुएं से बच्चों को बचाने के लिए खुले में बनाया जा रहा था। खाना पका रही रसोइया से नाम पूछा गया तो उसने चुप्पी साध ली। एक शिक्षक से पूछा तो वह भी गोलमोल जवाब देकर बच्चों के कमरे में चले गए।
जरूरत पर बनाते हैं खाना
प्राथमिक विद्यालय जैतापुर में मिट्ठी का चूल्हा बना हुआ है। हालांकि शुक्रवार को यहां कोई भी खाना बनाता नहंीं मिला, खाना गैस-चूल्हे में पकाया जा रहा था। स्कूल प्रबंधन ने बात करने पर बताया कि चूल्हे पर सिर्फ रोटियां सेंकी जाती हैं। चूल्हे की रोटी की सौंधी खुशबू खाने का स्वाद बढ़ा देती है। इसके अलावा पूरा खाना गैस-चूल्हे पर ही पकता है।

गैस हो गई खत्म
पूर्व माध्यमिक विद्यालय जैतापुर में शुक्रवार को मिट्टी से बने चूल्हे पर रसोइया तहरी पका रही थी। जिससे धुएं की वजह से छत काली हो गयी थी। बातचीत करने पर स्कूल अध्यापकों ने बताया कि दो दिन पहले ही गैस खत्म हुई थी। सिलिंडर नहीं भर पाने की वजह से एमडीएम चूल्हे में पकाया जा रहा है।

स्कूल में रखा मिट्टी का चूल्हा। संवाद

स्कूल में रखा मिट्टी का चूल्हा। संवाद- फोटो : AURAIYA

 चूल्हे पर तहरी पकातीं रसोइया। संवाद

चूल्हे पर तहरी पकातीं रसोइया। संवाद- फोटो : AURAIYA

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed