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एसपी बोले, सुरक्षा व सतर्कता से ही होगा आग से बचाव

Fri, 22 Apr 2022 12:33 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 22 Apr 2022 12:33 AM IST
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SP said, there will be protection from fire only due to safety and vigilance
खेतों में गेहूं की कटाई करता किसान। संवाद - फोटो : AURAIYA
औरैया। आग से फसलों को बचाने के लिए सुरक्षा एवं सतर्कता बरतते हुए नजदीक में ही पानी का टैंक तथा रेत रखें, जिससे कोई घटना हो तो तुरंत काबू पाया जा सके। किसान जब तक फसल सुरक्षात्मक तरीके से भंडारण न कर लेें, तब तक कतई लापरवाही न बरतें। फसल जहां भी रखें, वहां ध्यान रखें कि बिजली के तार, ट्रांसफार्मर नजदीक न हों। यह सलाह एसपी अभिषेक वर्मा ने लगातार फसलों में आग लगने पर किसानों को दी।
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उन्होंने कहा कि गर्मी बढ़ते ही खेतों में खड़ी गेहूं फसल पर आग का खतरा मंडराने लगा है। जहां एक ओर किसानों की आग जलने से फसलें बर्बाद हो रही है। वहीं खेत में आग लगने से उर्वरा शक्ति कम होने के साथ किसान मित्र कीट नष्ट हो रहे हैं। इससे फसल बर्बादी और आगे की फसल उत्पादन को लेकर किसानों की मुसीबतें बढ़ने लगी हैं।
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जिले में आग बुझाने का पर्याप्त संसाधन न होना भी किसानों के लिए एक बड़ा अभिशाप बना हुआ है। पिछले दो दिनों में अजीतमल और औरैया तहसील के छह गांवों के सैकड़ों किसानों की 300 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई है।
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कहा कि किसान नजदीकी विद्युत विभाग एवं आपदा प्रबंधन के कार्यालय तथा उनके अधिकारियों का संपर्क नंबर जरूर रखें। खेत में बीड़ी-सिगरेट न पीएं। आग रोकने के लिए थाने स्तर पर नगर निकाय के पानी के टैंकरों को रखवाया जा रहा है। टैंकरों से फायर मशीनों में पानी भी उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही जरूरत पड़ने पर टैंकर आसानी से ट्रैक्टर के माध्यम से खेत तक भेजे जा सकते हैं।
खेत से जल्द हटाएं पकी फसल
कृषि विज्ञान केंद्र परवाहा के कृषि वैज्ञानिक डॉ. अनंत कुमार ने कहा कि रबी फसलों में इन दिनों प्रमुखता से गेहूं की कटाई व थ्रेसिंग कार्य चल रहा है। किसान इस समय फसल सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां रखें। कटी हुई फसलों का बिजली के तारों के नीचे, ट्रांसफार्मर के पास और सड़क के किनारे ढेर न लगाएं। जिससे काफी हद तक आग से बचाव हो सकता है। आग लगने से खेतों की उर्वरा शक्ति भी प्रभावित हो जाती है, साथ ही मिट्टी को उपजाऊ बनाने वाले कीटमित्र भी समाप्त हो जाते है। खेत को बेहतर रखने और फसल बचाने के लिए किसानों को चौकन्ने होकर काम करना होगा।
अब तक हुईं आग की घटनाएं
इस वर्ष अप्रैल 2022 तक 49 छोटी-बड़ी आग की घटनाएं हुई। जिसमें अजीतमल के अंतौल, रोशंगपुर, प्यागपुर के साथ औरैया तहसील के भर्रापुर, अधासी, जुआ में 300 बीघा फसल जली। वहीं पिछले वर्ष के आंकड़ों पर नजर डाले तो आग की 339 घटनाएं हुई। जिसमें 86 लाख 62 हजार की क्षति का आंकलन किया गया था।

अजीतमल में नहीं संसाधन
आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए औरैया और बिधूना तहसील में ही संसाधन है। जबकि अजीतमल में कोई संसाधन नहीं है। इस क्षेत्र में आग लगने के लिए 30 किमी दूर औरैया से दमकल गाडिय़ां भेजी जाती है। इसके साथ ही एनटीपीसी, गेल का सहारा लिया जाता है। यहीं कारण है कि आग भयावह हो जाती है।
औरैया, बिधूना में संसाधन व स्टाफ
औरैया- चार दमकल गाडिय़ां(तीन बड़ी, एक छोटी)
बिधूना- एक बड़ी गाड़ी
सीएफओ-01, एफएसओ-00, एफएसएसओ-01, लीडिंग फायरमैन-04, चालक-04, फायरमैन-33
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