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Auraiya News: सोनी ने मझली बेटी अपर्णा को छोड़ दिया था मायके...बची जान
Mon, 08 Sep 2025 12:07 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Mon, 08 Sep 2025 12:07 AM IST
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फोटो 07 एयूआरपी 32 हादसे के बाद चारपाई पर लेटे धर्मेंद्र व मौजूद महिलाएं। । संवाद
औरैया। छोटी बेटी परी को दवा दिलाने निकली सोनी अपनी मझली बेटी अपर्णा को भी ससुराल से साथ लेकर निकली थी। इटावा निकलने से पहले उसने अपर्णा को बिजौली गांव स्थित अपने मायके में छोड़ दिया था। ऐसे में अपर्णा की जान बच गई।
हादसे की सूचना पर इटावा पहुंचे परिजनों ने अपर्णा की भी तलाश की तो पता चला कि वह अपनी नानी के घर पर है। सोनी के पति हरिशचंद्र ने बताया कि उनकी तीन बेटियां थीं। बड़ी बेटी नंदनी (9) कई दिनों से ननिहाल में रह रही थी। रविवार को पत्नी सोनी भतीजे कपिल के साथ गई तो छोटी बेटी परी के साथ मझली बेटी अपर्णा (6) को भी ले गई थी।
हादसे की जानकारी पर जब सभी घटनास्थल पर पहुंचे तो सिर्फ परी (बेटू), कपिल और पत्नी सोनी का ही शव मिला, जबकि अपर्णा का कुछ पता नहीं चल सका था। सभी उसे तलाश में जुट गए थे।
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इस बीच जानकारी मिलने पर सोनी के मायके वाले भी मौके पर आए। उन्होंने बताया कि गांव लौटते समय सोनी वहां गई थी। उसने वहां पर अपर्णा को छोड़ दिया था। हरिशचंद्र ने कहा कि मझली बेटी को किस्मत ने बचा लिया।
तीन की मौत के साथ बुझ गया परिवार का चिराग
अजीतमल। इटावा में महेवा हाईवे पर हुए हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई। इस हादसे के साथ ही दो भाइयों के परिवार का इकलौता चिराग भी बुझ गया। परिजनों के अनुसार चचेरी बहन परी की दवा लेने के लिए कपिल अपनी चाची सोनी के साथ बाइक से इटावा गया था। वहां तीनों हादसे का शिकार हो गए।
अमावता गांव निवासी हरिश्चंद्र गांव में खेती किसानी करते हैं। उनका भाई धर्मेंद्र खेती के साथ ही वीडियोग्राफी का काम भी करता है। रविवार को हरिश्चंद्र की सबसे छोटी बेटी परी (2) की तबीयत खराब हो गई।
इस पर रविवार को धर्मेंद्र का बेटा कवींद्र प्रताप सिंह उर्फ कपिल (24) चचेरी बहन परी व चाची सोनी (34) को बाइक से लेकर इटावा गया था। वहां डॉक्टर को दिखाने के बाद तीनों वापस गांव आ रहे थे। तभी महेवा हाईवे पर हादसा हो गया। भतीजे कपिल समेत मासूम परी और सोनी की जान चली गई।
मृतक कपिल के पिता धर्मेंद्र ने बताया कि भाई हरिश्चंद्र से तीन बेटियों और उससे एक बेटे का परिवार अच्छा खासा था, लेकिन इस घटना ने परिवार का इकलौता चिराग कपिल छीन लिया है। मासूम बेटी परी व सोनी की भी मौत हो गई है।
घटना की सूचना पर परिवार के अन्य लोगों व ग्रामीणों के साथ वह इटावा पहुंचे हैं। पोस्टमार्टम के बाद शवों का अंतिम संस्कार कराया जाएगा। यह बताते हुए धर्मेंद्र फफक-फफक कर रो पड़े।
छिन गया बुढापे का सहारा
इंटर की पढ़ाई पूरी करने के बाद अमावता निवासी कपिल अपने पिता धर्मेंद्र के फोटोग्राफी के काम में सहयोग करने लगा था। जवान बेटे की मौत के बाद बेसुध धर्मेंद्र बार-बार बेटे को याद कर रो रहे हैं। घर के बाहर चारपाई पर लेटे हुए कह रहा कि अब उसके काम में मदद कौन करेगा। अब वह अकेला हो गया है। बुढ़ापे का सहारा भी छिन गया है।
दो बेटियों के सिर से छिना मां का साया
हरिश्चंद्र गांव में रहकर खेती बाड़ी करते हैं। पोस्टमार्टम हाउस में पत्नी सोनी, मासूम बेटी परी को सीने से लगाकर वह काफी देर तक रोता रहा। हरिश्चंद्र ने बताया कि उनके अब दो बेटियां बची है। बड़ी बेटी नंदनी (15) कक्षा 11 में है। वह अपनी ननिहाल इटावा के बिजौली में रहकर पढ़ाई कर रही है। जबकि अपर्णा (4) घर पर ही है। हादसे में सबसे छोटी बेटी परी के साथ सोनी की मौत हो गई है। दोनों बेटियों के सिर से मां का साया उठ गया है।
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हादसे की सूचना पर इटावा पहुंचे परिजनों ने अपर्णा की भी तलाश की तो पता चला कि वह अपनी नानी के घर पर है। सोनी के पति हरिशचंद्र ने बताया कि उनकी तीन बेटियां थीं। बड़ी बेटी नंदनी (9) कई दिनों से ननिहाल में रह रही थी। रविवार को पत्नी सोनी भतीजे कपिल के साथ गई तो छोटी बेटी परी के साथ मझली बेटी अपर्णा (6) को भी ले गई थी।
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हादसे की जानकारी पर जब सभी घटनास्थल पर पहुंचे तो सिर्फ परी (बेटू), कपिल और पत्नी सोनी का ही शव मिला, जबकि अपर्णा का कुछ पता नहीं चल सका था। सभी उसे तलाश में जुट गए थे।
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इस बीच जानकारी मिलने पर सोनी के मायके वाले भी मौके पर आए। उन्होंने बताया कि गांव लौटते समय सोनी वहां गई थी। उसने वहां पर अपर्णा को छोड़ दिया था। हरिशचंद्र ने कहा कि मझली बेटी को किस्मत ने बचा लिया।
तीन की मौत के साथ बुझ गया परिवार का चिराग
अजीतमल। इटावा में महेवा हाईवे पर हुए हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई। इस हादसे के साथ ही दो भाइयों के परिवार का इकलौता चिराग भी बुझ गया। परिजनों के अनुसार चचेरी बहन परी की दवा लेने के लिए कपिल अपनी चाची सोनी के साथ बाइक से इटावा गया था। वहां तीनों हादसे का शिकार हो गए।
अमावता गांव निवासी हरिश्चंद्र गांव में खेती किसानी करते हैं। उनका भाई धर्मेंद्र खेती के साथ ही वीडियोग्राफी का काम भी करता है। रविवार को हरिश्चंद्र की सबसे छोटी बेटी परी (2) की तबीयत खराब हो गई।
इस पर रविवार को धर्मेंद्र का बेटा कवींद्र प्रताप सिंह उर्फ कपिल (24) चचेरी बहन परी व चाची सोनी (34) को बाइक से लेकर इटावा गया था। वहां डॉक्टर को दिखाने के बाद तीनों वापस गांव आ रहे थे। तभी महेवा हाईवे पर हादसा हो गया। भतीजे कपिल समेत मासूम परी और सोनी की जान चली गई।
मृतक कपिल के पिता धर्मेंद्र ने बताया कि भाई हरिश्चंद्र से तीन बेटियों और उससे एक बेटे का परिवार अच्छा खासा था, लेकिन इस घटना ने परिवार का इकलौता चिराग कपिल छीन लिया है। मासूम बेटी परी व सोनी की भी मौत हो गई है।
घटना की सूचना पर परिवार के अन्य लोगों व ग्रामीणों के साथ वह इटावा पहुंचे हैं। पोस्टमार्टम के बाद शवों का अंतिम संस्कार कराया जाएगा। यह बताते हुए धर्मेंद्र फफक-फफक कर रो पड़े।
छिन गया बुढापे का सहारा
इंटर की पढ़ाई पूरी करने के बाद अमावता निवासी कपिल अपने पिता धर्मेंद्र के फोटोग्राफी के काम में सहयोग करने लगा था। जवान बेटे की मौत के बाद बेसुध धर्मेंद्र बार-बार बेटे को याद कर रो रहे हैं। घर के बाहर चारपाई पर लेटे हुए कह रहा कि अब उसके काम में मदद कौन करेगा। अब वह अकेला हो गया है। बुढ़ापे का सहारा भी छिन गया है।
दो बेटियों के सिर से छिना मां का साया
हरिश्चंद्र गांव में रहकर खेती बाड़ी करते हैं। पोस्टमार्टम हाउस में पत्नी सोनी, मासूम बेटी परी को सीने से लगाकर वह काफी देर तक रोता रहा। हरिश्चंद्र ने बताया कि उनके अब दो बेटियां बची है। बड़ी बेटी नंदनी (15) कक्षा 11 में है। वह अपनी ननिहाल इटावा के बिजौली में रहकर पढ़ाई कर रही है। जबकि अपर्णा (4) घर पर ही है। हादसे में सबसे छोटी बेटी परी के साथ सोनी की मौत हो गई है। दोनों बेटियों के सिर से मां का साया उठ गया है।