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Auraiya News: दूज पर मृत भाई का बहन ने किया टीका, एक साथ उठी मां-बेटे की अर्थी
Fri, 24 Oct 2025 11:36 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Fri, 24 Oct 2025 11:36 PM IST
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फोटो-24एयूआरपी11- सरस्वती देवी की फाइल फोटो।
अजीतमल। एक साथ मां-बेटे के अंतिम संस्कार के दूसरे दिन भी परिजन समेत ग्रामीणों में मातम छाया था।
बेटे की संदिग्ध हालत में मौत की सूचना मिलने पर मां की हृदयगति रुकने से मौत हो गई थी। त्योहार के बीच मां-बेटे की मौत की खबर से गांव में मातम का माहौल देखने को मिला। 23 अक्तूबर को जब युवक का शव दूज के दिन गांव पहुंचा तो बहन नम आखों के साथ मृत भाई के माथे पर टीका लगाया। इसे मौजूद लोगों के आंख भी नम हो गई।
अजीतमल थाना क्षेत्र ग्राम भूरेपुर कला निवासी राजेश सिंह सेंगर की ससुराल कानपुर देहात के कस्बा डेरापुर में है। जहां पर उनके ससुर की मौत के बाद ससुराल में सास सरस्वती देवी (60) व इकलौता साला शिवम गौर (26) बचा था। शिवम गाजियाबाद के थाना कोशाम्बी के एक निजी कमल हॉस्पिटल में नौकरी करता था। सास एक माह पहले सास डेरापुर से गांव भूरेपुर आ गई। इधर, 21 अक्टूबर की रात्रि में शिवम की गाजियाबाद के थाना कोशाम्बी में अज्ञात कारणों से मौत हो गई। इसकी सूचना पुलिस ने परिजन को दी। इसके बाद बहनोई समेत अन्य लोग गाजियाबाद पहुंचे।
की मौत की जानकारी के बाद सदमे में मां की हालत बिगड़ गई। परिजन महिला को अस्पताल ले गए। वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शिवम का शव गांव पहुंचा। वहां बहन रूबी ने मृत भाई के माथे पर टीका किया। यह दृश्य देख ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। मां-बेटे की अर्थी एक साल उठी तो कोहराम मच गया। दोनों के शव को यमुना किनारे सिकरोड़ी घाटा ले जाया गया। वहां शिवम के भांजे व महिला के नाती हर्ष सेंगर ने अंतिम संस्कार किया।
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बेटे की संदिग्ध हालत में मौत की सूचना मिलने पर मां की हृदयगति रुकने से मौत हो गई थी। त्योहार के बीच मां-बेटे की मौत की खबर से गांव में मातम का माहौल देखने को मिला। 23 अक्तूबर को जब युवक का शव दूज के दिन गांव पहुंचा तो बहन नम आखों के साथ मृत भाई के माथे पर टीका लगाया। इसे मौजूद लोगों के आंख भी नम हो गई।
अजीतमल थाना क्षेत्र ग्राम भूरेपुर कला निवासी राजेश सिंह सेंगर की ससुराल कानपुर देहात के कस्बा डेरापुर में है। जहां पर उनके ससुर की मौत के बाद ससुराल में सास सरस्वती देवी (60) व इकलौता साला शिवम गौर (26) बचा था। शिवम गाजियाबाद के थाना कोशाम्बी के एक निजी कमल हॉस्पिटल में नौकरी करता था। सास एक माह पहले सास डेरापुर से गांव भूरेपुर आ गई। इधर, 21 अक्टूबर की रात्रि में शिवम की गाजियाबाद के थाना कोशाम्बी में अज्ञात कारणों से मौत हो गई। इसकी सूचना पुलिस ने परिजन को दी। इसके बाद बहनोई समेत अन्य लोग गाजियाबाद पहुंचे।
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की मौत की जानकारी के बाद सदमे में मां की हालत बिगड़ गई। परिजन महिला को अस्पताल ले गए। वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शिवम का शव गांव पहुंचा। वहां बहन रूबी ने मृत भाई के माथे पर टीका किया। यह दृश्य देख ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। मां-बेटे की अर्थी एक साल उठी तो कोहराम मच गया। दोनों के शव को यमुना किनारे सिकरोड़ी घाटा ले जाया गया। वहां शिवम के भांजे व महिला के नाती हर्ष सेंगर ने अंतिम संस्कार किया।
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फोटो-24एयूआरपी11- सरस्वती देवी की फाइल फोटो।