फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   Shadow of Bhadra on Rakshabandhan, sisters will be able to tie Rakhi to brothers in the afternoon

Auraiya News: रक्षाबंधन पर भद्रा का साया, दोपहर बाद भाइयों को राखी बांध सकेंगी बहनें

Mon, 19 Aug 2024 12:07 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 19 Aug 2024 12:07 AM IST
विज्ञापन
Shadow of Bhadra on Rakshabandhan, sisters will be able to tie Rakhi to brothers in the afternoon
अछल्दा। भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन 19 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन भद्रा का साया रहेगा। ज्योतिषाचार्य अर्पित दीक्षित ने बताया कि श्रावण मास की पूर्णिमा को रक्षाबंधन पर्व मनाया जाता है।
विज्ञापन


इस बार 19 अगस्त की सुबह तीन बजकर पांच मिनट सेे रात्रि 11.55 बजे तक पूर्णिमा रहेगी। इस दिन सुबह 5:22 बजे से दोपहर 1.33 बजे तक भद्रा रहेगी। जो ज्यादा अशुभ तो नहीं है, लेकिन रक्षासूत्र बांधने के लिए उचित नहीं है। दोपहर 1.33 बजे के बाद भद्रा समाप्त होने पर रक्षाबंधन पर्व मनाना शुभ रहेगा। राखी बांधने का शुभ मुहूर्त में दोपहर 2:08 से शाम 8:21 मिनट तक बहनों अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांध सकती हैं। शुभ मुहूर्त में बहनें भाइयों की कलाइयों में राखी बांधकर उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और समृद्धि की कामना करें तो निश्चित ही उनको आशीर्वाद मिलेगा।
विज्ञापन


रुरुखुर्द गांव निवासी ज्योतिषाचार्य पंडित श्याम बिहारी दुबे ने बताया कि भद्रा मकर राशि पर 18 अगस्त को रात्रि दो बजकर 21 मिनट से 19 अगस्त की दोपहर एक बजकर 24 मिनट तक है। कुंभ राशि पर भद्रा 19 अगस्त रात्रि आठ बजकर 13 मिनट के बाद प्रारंभ हो रही है, लेकिन 19 अगस्त पूरा दिन भद्रा पृथ्वी लोक की बजाय स्वर्ग लोक में मकर राशि पर भद्रा स्वर्ग लोक में होने से 19 को दिनभर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त है।
विज्ञापन
विज्ञापन

शास्त्रों में उल्लेख है की मेष राशि व मकर राशि पर भद्रा होने पर स्वर्ग लोक में भद्रा का वास होता है। स्वर्ग लोक में भद्रा होने पर कोई भी कार्य करने पर शुभ कहा जाता है साथ ही दिन भर भद्रा रात्रि या रात्रि का भद्रा दिन में हो तो दोषकरन होकर कल्याणकारक होता है। 19 अगस्त को दिनभर मकर राशि पर भद्रा है रात्रि आठ बजकर 13 मिनट के बाद कुंभ राशि पर भद्रा पृथ्वी लोक पर हो रहा है इसलिए रक्षाबंधन प्रात: पांच बजकर 36 मिनट से रात्रि आठ बजकर 12 मिनट तक रक्षाबंधन राखी बांधने का शुभ मुहूर्त है


ज्योतिषाचार्य अर्पित दीक्षित बताते है कि दंत कथाओं की माने तो ऐसा माना जाता है कि भद्रा काल में ही सूर्पनखा ने अपने भाई रावण को भद्रा में राखी बांधी थी, जिसके कारण रावण का विनाश हो गया था। इस कारण लोग भद्रा काल में राखी बांधने से मना करते हैं तो वही यह भी कहा जाता है कि इस काल में शिव गुस्से में तांडव करते हैं। कोई उनके गुस्से का शिकार ना हो इसलिए लोग इस काल में शुभ काम करने के बचते हैं।

राशि के अनुसार बांधे रक्षा सूत्र

मेष- लाल केसरिया या पीले रंग की राखी।

वृषभ- नीला रंग या चांदी की राखी।

मिथुन- हरे रंग की राखी।

कर्क-सफेद धागा य मोती से निमिज़्त राखी।

सिंह- गुलाबी लाल या केसरिया रंग की राखी।

कन्या- सफेद या हरे रंग की राखी।

तुला- फिरोजी या जामुनी रंग की।

वृश्चिक-लाल रंग की राखी।

धनु- पीले रंग की राखी।

मकर- गहरी लाल रंग की राखी।

कुंभ- रुद्राक्ष से निमिज़्त राखी।

मीन- पीला या सफेद रंग की राखी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed