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औरैयाः प्रतापपुर में भीषण जलभराव, लोग हो रहे बीमार
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प्रतापपुर में जलभराव से घरों में भरा पानी। संवाद
- फोटो : AURAIYA
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ककोर। सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम उसरारी के मजरा प्रतापपुर में 15 दिन से बारिश का पानी भरा होने से मुसीबत खड़ी हो गई है। जलनिकासी न होने से कई घरों तक पानी पहुंच रहा है। लोग ऊंचे स्थानों पर चारपाई डाल कर रात गुजार रहे हैं। वहीं, जलभराव होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है और गांव के लोग बीमार भी हो रहे हैं।
प्रतापपुर में ज्यादातर बंजारे समाज के लोग रहते हैं। गांव की आबादी 700 है। गांव में जलनिकासी का कोई इंतजाम न बोने पर हर बार बारिश के दिनों में गांव में पानी भर जाता है। गांव के जोरावर सिंह, ओछेलाल, उदय सिंह ने बताया कि गांव निचले हिस्से में बसा है, इसके अलावा निकासी के लिए नालियां भी नहीं है। इधर खेतों में भरने वाला पानी भी गांव में बह कर आ जाता है। इससे परेशानी और बढ़ जाती है। इस बार लगातार पानी बरसने से 15 दिन से गांव में पानी भरा है।
घरों तक पानी पहुंचने से तमाम लोगों के लकड़ी, कंडे, जानवरों के लिए रखा भूसा बर्बाद हो गया है। वहीं जंगली कीड़ों के निकलने के साथ ही मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ा है। इससे गांव के चरण सिंह, जसवंत सिंह, पुत्तू सिंह व राजू समेत कई लोग बुखार से ग्रसित हो गए हैं। इसके अलावा जलभराव में आवागमन करने से उदय सिंह, वेद सिंह, जोरावर सिंह, बाबू सिंह, आछेलाल समेत कई लोग चर्म रोग से पीड़ित हैं।
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ग्रामीणों ने जलभराव से निजात के लिए कई बार ग्राम प्रधान संत कुमार से गुहार लगाई जा चुकी है। इधर, जलभराव और लोगों के बीमार होने की जानकारी पर शुक्रवार को लेखपाल राकेश माथुर गांव पहुंचे। लोगों के हुए नुकसान का आकलन किया। लेखपाल ने बताया कि रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
गांव के बालक राम बताते हैं कि वर्षों से गांव के लोग जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। बारिश के पानी के बीच लोगों को गुजर बसर करना पड़ रहा है। इससे त्वचा संबंधी रोग भी हो जाते हैं। इसके अलावा मवेशियों को रखने में भी परेशानी हो रही है। चरण सिंह ने बताया कि घरों के बाहर तक पानी भर जाने से कई परिवार ऊंचे स्थान पर तिरपाल डाल कर रात गुजार रहे हैं।
वहीं कुछ लोग खेत, खलिहानों में डेरा डाले हैं। कई बार कहने के बाद भी अभी तक समस्या दूर नहीं हुई। एसडीएम मनोज कुमार सिंह ने कहा कि प्रतापपुर गांव में जलभराव की जानकारी मिली है। लेखपाल के साथ राजस्व टीम भेजी गई है। जल निकासी की व्यवस्था कराकर कीटनाशक दवा का छिड़काव कराया जाएगा।
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प्रतापपुर में ज्यादातर बंजारे समाज के लोग रहते हैं। गांव की आबादी 700 है। गांव में जलनिकासी का कोई इंतजाम न बोने पर हर बार बारिश के दिनों में गांव में पानी भर जाता है। गांव के जोरावर सिंह, ओछेलाल, उदय सिंह ने बताया कि गांव निचले हिस्से में बसा है, इसके अलावा निकासी के लिए नालियां भी नहीं है। इधर खेतों में भरने वाला पानी भी गांव में बह कर आ जाता है। इससे परेशानी और बढ़ जाती है। इस बार लगातार पानी बरसने से 15 दिन से गांव में पानी भरा है।
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घरों तक पानी पहुंचने से तमाम लोगों के लकड़ी, कंडे, जानवरों के लिए रखा भूसा बर्बाद हो गया है। वहीं जंगली कीड़ों के निकलने के साथ ही मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ा है। इससे गांव के चरण सिंह, जसवंत सिंह, पुत्तू सिंह व राजू समेत कई लोग बुखार से ग्रसित हो गए हैं। इसके अलावा जलभराव में आवागमन करने से उदय सिंह, वेद सिंह, जोरावर सिंह, बाबू सिंह, आछेलाल समेत कई लोग चर्म रोग से पीड़ित हैं।
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ग्रामीणों ने जलभराव से निजात के लिए कई बार ग्राम प्रधान संत कुमार से गुहार लगाई जा चुकी है। इधर, जलभराव और लोगों के बीमार होने की जानकारी पर शुक्रवार को लेखपाल राकेश माथुर गांव पहुंचे। लोगों के हुए नुकसान का आकलन किया। लेखपाल ने बताया कि रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
गांव के बालक राम बताते हैं कि वर्षों से गांव के लोग जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। बारिश के पानी के बीच लोगों को गुजर बसर करना पड़ रहा है। इससे त्वचा संबंधी रोग भी हो जाते हैं। इसके अलावा मवेशियों को रखने में भी परेशानी हो रही है। चरण सिंह ने बताया कि घरों के बाहर तक पानी भर जाने से कई परिवार ऊंचे स्थान पर तिरपाल डाल कर रात गुजार रहे हैं।
वहीं कुछ लोग खेत, खलिहानों में डेरा डाले हैं। कई बार कहने के बाद भी अभी तक समस्या दूर नहीं हुई। एसडीएम मनोज कुमार सिंह ने कहा कि प्रतापपुर गांव में जलभराव की जानकारी मिली है। लेखपाल के साथ राजस्व टीम भेजी गई है। जल निकासी की व्यवस्था कराकर कीटनाशक दवा का छिड़काव कराया जाएगा।

प्रतापपुर गांव में जलभराव से होकर गुजरते बच्चे। संवाद- फोटो : AURAIYA