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एसडीओ का बेटा मुक्त, चार अपहरणकर्ता गिरफ्तार

Fri, 09 Nov 2018 11:57 PM IST
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auraiya Updated Fri, 09 Nov 2018 11:57 PM IST
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SDO's son free, arrest four kidnappers
अपहरणकर्ताओं की जानकारी देते एसपी प्रो.त्रिवेणी सिंह। - फोटो : amarujala
 एसडीओ(बिजली) के नाबालिग बेटे सदैव उर्फ राजा (15)के अपहरण के मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। एक अपहरणकर्ता भाग गया।  सदैव का अपहरण जालौन रोड पर जानकी वाटिका गेस्ट हाउस के सामने से मंगलवार की शाम असलहों से लैस पांच बदमाशों ने 20 लाख रुपये की फिरौती वसूलने के लिए किया था। अपहरण के मुख्य सूत्रधार प्रखर मिश्रा का एसडीओ के घर में लगभग तीन माह से आना जाना था।  
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शहर में रहने वाले व रनियां में बिजली विभाग में एसडीओ के पद पर तैनात गजेंद्र सिंह के नाबालिग बेटे सदैव उर्फ राजा का मंगलवार की शाम अपहरण हो गया था। सदैव मंगलवार की शाम घर से स्टेडियम में फुटबाल खेलने स्कूटी से निक ला था। बैग घर के पास रखे ट्रांसफार्मर के पास से बरामद हुआ था। पिता की तहरीर पर पुलिस ने उसी दिन अपहरण का मामला दर्ज किया था। गुरुवार तड़के सुबह लगभग तीन बजे पुलिस ने सदर कोतवाली क्षेत्र में कानपुर रोड पर स्थित देव होटल के ठीक पीछे सूनसान इलाके में खाली पड़े मकान में छापेमारी की। यहां एक कमरे में एसडीओ  सदैव उर्फ राजा  रस्सियों से बंधा मिला। उसके मुंह पर टेप लगा हुआ था। पुलिस ने घेराबंदी कर प्रखर मिश्रा पुत्र उमाकांत मिश्रा निवासी संकट हरण मंदिर के पास महोबिया टोला, शिवम पुत्र विनोद तिवारी निवासी भियांपुर थाना दिबियापुर, निखिल उर्फ रामपाल पुत्र प्रेमचंद्र निवासी नरायनपुर गमा देवी मंदिर के पास कोतवाली औरैया, अमित उर्फ नागेश पुत्र राजेश तिवारी निवासी ग्राम भियांपुर थाना दिबियापुर को गिरफ्तार कर लिया। लवकुश तिवारी पुत्र विनोद तिवारी निवासी ग्राम भियांपुर भाग गया। एसपी प्रो. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि आरोपी शातिर प्रवृत्ति के हैं। प्रखर मिश्रा ने साथियों के साथ एसडीओ के पुत्र का 20 लाख रुपये की फिरौती वसूलने के लिए अपहरण कराया था। प्रखर ने अन्य साथियों को पचास हजार रुपये देने का लालच दिया था। सभी को जेल भेज दिया गया है। आरोपियों के पास से चार तमंचे, कारतूस व सदैव की स्कूटी बरामद की गई। एसपी ने 48 घंटे में घटना का खुलासा करने पर  टीम को दस हजार रुपये के नगद इनाम की घोषणा की है। साथ ही आईजी जोन से सम्मानित कराने के लिए भी कहा है।  
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 देरी होती तो किशोर की जा सकती थी जान
औरैया। इंस्पेक्टर विनोद कुमार शुक्ला व एसआई पान सिंह की रणनीति ने सदैव को समय रहते मौत के मुंह में जाने से बचा लिया। अगर देर हो जाती तो सदैव की जान भी जा सकती थी। सूनसान मकान की स्थिति से लग रहा था कि वहां पहले भी अपहरण के बाद लोगों को रखा गया हो।
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 मुख्य आरोपी ने संभाली थी नई कार की कमान
औरैया। सदैव उर्फ राजा की शिक्षिका मां को स्कूल छोड़ने के लिए कार खरीदी गई थी। लोगों के मुताबिक प्रखर मिश्रा शिक्षिका को स्कूल छोड़ने और छुट्टी के बाद लेने जाता था।  प्रखर मिश्रा पर सदर कोतवाली में अपहरण, लूट, गुंडा एक्ट, गैंगस्टर, आर्म्स एक्ट व हत्या का प्रयास के सात मामले दर्ज हैं। 
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