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साधू की चोटी नोंचने वालों को एसडीएम ने भेजा जेल
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अजीतमल। क्षेत्र के गांव रहमापुर स्थित एक मंदिर के पुजारी की चोटी नोंचने वाले दो लोगों को एसडीएम कोर्ट ने जेल भेजा है। हालांकि पुलिस ने आरोपियों के साथ-साथ पीड़ित साधू का भी शांति भंग में चालान कर किया था, लेकिन एसडीएम ने उसे छोड़ दिया।
रहमापुर गांव स्थित एक चबूतरे पर अयोध्या से चार माह पूर्व आए एक साधू विनय दास उर्फ बीनू अवस्थी ने मूर्तियों को रखकर मंदिर का रूप दिया है। तब से वह पूजा अर्चना करते चला आ रहे हैं। पूर्व में गांव के ही कुछ लोगों ने इस पर कब्जा करने की कोशिश भी की थी। जिसे लेकर साधु से उनका आए दिन विवाद होता था। सोमवार की देर रात वह मंदिर के चबूतरे पर आराम कर रहे थे, तभी गांव के अराजक तत्वों ने साधू की चोटी नोच ली।
साथ ही जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद कार्रवाई के डर से आरोपियों ने साधु को गालियां दीं और मारपीट कर दलित उत्पीड़न की तहरीर भी कोतवाली में दे दी। जब साधु विनय दास उर्फ वीनू अवस्थी कोतवाली पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें व उनके भाई अमित को हवालात में बंद कर दिया। पुलिस ने एक पक्ष से साधु विनय दास उर्फ वीनू अवस्थी और उके भाई अमित तथा दूसरे पक्ष से नरेंद्र सिंह व उसके पिता ब्रह्मदत्त पर शांतिभंग की कार्रवाई की। चारों का चालान कर दिया।
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लेकिन जब विनय दास एसडीएम अजीतमल अखिलेश कुमार की कोर्ट में गए और सुनवाई के दौरान अपनी व्यथा बताई तो एसडीएम ने दूसरे पक्ष के नरेंद्र सिंह व उसके पिता ब्रह्मदत्त को जेल भेज दिया। साथ ही साधू विनय दास एवं उनके भाई को बेल देकर छोड़ दिया। थाना प्रभारी अजीतमल नवीन कुमार ने बताया कि साधू की भी शिकायतें हैं। पुलिस ने जांच कर कार्रवाई की थी।
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रहमापुर गांव स्थित एक चबूतरे पर अयोध्या से चार माह पूर्व आए एक साधू विनय दास उर्फ बीनू अवस्थी ने मूर्तियों को रखकर मंदिर का रूप दिया है। तब से वह पूजा अर्चना करते चला आ रहे हैं। पूर्व में गांव के ही कुछ लोगों ने इस पर कब्जा करने की कोशिश भी की थी। जिसे लेकर साधु से उनका आए दिन विवाद होता था। सोमवार की देर रात वह मंदिर के चबूतरे पर आराम कर रहे थे, तभी गांव के अराजक तत्वों ने साधू की चोटी नोच ली।
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साथ ही जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद कार्रवाई के डर से आरोपियों ने साधु को गालियां दीं और मारपीट कर दलित उत्पीड़न की तहरीर भी कोतवाली में दे दी। जब साधु विनय दास उर्फ वीनू अवस्थी कोतवाली पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें व उनके भाई अमित को हवालात में बंद कर दिया। पुलिस ने एक पक्ष से साधु विनय दास उर्फ वीनू अवस्थी और उके भाई अमित तथा दूसरे पक्ष से नरेंद्र सिंह व उसके पिता ब्रह्मदत्त पर शांतिभंग की कार्रवाई की। चारों का चालान कर दिया।
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लेकिन जब विनय दास एसडीएम अजीतमल अखिलेश कुमार की कोर्ट में गए और सुनवाई के दौरान अपनी व्यथा बताई तो एसडीएम ने दूसरे पक्ष के नरेंद्र सिंह व उसके पिता ब्रह्मदत्त को जेल भेज दिया। साथ ही साधू विनय दास एवं उनके भाई को बेल देकर छोड़ दिया। थाना प्रभारी अजीतमल नवीन कुमार ने बताया कि साधू की भी शिकायतें हैं। पुलिस ने जांच कर कार्रवाई की थी।