{"_id":"5d5702e18ebc3e89f66a9a00","slug":"sdm-could-not-resolve-the-drain-dispute-auraiya-news-knp507807063","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाली के विवाद का एसडीएम बिधूना नहीं कर सके निस्तारण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाली के विवाद का एसडीएम बिधूना नहीं कर सके निस्तारण
विज्ञापन
SDM could not resolve the drain dispute
- फोटो : AURAIYA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहायल (औरैया)। बर्रु में नाली का विवाद तूल पकड़ता नजर आ रहा है। शुक्रवार को दोबारा कुछ लोगों ने नाली का पानी बंद कर दिया।
शुक्रवार को कुछ लोगों ने नाली का पानी रोक दिया, जिससे बरसात का पानी सड़कों पर भर गया। ग्रामीणों को निकलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, जिसकी सूचना थाना प्रभारी निरीक्षक सोमेंद्र सिंह को दी। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी निरीक्षक ने मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दी। जिसके बाद उपजिलाधिकारी बिधूना रमापति व सदर श्योदान सिंह ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से बात की। कोई हल नहीं निकला तो उपजिलाधिकारी ने दोनों पक्षों को बैठाकर बातचीत की। इससे भी हल न निकल सका। धीरे-धीरे माहौल तनावपूर्ण हो गया। मौके पर उपजिलाधिकारी बिधूना रमापति, सीओ सदर श्योदान सिंह थाना प्रभारी निरीक्षक सोमेंद्र सिंह, हल्का इंचार्ज अवनीश कुमार समेत कई पुलिस कर्मी मौजूद रहे। गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान रामविलास पर आरोप लगाया कि प्रधान एक तरफा कार्रवाई कराने की जिद पर अड़े हुए हैं। ग्रामीण उदय, बबलू ,महेश ने कहा कि प्रधान ही मामले का निस्तारण नहीं होने दे रहे हैं। मामला उस समय तूल पकड़ गया जब प्रशासनिक अधिकारियों के सामने ही ग्राम प्रधान रामविलास व ग्रामीणों में तू तू मैं मैं होने लगी।
एक तरफ जहां प्रदेश सरकार लोगों की तत्काल समस्याओं का निस्तारण करने के लिए समय-समय पर अधिकारियों को निर्देश करती हुई नजर आ रही है, लेकिन बर्रु गांव के नाली के मामले में प्रशासन बैक फुट पर नजर आ रहा है। बर्रु में नाली विवाद में दो बार बिधूना उपजिलाधिकारी रमापति मौके पर जाकर मामले की जांच कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई निस्तारण नहीं किया जा सका है। जिससे आए दिन विवाद होने की आशंका बनी हुई है, जबकि ग्रामीणों ने बताया कि कई वर्षों पुरानी नाली बनी हुई है। लेकिन फिर भी उस नाली में नाली का पानी क्यों नहीं निकाला जा रहा है।
विज्ञापन
उपजिलाधिकारी बिधूना रमापति ने बताया कि मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है, दोनों पक्षों से कई घंटे बातचीत की गई लेकिन कोई निस्तारण नहीं हो सका। फिलहाल अभी पानी को नहीं खुलवाया जा सका है।
विज्ञापन
शुक्रवार को कुछ लोगों ने नाली का पानी रोक दिया, जिससे बरसात का पानी सड़कों पर भर गया। ग्रामीणों को निकलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, जिसकी सूचना थाना प्रभारी निरीक्षक सोमेंद्र सिंह को दी। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी निरीक्षक ने मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दी। जिसके बाद उपजिलाधिकारी बिधूना रमापति व सदर श्योदान सिंह ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से बात की। कोई हल नहीं निकला तो उपजिलाधिकारी ने दोनों पक्षों को बैठाकर बातचीत की। इससे भी हल न निकल सका। धीरे-धीरे माहौल तनावपूर्ण हो गया। मौके पर उपजिलाधिकारी बिधूना रमापति, सीओ सदर श्योदान सिंह थाना प्रभारी निरीक्षक सोमेंद्र सिंह, हल्का इंचार्ज अवनीश कुमार समेत कई पुलिस कर्मी मौजूद रहे। गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान रामविलास पर आरोप लगाया कि प्रधान एक तरफा कार्रवाई कराने की जिद पर अड़े हुए हैं। ग्रामीण उदय, बबलू ,महेश ने कहा कि प्रधान ही मामले का निस्तारण नहीं होने दे रहे हैं। मामला उस समय तूल पकड़ गया जब प्रशासनिक अधिकारियों के सामने ही ग्राम प्रधान रामविलास व ग्रामीणों में तू तू मैं मैं होने लगी।
विज्ञापन
एक तरफ जहां प्रदेश सरकार लोगों की तत्काल समस्याओं का निस्तारण करने के लिए समय-समय पर अधिकारियों को निर्देश करती हुई नजर आ रही है, लेकिन बर्रु गांव के नाली के मामले में प्रशासन बैक फुट पर नजर आ रहा है। बर्रु में नाली विवाद में दो बार बिधूना उपजिलाधिकारी रमापति मौके पर जाकर मामले की जांच कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई निस्तारण नहीं किया जा सका है। जिससे आए दिन विवाद होने की आशंका बनी हुई है, जबकि ग्रामीणों ने बताया कि कई वर्षों पुरानी नाली बनी हुई है। लेकिन फिर भी उस नाली में नाली का पानी क्यों नहीं निकाला जा रहा है।
विज्ञापन
उपजिलाधिकारी बिधूना रमापति ने बताया कि मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है, दोनों पक्षों से कई घंटे बातचीत की गई लेकिन कोई निस्तारण नहीं हो सका। फिलहाल अभी पानी को नहीं खुलवाया जा सका है।