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स्कूलों में तैयार होगी डिजिटल लिट्रेसी, एक क्लिक पर मिलेगी हर जानकारी
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औरैया। माध्यमिक शिक्षा विभाग डिजिटल लिट्रेसी की मदद से स्कूलों में शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाएगा। इसके लिए हर स्कूल की वेबसाइट तैयारी होगी। इसमें हर स्कूल का कोर्स, वहां रोजाना होने वाली गतिविधियां, स्कूलों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध होगी। छात्र-छात्राएं घर बैठे पढ़ाई कर सकेंगे। डीआईओएस ने प्रधानाचार्यों को शत-प्रतिशत बच्चों की ई-मेल आईडी और अन्य जानकारियां वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।
कोविड संक्रमण के बीच प्रभावित हो रही शैक्षिक गतिविधियों को पटरी पर लाने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग खुद को हाईटेक बनाने जा रहा है। बोर्ड के शताब्दी वर्ष पूरा होने के बाद शैक्षिक पाठ्यक्रम की डिजिटल लिट्रेसी तैयार करने की योजना बनाई गई है।
जिले में संचालित 15 राजकीय, 60 सहायता प्राप्त इंटर कॉलेज और 200 वित्त विहीन स्कूलों की वेबसाइट तैयार होगी। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों के प्रधानाचार्य को पत्र जारी करके स्कूल की वेबसाइट तैयार करके शैक्षणिक एवं स्कूल की गतिविधियों को अपलोड करने के लिए कहा है। इतना ही नहीं स्कूल में पंजीकृत शत-प्रतिशत बच्चों की ई-मेल आईडी तैयार करने को कहा गया है। सभी विषयों की डिजिटल लिट्रेसी तैयार करके अपलोड होगी। नये एकेडमिक कैलेंडर में वेबसाइट को प्रदर्शित करना होगा।
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स्कूल की वेबसाइट तैयार होने के बाद कोर्स पूरा करने में परेशानी नहीं होगी। कोरोना या फिर किसी अन्य कारणों से स्कूलों के बंद होने पर भी छात्र-छात्राएं घर बैठे अपने कोर्स के बारे में जानकारी कर सकेंगे और अध्ययन करेंगे। इससे स्कूलों के शैक्षिक कार्य प्रभावित नहीं होंगे। इससे शिक्षण कार्य में भी सहूलियत होगी।
डीआईओएस चंद्रशेखर मालवीय ने बताया कि डिजिटल लिट्रेसी के तहत स्कूल का पूरा विवरण वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। जिसमें छात्र संख्या, पाठ्यक्रम, शिक्षकों की तैनाती, विषय विशेषज्ञों की जानकारी, कॉलेज की उपलब्धियां, प्लेसमेंट, संचालित हो रहे कोर्स, दैनिक शिक्षण कार्य की गतिविधि आदि अपलोड की जानी है। सभी को बोर्ड के निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
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कोविड संक्रमण के बीच प्रभावित हो रही शैक्षिक गतिविधियों को पटरी पर लाने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग खुद को हाईटेक बनाने जा रहा है। बोर्ड के शताब्दी वर्ष पूरा होने के बाद शैक्षिक पाठ्यक्रम की डिजिटल लिट्रेसी तैयार करने की योजना बनाई गई है।
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जिले में संचालित 15 राजकीय, 60 सहायता प्राप्त इंटर कॉलेज और 200 वित्त विहीन स्कूलों की वेबसाइट तैयार होगी। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों के प्रधानाचार्य को पत्र जारी करके स्कूल की वेबसाइट तैयार करके शैक्षणिक एवं स्कूल की गतिविधियों को अपलोड करने के लिए कहा है। इतना ही नहीं स्कूल में पंजीकृत शत-प्रतिशत बच्चों की ई-मेल आईडी तैयार करने को कहा गया है। सभी विषयों की डिजिटल लिट्रेसी तैयार करके अपलोड होगी। नये एकेडमिक कैलेंडर में वेबसाइट को प्रदर्शित करना होगा।
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स्कूल की वेबसाइट तैयार होने के बाद कोर्स पूरा करने में परेशानी नहीं होगी। कोरोना या फिर किसी अन्य कारणों से स्कूलों के बंद होने पर भी छात्र-छात्राएं घर बैठे अपने कोर्स के बारे में जानकारी कर सकेंगे और अध्ययन करेंगे। इससे स्कूलों के शैक्षिक कार्य प्रभावित नहीं होंगे। इससे शिक्षण कार्य में भी सहूलियत होगी।
डीआईओएस चंद्रशेखर मालवीय ने बताया कि डिजिटल लिट्रेसी के तहत स्कूल का पूरा विवरण वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। जिसमें छात्र संख्या, पाठ्यक्रम, शिक्षकों की तैनाती, विषय विशेषज्ञों की जानकारी, कॉलेज की उपलब्धियां, प्लेसमेंट, संचालित हो रहे कोर्स, दैनिक शिक्षण कार्य की गतिविधि आदि अपलोड की जानी है। सभी को बोर्ड के निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।