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रैली निकालकर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के प्रति किया जागरुक
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फोटो 18एयूआरपी06- कस्बा फफूंद में बेटी बचाओ जागरुकता रैली निकालते बच्चे
- फोटो : AURAIYA
फफूंद (औरैया)। राष्ट्रीय सेवा योजना के बैनर तले कस्बे में बुधवार को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जन जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। छात्र-छात्राओं ने कस्बावासियों को बेटियों की खूबियां बताईं।
बुधवार को राम कुमार भारतीय ज्ञान देवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्रों ने राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जागरूकता रैली निकाली। रैली को संस्था के निदेशक सुल्तान अहमद व प्रबंधक मुकेश भारतीय ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रबंधक मुकेश भारतीय ने कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में काम कर रहीं हैं, उन्हें कमजोर समझना कमजोर लोगों की पहचान है। कहा कि आज हम 21वीं सदी के भारत में हैं जहां एक ओर चांद पर जाने की बातें होती हैं, वहीं दूसरी तरफ भारत की बेटियां अपने घर से बाहर निकलने में भी कतरा रही हैं। जिससे यह पता लगता है कि आज का भारत देश पुरुष प्रधान देश है।
लोगों की सोच इस कदर बदल गई है कि आए दिन देश में कन्या भ्रूण हत्या और शोषण जैसे मामले देखने को मिलते रहते हैं। जिसके कारण हमारे देश की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि दूसरे देशों के लोग हमारे भारत देश में आने से झिझकने लगे हैं। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि जिस देश में महिलाओं का सम्मान नहीं होता, उस देश की प्रगति कभी भी नहीं हो सकती। रैली के दौरान गिरिजा शंकर दुबे, संतोष कुमार राय, रजत कुमार, प्रवीण सक्सेना, मारुति चंद, मनोज यादव, प्रदीप कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
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बुधवार को राम कुमार भारतीय ज्ञान देवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्रों ने राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जागरूकता रैली निकाली। रैली को संस्था के निदेशक सुल्तान अहमद व प्रबंधक मुकेश भारतीय ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रबंधक मुकेश भारतीय ने कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में काम कर रहीं हैं, उन्हें कमजोर समझना कमजोर लोगों की पहचान है। कहा कि आज हम 21वीं सदी के भारत में हैं जहां एक ओर चांद पर जाने की बातें होती हैं, वहीं दूसरी तरफ भारत की बेटियां अपने घर से बाहर निकलने में भी कतरा रही हैं। जिससे यह पता लगता है कि आज का भारत देश पुरुष प्रधान देश है।
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लोगों की सोच इस कदर बदल गई है कि आए दिन देश में कन्या भ्रूण हत्या और शोषण जैसे मामले देखने को मिलते रहते हैं। जिसके कारण हमारे देश की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि दूसरे देशों के लोग हमारे भारत देश में आने से झिझकने लगे हैं। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि जिस देश में महिलाओं का सम्मान नहीं होता, उस देश की प्रगति कभी भी नहीं हो सकती। रैली के दौरान गिरिजा शंकर दुबे, संतोष कुमार राय, रजत कुमार, प्रवीण सक्सेना, मारुति चंद, मनोज यादव, प्रदीप कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
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