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Auraiya News: मढ़ादासपुर में बनेगा सारस इंटरप्रिटेशन सेंटर
Sun, 11 Jun 2023 11:52 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sun, 11 Jun 2023 11:52 PM IST
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सोमवार विशेष
फोटो11एयूआरपी 01 - मढ़ादासपुर क्षेत्र में जमीन पर विचरण करते सारस। संवाद
फोटो11एयूआरपी 02 - खुले आसमान में आजादी की हवा में उड़ते सारस। संवाद
-वन विभाग ने 71 लाख 81 हजार रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
दिबियापुर। अछल्दा की ग्राम पंचायत औरों के मजरा मढ़ादासपुर में सारस इंटरप्रिटेशन सेंटर का निर्माण होगा। यहां प्रदेश भर से पहुंचने वाले पर्यटक सारस के बारे में जानकारियां इकट्ठा कर सकेंगे। इसके लिए वन विभाग ने 71 लाख 81 हजार रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
उत्तर प्रदेश का राजकीय पक्षी सारस औरैया जिले के अछल्दा के साथ औरैया, अजीतमल और बिधूना रेंज में बहुतायत में पाए जाते हैं। अछल्दा विकासखंड क्षेत्र के वीरपुर, बसौली, तुरुकपुर, साजनपुर, विजयपुर, सुभानपुर, मढ़ादासपुर के आसपास सारस की संख्या अधिक है। इसके चलते सरकार अब अछल्दा क्षेत्र में सारस केंद्र बनाने की तैयारी कर रहा है। पर्यावरण से जोड़कर इनके व्यवहार के बारे में अध्ययन हो सके। वन एवं वन्यजीव विभाग ने औरैया की अछल्दा रेंज और आसपास के इलाके में सारसों की गणना के निर्देश भी दिए हैं। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2023-24 में सारस इंटरप्रिटेशन सेंटर के निर्माण के लिए 31 मई को 71 लाख 81 हजार रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। इसके लिए गांव मढ़ादासपुर में वन विभाग की जमीन को उनके अनुकूल विकसित किया जाएगा। यहां पर्यटकों को सेंटर तक पहुंचने के लिए संपर्क मार्ग का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। पर्यटकों के बैठने के लिए बेंच का निर्माण, पौधरोपण, सारस की प्रजातियों के बारे में जानकारी के लिए होर्डिंग्स लगेंगे। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार गत वर्ष जून 2022 में हुए सर्वे में गांव मढ़ादासपुर में 155 सारस, 16 बच्चे पाए गए थे। अभी इस वर्ष का सर्वे चल रहा है।
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सारस प्रेम का प्रतीक कहलाता
सारस एक विशाल उड़ने वाला पक्षी है। सारस पक्षी का एक विशिष्ट सांस्कृतिक महत्व है। विश्व के प्रथम ग्रंथ रामायण की पहली कविता का श्रेय सारस पक्षी को जाता है। रामायण का आरंभ एक प्रणयरत सारस युगल के वर्णन से होता है। आखेटक द्वारा सारस के एक जोड़े में से एक की हत्या कर दी जाती है। तब जोड़े का दूसरा पक्षी वियोग में अपने प्राण त्याग देता है। सारस को प्रेम का प्रतीक बताया जाता है। यह पूरे जीवन में एक बार ही जोड़ा बनाता है। अगर किसी दुर्घटना में एक की मृत्यु हो जाती है तो जोड़े का दूसरा पक्षी जीवन भर अकेला ही रहता है। सारस की पूरे विश्व में कुल आठ प्रजातियां पाईं जातीं हैं। इनमें से चार प्रजातियां भारत में पाईं जातीं हैं। साइबेरियन क्रेन भारत में से वर्ष 2002 में विलुप्त हो गई थी।
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राजकीय पक्षी सारस को नहीं पाल सकता कोई
उत्तर प्रदेश में आरिफ नाम के व्यक्ति द्वारा सारस को पालने का मामला काफी सुर्खियों में रहा था। इसके बाद राज्य वन्य जीव बोर्ड की बैठक हुई थी। इसमें तय हुआ था कि राजकीय पक्षी सारस को कोई घर पर नहीं पाल सकेगा। बता दें कि आरिफ को अगस्त 2022 में एक सारस घायल अवस्था में मिला था। आरिफ ने उसका इलाज किया था। तब से सारस आरिफ के साथ ही रहने लगा था। बाद में आरिफ को प्रशासन ने एक नोटिस भी जारी किया था। वन विभाग सारस को अपने साथ ले गया था। साथ ही आरिफ के खिलाफ केस भी दर्ज किया था। राज्य वन्य जीव बोर्ड की बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के राज्य पशु बारह सिंघा और राज्य पक्षी सारस के संरक्षण के लिए प्रयास करनेे के निर्देश दिए थे।
वर्जन
सारस के बारे में जानकारी देने के लिए इंटरप्रिटेशन सेंटर बनाया जाना है। यहां सारस के बारे में जानकारियां उपलब्ध होगीं। सारस के मॉडल भी होंगे। इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया है। विक्रम सिंह सचान, एसडीओ अछल्दा वन प्रभाग
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फोटो11एयूआरपी 01 - मढ़ादासपुर क्षेत्र में जमीन पर विचरण करते सारस। संवाद
फोटो11एयूआरपी 02 - खुले आसमान में आजादी की हवा में उड़ते सारस। संवाद
-वन विभाग ने 71 लाख 81 हजार रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
दिबियापुर। अछल्दा की ग्राम पंचायत औरों के मजरा मढ़ादासपुर में सारस इंटरप्रिटेशन सेंटर का निर्माण होगा। यहां प्रदेश भर से पहुंचने वाले पर्यटक सारस के बारे में जानकारियां इकट्ठा कर सकेंगे। इसके लिए वन विभाग ने 71 लाख 81 हजार रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
उत्तर प्रदेश का राजकीय पक्षी सारस औरैया जिले के अछल्दा के साथ औरैया, अजीतमल और बिधूना रेंज में बहुतायत में पाए जाते हैं। अछल्दा विकासखंड क्षेत्र के वीरपुर, बसौली, तुरुकपुर, साजनपुर, विजयपुर, सुभानपुर, मढ़ादासपुर के आसपास सारस की संख्या अधिक है। इसके चलते सरकार अब अछल्दा क्षेत्र में सारस केंद्र बनाने की तैयारी कर रहा है। पर्यावरण से जोड़कर इनके व्यवहार के बारे में अध्ययन हो सके। वन एवं वन्यजीव विभाग ने औरैया की अछल्दा रेंज और आसपास के इलाके में सारसों की गणना के निर्देश भी दिए हैं। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2023-24 में सारस इंटरप्रिटेशन सेंटर के निर्माण के लिए 31 मई को 71 लाख 81 हजार रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। इसके लिए गांव मढ़ादासपुर में वन विभाग की जमीन को उनके अनुकूल विकसित किया जाएगा। यहां पर्यटकों को सेंटर तक पहुंचने के लिए संपर्क मार्ग का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। पर्यटकों के बैठने के लिए बेंच का निर्माण, पौधरोपण, सारस की प्रजातियों के बारे में जानकारी के लिए होर्डिंग्स लगेंगे। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार गत वर्ष जून 2022 में हुए सर्वे में गांव मढ़ादासपुर में 155 सारस, 16 बच्चे पाए गए थे। अभी इस वर्ष का सर्वे चल रहा है।
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सारस प्रेम का प्रतीक कहलाता
सारस एक विशाल उड़ने वाला पक्षी है। सारस पक्षी का एक विशिष्ट सांस्कृतिक महत्व है। विश्व के प्रथम ग्रंथ रामायण की पहली कविता का श्रेय सारस पक्षी को जाता है। रामायण का आरंभ एक प्रणयरत सारस युगल के वर्णन से होता है। आखेटक द्वारा सारस के एक जोड़े में से एक की हत्या कर दी जाती है। तब जोड़े का दूसरा पक्षी वियोग में अपने प्राण त्याग देता है। सारस को प्रेम का प्रतीक बताया जाता है। यह पूरे जीवन में एक बार ही जोड़ा बनाता है। अगर किसी दुर्घटना में एक की मृत्यु हो जाती है तो जोड़े का दूसरा पक्षी जीवन भर अकेला ही रहता है। सारस की पूरे विश्व में कुल आठ प्रजातियां पाईं जातीं हैं। इनमें से चार प्रजातियां भारत में पाईं जातीं हैं। साइबेरियन क्रेन भारत में से वर्ष 2002 में विलुप्त हो गई थी।
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राजकीय पक्षी सारस को नहीं पाल सकता कोई
उत्तर प्रदेश में आरिफ नाम के व्यक्ति द्वारा सारस को पालने का मामला काफी सुर्खियों में रहा था। इसके बाद राज्य वन्य जीव बोर्ड की बैठक हुई थी। इसमें तय हुआ था कि राजकीय पक्षी सारस को कोई घर पर नहीं पाल सकेगा। बता दें कि आरिफ को अगस्त 2022 में एक सारस घायल अवस्था में मिला था। आरिफ ने उसका इलाज किया था। तब से सारस आरिफ के साथ ही रहने लगा था। बाद में आरिफ को प्रशासन ने एक नोटिस भी जारी किया था। वन विभाग सारस को अपने साथ ले गया था। साथ ही आरिफ के खिलाफ केस भी दर्ज किया था। राज्य वन्य जीव बोर्ड की बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के राज्य पशु बारह सिंघा और राज्य पक्षी सारस के संरक्षण के लिए प्रयास करनेे के निर्देश दिए थे।
वर्जन
सारस के बारे में जानकारी देने के लिए इंटरप्रिटेशन सेंटर बनाया जाना है। यहां सारस के बारे में जानकारियां उपलब्ध होगीं। सारस के मॉडल भी होंगे। इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया है। विक्रम सिंह सचान, एसडीओ अछल्दा वन प्रभाग