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यमुना किनारे किसानों को लाल गूहें बोने के पड़ेंगे लाले

Wed, 25 Aug 2021 11:48 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 25 Aug 2021 11:48 PM IST
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sand effected agriculture land after flood
यमुना किनारे खेतों में बह कर आई बालू। संवाद - फोटो : AURAIYA
अयाना (औरैया)। यमुना किनारे बसे गांवों में बाढ़ के बाद उससे भी बड़ी समस्या खड़ी हो गई। बाढ़ के बाद खेतों में जमा बालू ने किसानों के हालात और मुश्किल कर दिए हैं। फिर से घर बसाने में जुटे किसानों के लिए खेती ही एक सहारा है। खेतों में बालू जमा होने के कारण वह फसल नहीं बो पा रहे हैं। किसानोें ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
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यमुना के बढ़े जलस्तर से अजीतमल और औरैया तहसील के 24 गांव प्रभावित हुए थे। इनमें से कई गांवों में लोग बेघर हो गए। किसी तरह सुरक्षित स्थानों से घर वापसी हुई तो अब लोगों के सामने गुजर-बसर के साथ खेती का संकट गहरा गया है। बीझलपुर, जुहीखा, ततारपुर, बड़ी गूंज गांव के किसानों ने बताया कि उनके गांव की सैकड़ों बीघा जमीन यमुना किनारे है। इसमें से कुछ जमीनें पैतृक हैं तो कुछ का प्रशासन की ओर से पट्टा किया गया था। इसी जमीन पर सालों से खेती करते चले आ रहे हैं।
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कम लागत में किसान कठिया (लाल) गेहूं के साथ सरसों बो लेते थे। इससे उनकी साल भर गुजर-बसर होती थी। बाढ़ से काफी मात्रा में बहकर आई बालू खेतों में जमा है। इससे न तो गेहूं बोया जा सकता है और न ही सरसों। इसको लेकर किसान काफी परेशान हैं।
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किसानों ने बताई पीड़ा
राजेंद्र कुमार ने बताया कि कभी सब्जी की फसल तो कभी लाल गेहूं उगा कर परिवार का भरण पोषण करते थे। खेत में बालू जमा होने से उनके सामने फसल बोने का संकट खड़ा हो गया है।
बड़ी गूंज गांव की शीला देवी ने कहा कि यमुना किनारे खेतों में कम लागत में फसलें उगाई जाती हैं। खेत इतना दे देते थे साल भर काम चल जाता था। बालू जमा होने से परेशानी हो रही है। प्रशासन बालू हटवाए तो खेती हो सके।
किसान हरीराम ने बताया कि बाढ़ से फसलें नष्ट हो गईं। उम्मीद थी कि जल्द पानी कम होने के बाद से एक बार फिर से गाड़ी पटरी पर आएगी। लेकिन बाढ़ का पानी कम हुआ तो बालू समस्या बन गई है।

जिन खेतों पर बालू बहकर आई है, उसके किसान जानकारी देें। उन्हें बालू हटाने की अनुमति दी जाएगी। इसके साथ ही बाढ़ प्रभावितों को सरकार से मिलने वाली मदद के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। - विजेता, एसडीएम, अजीतमल
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