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Auraiya News: जीएसआर को भेजे गए सैंपल, नामजद आरोपियों की मिली अलग-अलग लोकेशन
Thu, 10 Sep 2026 12:23 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Thu, 10 Sep 2026 12:23 AM IST
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औरैया। दिबियापुर थानाक्षेत्र के गांव भियांपुर स्थित मायके से ससुराल जाते समय एक सितंबर को भियांपुर गांव के पास महिला को गोली मारी गई थी। मामले में पुलिस की पड़ताल में नामजद आरोपियों की लोकेशन अलग-अलग जगह मिली। इसके अलावा वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस ने जीएसआर सैंपल लखनऊ की फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। वहां से रिपोर्ट आने पर कार्रवाई होगी।
थानाक्षेत्र के गांव भियांपुर निवासी नीतू तिवारी ने अपने देवर पंकज तिवारी, भियांपुर निवासी शिवम व सागर पर गोली मारने का आरोप लगाया था। तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। इस मामले में पुलिस ने तीनों को हिरासत में लिया। इसके बाद पड़ताल की तो पता चला कि किसी की लोकेशन होटल तो किसी की गांव में ही मिली। घटनास्थल के एक किमी के दायरे में भी किसी नामजद की लोकेशन नहीं मिली। होटल वाले आरोपी की पुलिस को फुटेज भी मिली है।
इसके बाद पुलिस ने तीनों नामजद, नीतू, उसके दोनों भाइयों व अन्य लोगों का फॉरेंसिक टीम ने जीएसआर (कारतूस निर्वहन अवशेष परीक्षण) सैंपल लेकर लखनऊ लैब में जांच के लिए भेजा गया है। वहां से 10 से 15 दिन में रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा नीतू को पेट में जिस जगह गोली छूकर निकली है। घाव के आसपास काले रंग के निशान है। जैसे आग में जलने के बाद होता है। पुलिस को आशंका है कि घटना योजना के तहत हुई है।
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इस लिया कराया जाता जीएसआर
सैंपल का उपयोग फॉरेंसिक विज्ञान में यह पता लगाने के लिए किया जाता है कि किसी व्यक्ति ने हाल ही में गोली चलाई है या वह किसी गोली चलने की घटना के करीब मौजूद था। जब कोई बंदूक चलाई जाती है, तो उसके प्राइमर और बारूद के जलने से लेड (शीशा), बेरियम और एंटीमनी जैसे रासायनिक तत्वों का एक सूक्ष्म धुआं निकलता है, जो गोली चलाने वाले के हाथों, कपड़ों और त्वचा पर जमा हो जाता है।
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घटना संदिग्ध लग रही है। इसके चलते कुछ टेस्ट के लिए सैंपल फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं। वहां से रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-अभिषेक भारती, एसपी
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थानाक्षेत्र के गांव भियांपुर निवासी नीतू तिवारी ने अपने देवर पंकज तिवारी, भियांपुर निवासी शिवम व सागर पर गोली मारने का आरोप लगाया था। तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। इस मामले में पुलिस ने तीनों को हिरासत में लिया। इसके बाद पड़ताल की तो पता चला कि किसी की लोकेशन होटल तो किसी की गांव में ही मिली। घटनास्थल के एक किमी के दायरे में भी किसी नामजद की लोकेशन नहीं मिली। होटल वाले आरोपी की पुलिस को फुटेज भी मिली है।
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इसके बाद पुलिस ने तीनों नामजद, नीतू, उसके दोनों भाइयों व अन्य लोगों का फॉरेंसिक टीम ने जीएसआर (कारतूस निर्वहन अवशेष परीक्षण) सैंपल लेकर लखनऊ लैब में जांच के लिए भेजा गया है। वहां से 10 से 15 दिन में रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा नीतू को पेट में जिस जगह गोली छूकर निकली है। घाव के आसपास काले रंग के निशान है। जैसे आग में जलने के बाद होता है। पुलिस को आशंका है कि घटना योजना के तहत हुई है।
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इस लिया कराया जाता जीएसआर
सैंपल का उपयोग फॉरेंसिक विज्ञान में यह पता लगाने के लिए किया जाता है कि किसी व्यक्ति ने हाल ही में गोली चलाई है या वह किसी गोली चलने की घटना के करीब मौजूद था। जब कोई बंदूक चलाई जाती है, तो उसके प्राइमर और बारूद के जलने से लेड (शीशा), बेरियम और एंटीमनी जैसे रासायनिक तत्वों का एक सूक्ष्म धुआं निकलता है, जो गोली चलाने वाले के हाथों, कपड़ों और त्वचा पर जमा हो जाता है।
घटना संदिग्ध लग रही है। इसके चलते कुछ टेस्ट के लिए सैंपल फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं। वहां से रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-अभिषेक भारती, एसपी