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रोडवेज बसों में जैसी कमाई वैसा वेतन
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अनलॉक-1 लागू होने के बाद से रोडवेज बसें घाटे में चल रही हैं। हाल यह है कि डीजल का खर्च निकलना भी मुश्किल हो रहा है।
चालक-परिचालक किलोमीटर पूरे करने के चक्कर में बसों को चला रहे हैं। इस संबंध मेें रोडवेज के प्रबंध निदेशक ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।
उनका कहना है कि अब रोडवेज बसों से जैसी कमाई होगी उसी के अनुसार वेतन और प्रोत्साहन भत्ता मिलेगा।
लॉकडाउन के बाद रोडवेज बसों का संचालन एक जून से शुरू हुआ। पहले दिन तो अच्छी सवारियां मिलीं, लेकिन बाद में संख्या घटने लगी।
इससे औरैया डिपो की आय पर असर पड़ा है। बसों में एक सीट पर एक सवारी बैठाने की बाध्यता पर चालक-परिचालक लापरवाह हो गए और किलोमीटर पूरा करने में जुट गए।
इस समय स्थिति यह है कि यात्रियों से होने वाली आमदनी कम हुई है, पर डीजल आदि का खर्च बढ़ा है। ऐसे में डिपो को नुकसान झेलना पड़ रहा है।
एआरएम आरएस चौधरी ने बताया कि प्रबंध निदेशक ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि 50 फीसदी से कम लोड फैक्टर देने वाला चालकों को प्रोत्साहन भत्ता नहीं मिलेगा। वेतन में भी इसी आधार पर कटौती होगी।
चालकों को हर स्टाप पर पहुंचना होगा और वहां से सवारियों को बैठाना होगा। सवारियां कम होने पर उनका इंतजार भी करना होगा। चालक-परिचालक को किलोमीटर पर नहीं, सवारियों पर ध्यान देना होगा।
एआरएम ने बताया कि इस समय डिपो की 35 बसों का संचालन किया जा रहा है। समय सारिणी के अनुसार बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। सवारियों के हिसाब से बसें संचालित की जा रहीं हैं।
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चालक-परिचालक किलोमीटर पूरे करने के चक्कर में बसों को चला रहे हैं। इस संबंध मेें रोडवेज के प्रबंध निदेशक ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।
उनका कहना है कि अब रोडवेज बसों से जैसी कमाई होगी उसी के अनुसार वेतन और प्रोत्साहन भत्ता मिलेगा।
लॉकडाउन के बाद रोडवेज बसों का संचालन एक जून से शुरू हुआ। पहले दिन तो अच्छी सवारियां मिलीं, लेकिन बाद में संख्या घटने लगी।
इससे औरैया डिपो की आय पर असर पड़ा है। बसों में एक सीट पर एक सवारी बैठाने की बाध्यता पर चालक-परिचालक लापरवाह हो गए और किलोमीटर पूरा करने में जुट गए।
इस समय स्थिति यह है कि यात्रियों से होने वाली आमदनी कम हुई है, पर डीजल आदि का खर्च बढ़ा है। ऐसे में डिपो को नुकसान झेलना पड़ रहा है।
एआरएम आरएस चौधरी ने बताया कि प्रबंध निदेशक ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि 50 फीसदी से कम लोड फैक्टर देने वाला चालकों को प्रोत्साहन भत्ता नहीं मिलेगा। वेतन में भी इसी आधार पर कटौती होगी।
चालकों को हर स्टाप पर पहुंचना होगा और वहां से सवारियों को बैठाना होगा। सवारियां कम होने पर उनका इंतजार भी करना होगा। चालक-परिचालक को किलोमीटर पर नहीं, सवारियों पर ध्यान देना होगा।
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एआरएम ने बताया कि इस समय डिपो की 35 बसों का संचालन किया जा रहा है। समय सारिणी के अनुसार बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। सवारियों के हिसाब से बसें संचालित की जा रहीं हैं।
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