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हर घंटे जाम, व्यापार भी हो रहा प्रभावित
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अछल्दा (औरैया)। कस्बे में ट्रकों और डंपरों की आवाजाही से हर घंटे जाम लग रहा है। इससे यहां के लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बाजारों में दिन में कई बार जाम लगने से कारोबार भी असर पड़ रहा है। धनतेरस और दिवाली के त्योहार को देखते हुए लोगों को ज्यादा परेशानी हो रही है।
वहीं, दिल्ली-हावड़ा रूट पर अछल्दा रेलवे क्रासिंग पर रेलवे फाटक भी काफी समय तक बंद रहता है। कभी कभी तो एक घंटे फाटक नहीं खुलता है। इससे दोनों तरफ दूर-दूर तक जाम लग जाता है। कभी-कभी जाम की स्थिति इतनी विकराल हो जाती है कि ट्रेनों को भी रोकना पड़ता है। फाटक बंद होने के बाद ट्रेनों को रवाना किया जाता है।
अछल्दा रेलवे क्रासिंग पर जाम की समस्या अरसे से बनी है। कस्बे के अंदर बड़े-बड़े डंपर व ट्रकों के घुसते ही दोनों तरफ जाम लगना शुरू हो जाता है। जाम लगने से व्यापार पर असर पड़ रहा है। दीपावली व भाईदूज पर जाम के चलते राहगीरों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ेगा। कस्बे में पिछले एक महीने से अछल्दा-फफूंद मार्ग पर ट्रकों व डंपरों की आवाजाही बढ़ गई। इससे जाम की समस्या उत्पन्न हुई है। इससे पहले नो इंट्री के चलते कस्बे में वाहन नहीं घुसते थे, जिससे जाम नहीं लगता था। वहीं, कस्बे लोगों ने पुलिस अधीक्षक से नो इंट्री को प्रभावी तौर से लागू कराए जाने की मांग की है। वहीं, इस संबंध में थानाध्यक्ष तारिक खान ने बताया है कि कस्बे में नो इंट्री है। ट्रक चालक घुस आते हैं। उनको रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
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कस्बे में जाम की इस समस्या से निजात दिलाने के लिए तीन साल पहले तत्कालीन थानाध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद यादव ने कस्बे में नो इंट्री लगाने के लिए पहल की थी। तत्कालीन डीएम के बालाजी ने कस्बे में नो इंट्री लगा दी थी, जिसके बाद कस्बे में बड़े वाहन नहीं घुस पाए। इससे लोगों को राहत भी मिली और व्यायापार को भी नुकसान नहीं हुआ।
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वहीं, दिल्ली-हावड़ा रूट पर अछल्दा रेलवे क्रासिंग पर रेलवे फाटक भी काफी समय तक बंद रहता है। कभी कभी तो एक घंटे फाटक नहीं खुलता है। इससे दोनों तरफ दूर-दूर तक जाम लग जाता है। कभी-कभी जाम की स्थिति इतनी विकराल हो जाती है कि ट्रेनों को भी रोकना पड़ता है। फाटक बंद होने के बाद ट्रेनों को रवाना किया जाता है।
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अछल्दा रेलवे क्रासिंग पर जाम की समस्या अरसे से बनी है। कस्बे के अंदर बड़े-बड़े डंपर व ट्रकों के घुसते ही दोनों तरफ जाम लगना शुरू हो जाता है। जाम लगने से व्यापार पर असर पड़ रहा है। दीपावली व भाईदूज पर जाम के चलते राहगीरों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ेगा। कस्बे में पिछले एक महीने से अछल्दा-फफूंद मार्ग पर ट्रकों व डंपरों की आवाजाही बढ़ गई। इससे जाम की समस्या उत्पन्न हुई है। इससे पहले नो इंट्री के चलते कस्बे में वाहन नहीं घुसते थे, जिससे जाम नहीं लगता था। वहीं, कस्बे लोगों ने पुलिस अधीक्षक से नो इंट्री को प्रभावी तौर से लागू कराए जाने की मांग की है। वहीं, इस संबंध में थानाध्यक्ष तारिक खान ने बताया है कि कस्बे में नो इंट्री है। ट्रक चालक घुस आते हैं। उनको रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
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कस्बे में जाम की इस समस्या से निजात दिलाने के लिए तीन साल पहले तत्कालीन थानाध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद यादव ने कस्बे में नो इंट्री लगाने के लिए पहल की थी। तत्कालीन डीएम के बालाजी ने कस्बे में नो इंट्री लगा दी थी, जिसके बाद कस्बे में बड़े वाहन नहीं घुस पाए। इससे लोगों को राहत भी मिली और व्यायापार को भी नुकसान नहीं हुआ।