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कहीं रंजिश में तो नहीं गई मुंशीलाल की जान
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
Updated Tue, 10 Nov 2015 11:16 PM IST
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फफूंद थाना क्षेत्र के ग्राम सल्हापुर में 80 वर्षीय मुंशीलाल की हत्या कस्बे में चर्चा का विषय बनी है। आखिरकार एक वृद्ध की हत्या करने के पीछे किसी का क्या मकसद होगा। वहीं पुलिस ने शक के आधार पर दो लोगों को हिरासत में लिया है।
वृद्ध मुंशीलाल को रात के 12 बजे घर के बाहर मौत के घाट उतारा गया। मृतक के शरीर में बदमाशों ने कई गोलियां भी मारी हैं। इसको देखकर ग्रामीणों ने बताया कि किसी पुरानी रंजिश के चलते ही उसकी इतनी बेरहमी से हत्या की गई है। सूत्रों की माने तो 13 साल पहले मृतक के पुत्र सुखवीर यादव ने एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर गांव के ही रिश्तेदार की हत्या की थी।
इसमें मृतक के पुत्र और दूसरे युवक को 20 साल की सजा हुई थी। तब से उनकी रंजिश चल रही है। ग्रामीणों में चर्चा थी कि कहीं पुत्र के गुनाहों की सजा तो पिता को नहीं भुगतनी पड़ी। बेहरमी से गई की मुंशीलाल की हत्या ने पुलिस के लिए तमाम सवाल खड़े कर दिए हैं। शक के आधार पर पुलिस ने दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
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सही आरोपी पकड़े जाने के बाद हत्या के कारणों का स्पष्ट हो सकेगा। थानाध्यक्ष फफूंद देवेेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि हत्या के पीछे किस व्यक्ति का हाथ है। आखिर वृद्ध के 4-5 गोली मारने के पीछे क्या कारण रहा, पुलिस इन सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। जल्द ही आरोपी पुलिस की पकड़ में होंगे।
कहीं सुखवीर के लिए तो नहीं आए थे हत्यारे
मुंशीलाल का पुत्र परिवार समेत सोमवार दोपहर अपनी पुत्री के घर क्षेत्र के गांव तुर्कीपुर में किसी कार्यक्रम में गया था। लेकिन सोमवार रात बदमाशों ने घर के बाहर लेटे मुंशीराम की हत्या कर दी। सूत्रों की माने तो सुखवीर की पुरानी रंजिश थी, कहीं हत्यारोपी सुखवीर को ही अपना निशाना बनाने नहीं आए थे। यह जांच का विषय बना हुआ है।
गांव की लोकेशन से परिचित है हत्यारे
फफूंद। मुंशीलाल की हत्यारों को गांव की पूरी जानकारी थी। सोमवार को सल्हापुर गांव सैकड़ों ग्रामीण पड़ोसी गांव तुर्कीपुर रामलीला देखने गए थे। इसके साथ ही धनतेरस का त्योहार होने के कारण पटाखे भी छूट रहे थे। इस दौरान गोली चलने की आवाज को कुछ लोगों ने आतिशबाजी समझ लिया। बदमाशों को इसी बीच भागने का मौका भी मिल गया। वारदात के हालातों को देख ऐसा लगता है कि हत्यारे सुनियोजित तरीके से गांव में घुसे थे।
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वृद्ध मुंशीलाल को रात के 12 बजे घर के बाहर मौत के घाट उतारा गया। मृतक के शरीर में बदमाशों ने कई गोलियां भी मारी हैं। इसको देखकर ग्रामीणों ने बताया कि किसी पुरानी रंजिश के चलते ही उसकी इतनी बेरहमी से हत्या की गई है। सूत्रों की माने तो 13 साल पहले मृतक के पुत्र सुखवीर यादव ने एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर गांव के ही रिश्तेदार की हत्या की थी।
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इसमें मृतक के पुत्र और दूसरे युवक को 20 साल की सजा हुई थी। तब से उनकी रंजिश चल रही है। ग्रामीणों में चर्चा थी कि कहीं पुत्र के गुनाहों की सजा तो पिता को नहीं भुगतनी पड़ी। बेहरमी से गई की मुंशीलाल की हत्या ने पुलिस के लिए तमाम सवाल खड़े कर दिए हैं। शक के आधार पर पुलिस ने दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
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सही आरोपी पकड़े जाने के बाद हत्या के कारणों का स्पष्ट हो सकेगा। थानाध्यक्ष फफूंद देवेेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि हत्या के पीछे किस व्यक्ति का हाथ है। आखिर वृद्ध के 4-5 गोली मारने के पीछे क्या कारण रहा, पुलिस इन सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। जल्द ही आरोपी पुलिस की पकड़ में होंगे।
कहीं सुखवीर के लिए तो नहीं आए थे हत्यारे
मुंशीलाल का पुत्र परिवार समेत सोमवार दोपहर अपनी पुत्री के घर क्षेत्र के गांव तुर्कीपुर में किसी कार्यक्रम में गया था। लेकिन सोमवार रात बदमाशों ने घर के बाहर लेटे मुंशीराम की हत्या कर दी। सूत्रों की माने तो सुखवीर की पुरानी रंजिश थी, कहीं हत्यारोपी सुखवीर को ही अपना निशाना बनाने नहीं आए थे। यह जांच का विषय बना हुआ है।
गांव की लोकेशन से परिचित है हत्यारे
फफूंद। मुंशीलाल की हत्यारों को गांव की पूरी जानकारी थी। सोमवार को सल्हापुर गांव सैकड़ों ग्रामीण पड़ोसी गांव तुर्कीपुर रामलीला देखने गए थे। इसके साथ ही धनतेरस का त्योहार होने के कारण पटाखे भी छूट रहे थे। इस दौरान गोली चलने की आवाज को कुछ लोगों ने आतिशबाजी समझ लिया। बदमाशों को इसी बीच भागने का मौका भी मिल गया। वारदात के हालातों को देख ऐसा लगता है कि हत्यारे सुनियोजित तरीके से गांव में घुसे थे।