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आरक्षण के लिए टटोल रहे संबंध
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औरैया। पंचायत चुनाव को लेकर हाईकोर्ट के निर्देश के बाद जनपद में सरगर्मियां तेज हो गईं हैं। चुनाव के लिए दावेदारों ने अपनी सीट का आरक्षण तय कराने को लेकर संबंध टटोलने शुरू कर दिए हैं। शासन से भी जल्द ही आरक्षण प्रक्रिया तय किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
हाईकोर्ट ने पंचायत चुनावों के लिए समय सीमा तय कर दी है। इसके मुताबिक किसी भी दशा में 17 मार्च तक पूरे प्रदेश में आरक्षण तय कर दिए जाने हैं। सभी जनपदों में स्थानीय स्तर पर आरक्षण तय होगा हालांकि पंचायत राज विभाग में भी जातिगत आंकड़े समेत पूर्व की आरक्षण की स्थितियां जानी गईं हैं। ऐसे में अब शासन को आरक्षण नीति जल्द तय करनी होगी।
नई नीति के मुताबिक ही सीटों का आरक्षण तय होगा। पिछले पंचायत चुनाव के दौरान पूर्व के आरक्षण को शून्य मानते हुए नए सिरे से सीटें तय की गईं थीं। चुनाव में किस्मत आजमाने के लिए उम्मीदवारों की निगाह इसी प्रक्रिया पर टिकी है। आरक्षण प्रक्रिया के मुताबिक ही उनका राजनीतिक भविष्य भी तय होगा। ऐेेेेेेेेेसे में इन सभी ने अपने-अपने टोटके आजमाने शुरू कर दिए हैं। पंचायत चुनावों के लिए मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 22 जनवरी को हो चुका है।
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हाईकोर्ट ने पंचायत चुनावों के लिए समय सीमा तय कर दी है। इसके मुताबिक किसी भी दशा में 17 मार्च तक पूरे प्रदेश में आरक्षण तय कर दिए जाने हैं। सभी जनपदों में स्थानीय स्तर पर आरक्षण तय होगा हालांकि पंचायत राज विभाग में भी जातिगत आंकड़े समेत पूर्व की आरक्षण की स्थितियां जानी गईं हैं। ऐसे में अब शासन को आरक्षण नीति जल्द तय करनी होगी।
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नई नीति के मुताबिक ही सीटों का आरक्षण तय होगा। पिछले पंचायत चुनाव के दौरान पूर्व के आरक्षण को शून्य मानते हुए नए सिरे से सीटें तय की गईं थीं। चुनाव में किस्मत आजमाने के लिए उम्मीदवारों की निगाह इसी प्रक्रिया पर टिकी है। आरक्षण प्रक्रिया के मुताबिक ही उनका राजनीतिक भविष्य भी तय होगा। ऐेेेेेेेेेसे में इन सभी ने अपने-अपने टोटके आजमाने शुरू कर दिए हैं। पंचायत चुनावों के लिए मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 22 जनवरी को हो चुका है।
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