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गांव की तस्वीर बदलने को तैयार रचना
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
Updated Fri, 18 Dec 2015 10:47 PM IST
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कौन कहता है कि आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है एरवाकटरा ब्लाक के इकघरा ग्राम पंचायत की रचना ने। मात्र 21 साल की उम्र में पूरे गांव के लोगों का विश्वास जीतकर वह प्रधान बन चुकी है। नवनिर्वाचित प्रधान रचना का कहना है कि गांव की बदहाल स्थिति ने उसे प्रधानी का चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित किया। वह चाहती है कि लोगों को गांव में भी वह सभी सुख-सुविधाएं मिले जो शहर में उपलब्ध हैं। फिलहाल तो गांव में साफ-सफाई और शौचालय प्राथमिकता पर होंगे।
मुख्यालय से 50 किलोमीटर दूर अति पिछड़ा गांव इकघरा पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। वजह इकघरा ग्राम पंचायत के लोगों ने महज 21 साल की युवा रचना चक्रवर्ती को अपने गांव के विकास की बागडोर सौंपी है। स्नातक की छात्रा रचना गांव की हर समस्या का समाधान तलाशने के लिए हमेशा तत्पर रहती है। रचना ने बताया कि मुख्यालय से दूर होने के कारण इकघरा गांव तक विकास योजनाएं आसानी से नहीं पहुंच पाती है। लोगों को छोटी-छोटी सुविधाएं पाने के लिए सालों इंतजार करना पड़ता है।
ऐसे में मुझे प्रधानी का चुनाव लड़ने का विचार आया। मैंने परिवार के लोगों के साथ बात की और नामांकन दाखिल किया। गांव के लोगों ने भी मेरा साथ दिया। 1200 आबादी वाले इकघरा गांव की जनता ने मुझे 68 मतो से जीत हासिल कराई। युवा रचना के प्रधान बनने के बाद गांव के लोगों को अब विकास की किरण जग गई है। ग्राम प्रधान बनने के बाद रचना का कहना है कि वह सबसे पहले गांव के प्रत्येक घर में शौचालय बनवाएगीं। पूरे गांव की साफ-सफाई कराने की विशेष व्यवस्था की जाएगी।
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प्रधान का प्रोफाइल
---------------------
नाम- रचना चक्रवर्ती
पिता-रामबाबू चक्रवर्ती
हाईस्कूल- गांधी इंटर कॉलेज
अंक- 74 प्रतिशत (2011)
इंटर- गांधी इंटर कॉलेज
अंक- 55 प्रतिशत (2013)
वर्तमान में- स्नातक द्वितीय वर्ष की छात्रा
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मुख्यालय से 50 किलोमीटर दूर अति पिछड़ा गांव इकघरा पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। वजह इकघरा ग्राम पंचायत के लोगों ने महज 21 साल की युवा रचना चक्रवर्ती को अपने गांव के विकास की बागडोर सौंपी है। स्नातक की छात्रा रचना गांव की हर समस्या का समाधान तलाशने के लिए हमेशा तत्पर रहती है। रचना ने बताया कि मुख्यालय से दूर होने के कारण इकघरा गांव तक विकास योजनाएं आसानी से नहीं पहुंच पाती है। लोगों को छोटी-छोटी सुविधाएं पाने के लिए सालों इंतजार करना पड़ता है।
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ऐसे में मुझे प्रधानी का चुनाव लड़ने का विचार आया। मैंने परिवार के लोगों के साथ बात की और नामांकन दाखिल किया। गांव के लोगों ने भी मेरा साथ दिया। 1200 आबादी वाले इकघरा गांव की जनता ने मुझे 68 मतो से जीत हासिल कराई। युवा रचना के प्रधान बनने के बाद गांव के लोगों को अब विकास की किरण जग गई है। ग्राम प्रधान बनने के बाद रचना का कहना है कि वह सबसे पहले गांव के प्रत्येक घर में शौचालय बनवाएगीं। पूरे गांव की साफ-सफाई कराने की विशेष व्यवस्था की जाएगी।
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प्रधान का प्रोफाइल
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नाम- रचना चक्रवर्ती
पिता-रामबाबू चक्रवर्ती
हाईस्कूल- गांधी इंटर कॉलेज
अंक- 74 प्रतिशत (2011)
इंटर- गांधी इंटर कॉलेज
अंक- 55 प्रतिशत (2013)
वर्तमान में- स्नातक द्वितीय वर्ष की छात्रा