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महंगा बिकेगा फलों का राजा आम
Wed, 13 Mar 2019 12:08 AM IST
AJAY AJAY
महंगा बिकेगा फलों का राजा आम
महंगा बिकेगा फलों का राजा आम
Published by: AJAY AJAY
Updated Wed, 13 Mar 2019 12:08 AM IST
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बौर विहीन आम के पेड़।
- फोटो : amarujala
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उन्नाव। इस बार मौसम आम की फसल के लिए अनुकूल नजर नहीं आ रहा है। पेड़ों में अपेक्षाकृत बौर न दिखने से उत्पादक निराश दिख रहे हैं। उद्यान विभाग और आम उत्पादक इस सीजन में फलों के राजा आम के कम उत्पादन की आशंका जता रहे हैं। इससे आम के महंगा बिकने की संभावना है।
जिले में सफीपुर, हसनगंज, औरास, फतेहपुर चौरासी व मियागंज क्षेत्र आम पट्टी के लिए प्रसिद्ध हैं। लगभग 37 हजार हेक्टेअर के क्षेत्रफल में आम के बाग फैले हुए हैं। उद्यान विभाग के मुताबिक, आम उत्पादन में ऑन और आफ ईयर का फंडा चलता है। ऑन ईयर में 75 से 80 क्विंटल प्रति हेक्टेअर का उत्पादन होता है जबकि आफ ईयर होने पर उत्पादन घटकर आधा रह जाता है। इस बार आफ ईयर होने से उत्पादन घटने की बात कही जा रही है। पिछला साल 2018 आम के लिए आन ईयर था। जिसमें आम का रेकार्ड उत्पादन हुआ था। वर्ष 2017 आफ ईयर होने से आम महंगा बिका। आम के शौकीन लोग रेट सुनकर उदास हैं और आम का मजा नहीं ले पा रहे हैं। इस बार भी ऐसा ही होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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गंजमुरादाबाद प्रतिनिधि के अनुसार, इस बार 60 प्रतिशत आम के पेड़ों में बौर ही नहीं आ सकी है। जिससे इस बार आम का उत्पादन कम होने की आशंका से बागवानों के चेहरे मुरझाए हैं। बागवान रामकशोर, जाहिद, यूनुस, वसीम और हसीब अहमद ने बताया कि उन्होंने पूर्व में ही बाग खरीद लिए थे। इस बार पेड़ों में नाममात्र की बौर आने से उन्हें भारी नुकसान होगा। राजकीय कृषि बीज भंडार प्रभारी देवी सिंह ने बताया कि इस बार मौसम आम की फ सल के लिए विपरीत रहा है।
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मैंगो बेल्ट के नाम से जाना जाता है हसनगंज क्षेत्र
हसनगंज क्षेत्र मैंगो बेल्ट के नाम से जाना जाता है। यहां के अधिकांश किसान आम के बाग के भरोसे ही साल भर अपना परिवार चलाते हैं। दूसरे नंबर पर सफीपुर क्षेत्र है। आम के उत्पादन पर मियागंज क्षेत्र तीसरे नंबर पर है। जिले में दशहरी, लगड़ा, चौसा, लखनऊवा व बजरी आम की वैराइटी का उत्पादन होता है। इसके अलावा रामकेला आम भी काफी मात्रा में होता है लेकिन यह केवल अचार के लिए प्रयोग किया जाता है। दशहरी आम खाड़ी देशों में निर्यात भी होता है। इसके अलावा दशहरी देश के अन्य राज्यों कलकत्ता, पूर्वांचल, बिहार, पश्चिम बंगाल आदि प्रदेशों में भी जाता है।
आफ ईयर होने से घटेगा आम का उत्पादन
इस बार आफ ईयर होने के कारण आम का उत्पादन कम होगा। उनका कहना है कि आम के पेड़ों में बौर भी कम नजर आ रहा है। उत्पादन कम होने से रेट भी चढ़ेगा।
डा. सुनील कुमार, जिला उद्यान अधिकारी, उन्नाव।