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Auraiya News: तरावीह नमाज में कुरान मुकम्मल हुआ मगफिरत की मांगी दुआएं
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फफूंद। कस्बा के बाबा का पुरवा के अमीन साहब के अहाते में स्थित मक्का मस्जिद में 26वें रमजानुल मुबारक को तरावीह नमाज में कुरान मुकम्मल हुआ। नमाज के बाद मगफिरत और जहन्नुम से निजात की दुआ मांगी गई।
कस्बा के बाबा का पुरवा स्थित मस्जिद में शनिवार 26वें रमजानुल को तरावीह नमाज में कुरान मुकम्मल हुआ। इस दौरान मौलाना अदील ने रमजानुल मुबारक महीने की फजीलत के बारे में बताते हुए कहा कि माहे मुबारक में रोजा रखने के साथ ही नमाज, तिलावत-ए-कुरआन, जिक्र ए इलाही, दुरूद शरीफ को कसरत से पढ़ें।
ज्यादा से ज्यादा वक्त अल्लाह की इबादत में गुजारे। झूठ, फरेब, चुगलखोरी और दूसरी तमाम बुराइयों से परहेज करें। बताया कि हदीस में है कि जो शख्स रोजे की हालत में झूठ बोलने और गलत काम करने से परहेज न करे। परवरदिगार को उसके भूखा प्यासा रहने की कोई जरूरत नहीं। फरमाया कि इन सभी बातों पर अमल न करने वाले बहुत से रोजेदार ऐेसे होंगे जिनको भूख-प्यास के सिवा कुछ हासिल नहीं होगा।
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इसके साथ ही बे-फायदा और गैर जरूरी बातों और कामों से भी परहेज किया जाए। इसलिए कि ये बातें और काम इंसान को मकसद से हटा देते है। तकरीर के बाद मगफिरत की दुआएं मांगी गईं। बच्चू भाई मेव, आफाक इलाही, मोहम्मद जैद, मौलाना उस्मान साहब, उमर भाई, अनवार इलाही, हाजी युनुस सिद्दीकी, तैयब सिद्दीकी, मिर्जा हुमायूं बेग, इंतिखाब इलाही, सलीम खान, खान मोहम्मद आरिफ सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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कस्बा के बाबा का पुरवा स्थित मस्जिद में शनिवार 26वें रमजानुल को तरावीह नमाज में कुरान मुकम्मल हुआ। इस दौरान मौलाना अदील ने रमजानुल मुबारक महीने की फजीलत के बारे में बताते हुए कहा कि माहे मुबारक में रोजा रखने के साथ ही नमाज, तिलावत-ए-कुरआन, जिक्र ए इलाही, दुरूद शरीफ को कसरत से पढ़ें।
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ज्यादा से ज्यादा वक्त अल्लाह की इबादत में गुजारे। झूठ, फरेब, चुगलखोरी और दूसरी तमाम बुराइयों से परहेज करें। बताया कि हदीस में है कि जो शख्स रोजे की हालत में झूठ बोलने और गलत काम करने से परहेज न करे। परवरदिगार को उसके भूखा प्यासा रहने की कोई जरूरत नहीं। फरमाया कि इन सभी बातों पर अमल न करने वाले बहुत से रोजेदार ऐेसे होंगे जिनको भूख-प्यास के सिवा कुछ हासिल नहीं होगा।
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इसके साथ ही बे-फायदा और गैर जरूरी बातों और कामों से भी परहेज किया जाए। इसलिए कि ये बातें और काम इंसान को मकसद से हटा देते है। तकरीर के बाद मगफिरत की दुआएं मांगी गईं। बच्चू भाई मेव, आफाक इलाही, मोहम्मद जैद, मौलाना उस्मान साहब, उमर भाई, अनवार इलाही, हाजी युनुस सिद्दीकी, तैयब सिद्दीकी, मिर्जा हुमायूं बेग, इंतिखाब इलाही, सलीम खान, खान मोहम्मद आरिफ सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।