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बिना प्लानिंग के सैंपवेल निर्माण पर उठाए सवाल

Sat, 05 Sep 2015 11:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, औरैया।
अमर उजाला ब्यूरो, औरैया। Updated Sat, 05 Sep 2015 11:35 PM IST
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Questions raised on building without planning Sanpvel

आवास विकास की ओर से कानपुर रोड स्थित कांशीराम कालोनी के पास बनवाए जा रहे सीवरेज प्लाट का नक्शा तैयार करने को आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर एए काजमी ने औचक निरीक्षण किया।

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उन्होंने पहले से 50 लाख रुपये की लागत से तैयार सैंपवेल के निर्माण की जरूरत को सिरे से खारिज कर दिया। कहा कि यदि पहले से ही सीवरेज प्लांट का प्लान तैयार किया जाता तो सरकारी धन बर्बाद होने से बच सकता था।
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आवास विकास द्वारा स्थापित आवास विकास कालोनी व कांशीराम कालोनी में व्याप्त सीवरेज समस्या के स्थाई समाधान को आईआईटी रुड़की के इंजीनियरों द्वारा नक्शा तैयार कराए जाने की कवायद शुरू हो गई है। इसको लेकर शनिवार को आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर एए काजमी ने सैंपवेल का मुआयना किया।
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इस दौरान प्रो. काजमी ने सैंपवेल के आसपास खाली पड़ी जमीन व निर्माणाधीन सैंपवेल से जुड़ने वाली सीवरेज पाइप लाइन देखी। प्रो. काजमी ने कहा कि सैंपवेल को देखने से लगता है कि इसके निर्माण में कोई प्लानिंग नहीं की गई है। यदि तरतीब से प्लानिंग के साथ सैंपवेल का निर्माण कराया जाता तो काफी जगह सुरक्षित बचाई जा सकती थी।

 
उन्होंने कहा कि यदि सैंपवेल के निर्माण से पूर्व एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) के निर्माण का प्लान किया जाता तो सैंपवेल निर्माण पर बजट खर्च करने की जरूरत ही नहीं पड़ती और इस पर आया खर्च पूरी तरह से बच जाता, क्योंकि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के बाद सैंपवेल की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।


प्रो. काजमी के अनुसार अभी एसटीपी का नक्शा तैयार करने में कम से कम तीन माह का समय लग जाएगा। बताया कि एसटीपी का नक्शा तैयार करने से पूर्व उन्होंने आवास विकास परिषद से कुछ जानकारियां मांगी हैं। जब तक उन्हें जरूरी जानकारियां नहीं मिल जाता, तब तक नक्शा भी तैयार नहीं हो पाएगा।


 
आईआईटी रुड़की के प्रो.एए काजमी की ओर से आवास विकास में तैयार आवासों की संख्या व शेष आवंटन से छूटे प्लाटों की संख्या का ब्यौरा मांगा गया है, जिससे भविष्य को ध्यान में रखते हुए सीवरेज प्लांट का नक्शा तैयार किया जा सके। मोहम्मद मुख्तार खान, जेई आवास विकास परिषद।

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