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Auraiya News: चल अचल संपत्ति का ब्यौरा न देने पर नहीं होगा पदोन्नति पर विचार
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औरैया। राज्य कर्मचारियों को मानव संपदा पोर्टल पर शीघ्र अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा दर्ज करना होगा। ऐसा न करने पर उनकी पदोन्नति नहीं होती और न ही इस दिशा में किसी तरह का विचार विमर्श किया जाएगा। इसके लिए 30 जून तक का अल्टीमेटम भी दिया गया है।
शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) उत्तर प्रदेश डॉ. महेंद्र देव ने विभाग में कार्यरत सभी राज्य कर्मचारियों को पत्र जारी किया है। उन्होंने जारी पत्र में सख्त रुख अपनाते हुए बताया कि अधिकांश कर्मचारियों द्वारा अपनी चल-अचल संपत्ति की जानकारी मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज नहीं की गई है। सभी राज्य कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वह 30 जून 2024 तक संपत्ति का विवरण प्रस्तुत करें।
ऐसा न करने पर शासन, विभागाध्यक्ष, कार्यालयाध्यक्ष स्तर पर होने वाली चयन समिति की बैठकों में उनके पदोन्नति पर विचार नहीं किया जाएगा। ऐसा न करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही भी अमल में लाई जाएगी। निर्देशित किया गया है कि पदोन्नति तब तक नहीं मिलेगी। जब तक वह ब्यौरा पोर्टल पर उपलब्ध नहीं कराते। बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली -1956 में दी गई व्यवस्था के आधार पर राज्य कर्मचारियों को अपनी चल व अचल संपत्ति की जानकारी देनी होगी।
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वर्जन
विभाग के समस्त राज्य कर्मचारी शिक्षकों को इस संबंध में दिशा निर्देश दिए जा चुके है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि वह पोर्टल जानकारी दर्ज कराएं। अन्यथा पदोन्नति न होने पर वह स्वयं जिम्मेदार होंगे।
-एसपी यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक
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शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) उत्तर प्रदेश डॉ. महेंद्र देव ने विभाग में कार्यरत सभी राज्य कर्मचारियों को पत्र जारी किया है। उन्होंने जारी पत्र में सख्त रुख अपनाते हुए बताया कि अधिकांश कर्मचारियों द्वारा अपनी चल-अचल संपत्ति की जानकारी मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज नहीं की गई है। सभी राज्य कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वह 30 जून 2024 तक संपत्ति का विवरण प्रस्तुत करें।
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ऐसा न करने पर शासन, विभागाध्यक्ष, कार्यालयाध्यक्ष स्तर पर होने वाली चयन समिति की बैठकों में उनके पदोन्नति पर विचार नहीं किया जाएगा। ऐसा न करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही भी अमल में लाई जाएगी। निर्देशित किया गया है कि पदोन्नति तब तक नहीं मिलेगी। जब तक वह ब्यौरा पोर्टल पर उपलब्ध नहीं कराते। बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली -1956 में दी गई व्यवस्था के आधार पर राज्य कर्मचारियों को अपनी चल व अचल संपत्ति की जानकारी देनी होगी।
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विभाग के समस्त राज्य कर्मचारी शिक्षकों को इस संबंध में दिशा निर्देश दिए जा चुके है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि वह पोर्टल जानकारी दर्ज कराएं। अन्यथा पदोन्नति न होने पर वह स्वयं जिम्मेदार होंगे।
-एसपी यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक