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Auraiya News: हाइड्रा चालक दिलीप हत्याकांड में आरोपी प्रधान ग्रामीणों से मिले
Sat, 05 Jul 2025 11:41 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 05 Jul 2025 11:41 PM IST
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फफूंद (औरैया)। जिले के चर्चित हाइड्रा चालक दिलीप हत्याकांड में चमरौआ के प्रधान रामू यादव को कोर्ट से जमानत मिल गई है। जेल से छूटकर आए प्रधान तीन दिन अब अगले चुनाव की तैयारी करने में जुट गए हैं।
उन्होंने पंचायत के मजरों में घर-घर जाकर ग्रामीणों से समस्याएं पूछीं और रुके कार्यों को जल्द पूरा कराने का भरोसा दिलाया। ब्लाॅक भाग्यनगर की ग्राम पंचायत चमरौआ के प्रधान रामू यादव दिलीप हत्याकांड में जेल में थे। उन्हें तीन दिन पहले ही जमानत मिली है।
रामू यादव पर हत्याकांड में शूटरों तक सुपारी की रकम पहुंचाने का आरोप है। तीन माह पहले उन्होंने पुलिस का दबाव बढ़ने पर कोर्ट में समर्पण किया था। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया था।
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इससे चमरौआ और उसके मजरा सोनू का अड्डा और अजब का पुरवा में विकास कार्य रुक गए थे। ग्रामीणों को आय, जाति व अन्य प्रमाण पत्र बनवाने में दिक्कत हो रही थी। गांव की सफाई व्यवस्था चरमरा गई। वहीं, गर्मी में हैंडपंपों की भी मरम्मत नहीं हो सकी। इससे पंचायत में पानी का संकट भी खड़ा हो गया।
जमानत पर रिहा होने के बाद प्रधान गांव पहुंचे तो उन्हें कुछ ही महीनों में प्रस्तावित पंचायत चुनाव की सुध भी आ गई। यही कारण है कि वह ग्रामीणों में अपनी पैठ बनाए रखने के लिए फिर सक्रिय हो गए। जेल से घर पहुंचने के बाद वह परिजनों से मिले और इसके बाद पंचायत के मजरों में जा पहुंचे। प्रधान ने जल्द समस्याएं खत्म करने का आश्वासन दिया।
ग्रामीण सर्वेश, सुरेश चंद्र, रामसिंह व रमेश आदि ने बताया कि तीन माह से गांव के लोग परेशान थे। प्रधान रामू यादव ने बताया कि ग्राम पंचायत में सबसे पहले सफाई, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था को चाक चौबंद कराया जाएगा।
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उन्होंने पंचायत के मजरों में घर-घर जाकर ग्रामीणों से समस्याएं पूछीं और रुके कार्यों को जल्द पूरा कराने का भरोसा दिलाया। ब्लाॅक भाग्यनगर की ग्राम पंचायत चमरौआ के प्रधान रामू यादव दिलीप हत्याकांड में जेल में थे। उन्हें तीन दिन पहले ही जमानत मिली है।
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रामू यादव पर हत्याकांड में शूटरों तक सुपारी की रकम पहुंचाने का आरोप है। तीन माह पहले उन्होंने पुलिस का दबाव बढ़ने पर कोर्ट में समर्पण किया था। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया था।
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इससे चमरौआ और उसके मजरा सोनू का अड्डा और अजब का पुरवा में विकास कार्य रुक गए थे। ग्रामीणों को आय, जाति व अन्य प्रमाण पत्र बनवाने में दिक्कत हो रही थी। गांव की सफाई व्यवस्था चरमरा गई। वहीं, गर्मी में हैंडपंपों की भी मरम्मत नहीं हो सकी। इससे पंचायत में पानी का संकट भी खड़ा हो गया।
जमानत पर रिहा होने के बाद प्रधान गांव पहुंचे तो उन्हें कुछ ही महीनों में प्रस्तावित पंचायत चुनाव की सुध भी आ गई। यही कारण है कि वह ग्रामीणों में अपनी पैठ बनाए रखने के लिए फिर सक्रिय हो गए। जेल से घर पहुंचने के बाद वह परिजनों से मिले और इसके बाद पंचायत के मजरों में जा पहुंचे। प्रधान ने जल्द समस्याएं खत्म करने का आश्वासन दिया।
ग्रामीण सर्वेश, सुरेश चंद्र, रामसिंह व रमेश आदि ने बताया कि तीन माह से गांव के लोग परेशान थे। प्रधान रामू यादव ने बताया कि ग्राम पंचायत में सबसे पहले सफाई, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था को चाक चौबंद कराया जाएगा।