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डॉक्टर के इंतजार में बैठे रहे मरीज, 10:33 बजे पहुंचीं डॉक्टर
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औरैया(रुरुगंज)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। मंगलवार को सुबह 10:30 बजे तक डॉक्टर, फार्मासिस्ट और प्रयोगशाला तकनीशियन केंद्र पर नहीं पहुंचे थे। इस दौरान कई मरीज उपचार के इंतजार में बैठे रहे।
शासन के नियमानुसार ओपीडी सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक चलनी होती है। रुरुगंज स्वास्थ्य केंद्र में फार्मासिस्ट, डॉक्टर और लैब तकनीशियन रोजाना 10 बजे के बाद ही पहुंच रहे हैं। मंगलवार को धनवाली गांव के साहिल, ईशु और दीपेंद्र कुमार फोड़ा-फुंसी व बुखार की दवा लेने सुबह नौ बजे ही आ गए थे। उस समय केंद्र में केवल वार्ड सहायक धीरेंद्र कुमार ही मौजूद था। मरीजों के पूछने पर उसने डॉक्टर के कुछ देर में आने की बात कही।
करीब 10:33 बजे ज्योत्सना दुबे स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं और मरीजों का परीक्षण कर दवाएं दीं। फार्मासिस्ट सुरेश कुमार, स्टाफ नर्स और प्रयोगशाला तकनीशियन जागृति 10:30 बजे तक नहीं पहुंचे थे। मरीजों ने समय से कर्मचारी न होने पर नाराजगी जताते हुए स्वास्थ्य विभाग से व्यवस्था सुधारने की मांग की। बिधूना अधीक्षक बीपी शाक्य ने देर से आने की जानकारी न होने की बात कही, पर देरी से पहुंचने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। ज्योत्सना दुबे ने बताया कि उनके सामने फोटो खींची जा रही थी और कर्मचारी दूसरे काम में लगे थे।
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शासन के नियमानुसार ओपीडी सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक चलनी होती है। रुरुगंज स्वास्थ्य केंद्र में फार्मासिस्ट, डॉक्टर और लैब तकनीशियन रोजाना 10 बजे के बाद ही पहुंच रहे हैं। मंगलवार को धनवाली गांव के साहिल, ईशु और दीपेंद्र कुमार फोड़ा-फुंसी व बुखार की दवा लेने सुबह नौ बजे ही आ गए थे। उस समय केंद्र में केवल वार्ड सहायक धीरेंद्र कुमार ही मौजूद था। मरीजों के पूछने पर उसने डॉक्टर के कुछ देर में आने की बात कही।
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करीब 10:33 बजे ज्योत्सना दुबे स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं और मरीजों का परीक्षण कर दवाएं दीं। फार्मासिस्ट सुरेश कुमार, स्टाफ नर्स और प्रयोगशाला तकनीशियन जागृति 10:30 बजे तक नहीं पहुंचे थे। मरीजों ने समय से कर्मचारी न होने पर नाराजगी जताते हुए स्वास्थ्य विभाग से व्यवस्था सुधारने की मांग की। बिधूना अधीक्षक बीपी शाक्य ने देर से आने की जानकारी न होने की बात कही, पर देरी से पहुंचने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। ज्योत्सना दुबे ने बताया कि उनके सामने फोटो खींची जा रही थी और कर्मचारी दूसरे काम में लगे थे।
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