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Auraiya News: दुष्कर्म व लूट के 19 साल पुराने मामले में आरोपी बरी
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औरैया। अपर सत्र न्यायाधीश ने 19 साल पुराने दुष्कर्म और लूट के मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दो आरोपी दीपक और बबलू उर्फ सोहेल बरी कर दिया है। यह फैसला अभियोजन पक्ष के आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहने के बाद आया है।
फफूंद थाना क्षेत्र की एक महिला ने एक अगस्त 2007 को न्यायालय में विशेष सत्र परिवाद दायर किया था। आरोप था कि 24 जुलाई 2007 की रात प्रीतम, शैलेंद्र, बबलू, दीपक और दो-तीन अज्ञात व्यक्ति हथियारों के साथ उनके पैतृक गांव भौनकपुर पहुंचे थे। आरोपियों ने घर में घुसकर उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म की कोशिश की थी। विरोध करने पर घर से जेवर और नकदी लूटकर फरार हो गए थे। पुलिस की ओर से कार्रवाई न किए जाने पर महिला ने कोर्ट की शरण ली थी। ट्रायल के दौरान मुख्य अभियुक्त प्रीतम की मौत हो गई थी। इस कारण 17 जुलाई 2026 को उसके विरुद्ध कार्रवाई समाप्त कर दी गई। एक अन्य आरोपी शैलेंद्र के हाजिर न होने पर सात जून 2023 को उसकी पत्रावली अलग कर दी गई थी। शेष बचे दो आरोपियों बबलू उर्फ साहिल और दीपक के खिलाफ ट्रायल चल रहा था।
सुनवाई के दौरान महिला और उसकी बेटी को अदालत में पेश किया गया। स्वतंत्र गवाह भी अदालत में उपस्थित हुए। किसी ने भी ने अभियोजन की दलीलों का समर्थन नहीं किया। तीनों मुख्य गवाहों के बयानों में यह स्पष्ट हुआ कि घटना की रात आरोपियों ने ऐसी कोई वारदात नहीं की थी। उन्होंने यह भी कहा कि वे अभियुक्तों को नहीं पहचानते हैं।
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अभियोजन के अनुरोध पर इन सभी गवाहों को पक्षद्रोही घोषित किया गया। सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित नहीं कर सका। न्यायाधीश ने दोनों अभियुक्तों को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। उनके जमानत मुचलके भी निरस्त कर दिए गए।
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फफूंद थाना क्षेत्र की एक महिला ने एक अगस्त 2007 को न्यायालय में विशेष सत्र परिवाद दायर किया था। आरोप था कि 24 जुलाई 2007 की रात प्रीतम, शैलेंद्र, बबलू, दीपक और दो-तीन अज्ञात व्यक्ति हथियारों के साथ उनके पैतृक गांव भौनकपुर पहुंचे थे। आरोपियों ने घर में घुसकर उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म की कोशिश की थी। विरोध करने पर घर से जेवर और नकदी लूटकर फरार हो गए थे। पुलिस की ओर से कार्रवाई न किए जाने पर महिला ने कोर्ट की शरण ली थी। ट्रायल के दौरान मुख्य अभियुक्त प्रीतम की मौत हो गई थी। इस कारण 17 जुलाई 2026 को उसके विरुद्ध कार्रवाई समाप्त कर दी गई। एक अन्य आरोपी शैलेंद्र के हाजिर न होने पर सात जून 2023 को उसकी पत्रावली अलग कर दी गई थी। शेष बचे दो आरोपियों बबलू उर्फ साहिल और दीपक के खिलाफ ट्रायल चल रहा था।
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सुनवाई के दौरान महिला और उसकी बेटी को अदालत में पेश किया गया। स्वतंत्र गवाह भी अदालत में उपस्थित हुए। किसी ने भी ने अभियोजन की दलीलों का समर्थन नहीं किया। तीनों मुख्य गवाहों के बयानों में यह स्पष्ट हुआ कि घटना की रात आरोपियों ने ऐसी कोई वारदात नहीं की थी। उन्होंने यह भी कहा कि वे अभियुक्तों को नहीं पहचानते हैं।
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अभियोजन के अनुरोध पर इन सभी गवाहों को पक्षद्रोही घोषित किया गया। सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित नहीं कर सका। न्यायाधीश ने दोनों अभियुक्तों को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। उनके जमानत मुचलके भी निरस्त कर दिए गए।