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भाजपा : अपनों के बीच ही दिखा शह और मात का खेल
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औरैया। भाजपा जिलाध्यक्ष पद पर 60 दावेदारों ने नामांकन भरा। इतनी बड़ी संख्या में नामांकन से यह सवाल उठने लगा है कि पार्टी में जरूर अंदर ही अंदर पाला खिंचा हुआ है। बुधवार को नामांकन के बाद दावेदार लखनऊ की ओर रवाना होते दिखे। पार्टी सूत्रों की माने तो ताजपोशी के लिए कोई आरएसएस संघ के रास्ते तो कोई लखनऊ में अपनी मजबूत पकड़ के सहारे दावेदार मैदान में हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष और प्रदेश परिषद पद को लेकर बुधवार को तुर्कीपुर स्थित पार्टी कार्यालय पर चुनाव प्रक्रिया सुबह 11 बजे से शुरू हुई। जिला चुनाव अधिकारी अक्षयवरलाल गौड़ और जिला सह चुनाव अधिकारी सत्येंद्र मिश्रा दावेदारों के नामांकन प्राप्त करने के लिए मीटिंग हाल में मौजूद थे। उनके हाल में सामने एक तरफ मंडल अध्यक्ष को जिला प्रतिनिधि भी बैठे नजर आए।
दोपहर एक बजे तक चली नामांकन प्रक्रिया में विधान सभाओं के प्रतिनिधियों, पूर्व जिलाध्यक्षों, सदर ब्लॉक प्रमुख व कई अन्य कद्दावर नेताओं समेत 60 लोगों ने जिलाध्यक्ष पद के लिए दावेदारी ठोंकी। दोपहर डेढ़ बजे तक नामांकन पत्रों की जांच की गई। जांच के बाद चुनाव अधिकारियों ने मंडल अध्यक्षों और जिला प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद दावेदारों के नाम और उनकी संख्या की घोषणा की। जिसमें प्रदेश परिषद पद के लिए 10 नामांकन फार्म जमा होने की बात कही।
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जैसा कि पहले से ही उम्मीद लगाई जा रही थी कि चुनाव तो होगा लेकिन मतदान नहीं। वैसे ही देखने को मिला। दावेदारों के नाम प्रदेश नेतृत्व के पास पहुंचेंगे और वहीं से दावेदारों की योग्यता और उनके मिले प्रस्तावकों के समर्थन को देखते हुए जिलाध्यक्ष की घोषणा 30 नवंबर तक होने की उम्मीद है।
भाजपा जिलाध्यक्ष गीता शाक्य ने बताया कि उन्होंने जिलाध्यक्ष पद के लिए इस बार नामांकन नहीं किया है। कहा कि नए कार्यकर्ताओं को भी मौका मिलना चाहिए। हालांकि पद न होते हुए भी वह पार्टी की वफादार सिपाही बनकर पार्टी की मजबूती के लिए काम करेंगी।
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भाजपा जिलाध्यक्ष और प्रदेश परिषद पद को लेकर बुधवार को तुर्कीपुर स्थित पार्टी कार्यालय पर चुनाव प्रक्रिया सुबह 11 बजे से शुरू हुई। जिला चुनाव अधिकारी अक्षयवरलाल गौड़ और जिला सह चुनाव अधिकारी सत्येंद्र मिश्रा दावेदारों के नामांकन प्राप्त करने के लिए मीटिंग हाल में मौजूद थे। उनके हाल में सामने एक तरफ मंडल अध्यक्ष को जिला प्रतिनिधि भी बैठे नजर आए।
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दोपहर एक बजे तक चली नामांकन प्रक्रिया में विधान सभाओं के प्रतिनिधियों, पूर्व जिलाध्यक्षों, सदर ब्लॉक प्रमुख व कई अन्य कद्दावर नेताओं समेत 60 लोगों ने जिलाध्यक्ष पद के लिए दावेदारी ठोंकी। दोपहर डेढ़ बजे तक नामांकन पत्रों की जांच की गई। जांच के बाद चुनाव अधिकारियों ने मंडल अध्यक्षों और जिला प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद दावेदारों के नाम और उनकी संख्या की घोषणा की। जिसमें प्रदेश परिषद पद के लिए 10 नामांकन फार्म जमा होने की बात कही।
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जैसा कि पहले से ही उम्मीद लगाई जा रही थी कि चुनाव तो होगा लेकिन मतदान नहीं। वैसे ही देखने को मिला। दावेदारों के नाम प्रदेश नेतृत्व के पास पहुंचेंगे और वहीं से दावेदारों की योग्यता और उनके मिले प्रस्तावकों के समर्थन को देखते हुए जिलाध्यक्ष की घोषणा 30 नवंबर तक होने की उम्मीद है।
भाजपा जिलाध्यक्ष गीता शाक्य ने बताया कि उन्होंने जिलाध्यक्ष पद के लिए इस बार नामांकन नहीं किया है। कहा कि नए कार्यकर्ताओं को भी मौका मिलना चाहिए। हालांकि पद न होते हुए भी वह पार्टी की वफादार सिपाही बनकर पार्टी की मजबूती के लिए काम करेंगी।