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Auraiya News: सरकारी भूमि पर हो रही थी प्लाॅटिंग, राजस्व टीम ने काम रुकवाया
Thu, 03 Jul 2025 11:26 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Thu, 03 Jul 2025 11:26 PM IST
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फफूंद। कस्बे में सरकारी भूमि पर हो रही अवैध प्लॉटिंग को राजस्व टीम ने रुकवा दिया। साथ ही उसे कब्जामुक्त कराकर पिलर भी लगवाए दिए गए हैं। बाद में ये भूमि नगर पंचायत के सुपुर्द कर दी गई। भूमि संबंधी कागजात न मिलने पर अधिकारियों ने प्रापर्टी डीलर को कार्रवाई की चेतावनी दी। कब्जामुक्त कराई गई जमीन की कीमत पांच करोड़ बताई जा रही है।
मिशन समाधान के तहत नायब तहसीलदार अशोक कुमार ने गुरुवार को कस्बे में लेखपाल नागेश चतुर्वेदी, अश्वनी यादव, अनोज वर्मा आदि राजस्व टीम के साथ अभियान चलाया। इस दौरान फफूंद-दिबियापुर मुख्य मार्ग के किनारे प्लाॅटिंग के लिए ईंटें लगाई जा रही थी। टीम ने प्रॉपर्टी डीलर से जमीन के कागजात मांगे, कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर टीम ने प्लाॅटिंग रुकवा दी।
राजस्वकर्मियों ने जमीन की पैमाइश की तो सड़क के किनारे 42 डिसमिल जमीन सरकारी मिली। नापजोख के बाद राजस्व टीम ने भूमि को नगर पंचायत की सुपुर्दगी में दे दिया। नगर पंचायत कर्मियों को भूमि का सीमांकन करने के बाद वहां पिलर बनाने और नगर पंचायत का बोर्ड लगाने के निर्देश दिए।
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लेखपाल नागेश चतुर्वेदी ने बताया कि नॉन जेड ए श्रेणी की 42 डिसमिल भूमि सरकारी है। कुछ लोग उस पर अवैध प्लाॅटिंग का प्रयास कर रहे थे। नापजोख के बाद पिलर के लिए गड्ढे खुदवा दिए गए और नगर पंचायत की सुपुर्दगी में दे दी है। मुक्त कराई गई भूमि की कीमत करीब पांच करोड़ रुपये आंकी गई है।
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मिशन समाधान के तहत नायब तहसीलदार अशोक कुमार ने गुरुवार को कस्बे में लेखपाल नागेश चतुर्वेदी, अश्वनी यादव, अनोज वर्मा आदि राजस्व टीम के साथ अभियान चलाया। इस दौरान फफूंद-दिबियापुर मुख्य मार्ग के किनारे प्लाॅटिंग के लिए ईंटें लगाई जा रही थी। टीम ने प्रॉपर्टी डीलर से जमीन के कागजात मांगे, कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर टीम ने प्लाॅटिंग रुकवा दी।
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राजस्वकर्मियों ने जमीन की पैमाइश की तो सड़क के किनारे 42 डिसमिल जमीन सरकारी मिली। नापजोख के बाद राजस्व टीम ने भूमि को नगर पंचायत की सुपुर्दगी में दे दिया। नगर पंचायत कर्मियों को भूमि का सीमांकन करने के बाद वहां पिलर बनाने और नगर पंचायत का बोर्ड लगाने के निर्देश दिए।
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लेखपाल नागेश चतुर्वेदी ने बताया कि नॉन जेड ए श्रेणी की 42 डिसमिल भूमि सरकारी है। कुछ लोग उस पर अवैध प्लाॅटिंग का प्रयास कर रहे थे। नापजोख के बाद पिलर के लिए गड्ढे खुदवा दिए गए और नगर पंचायत की सुपुर्दगी में दे दी है। मुक्त कराई गई भूमि की कीमत करीब पांच करोड़ रुपये आंकी गई है।