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हड़ताल ने किया बेहाल, भटके यात्री
ब्यूरो, अमर उजाला औरैया
Updated Thu, 03 Sep 2015 12:22 AM IST
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बुधवार का दिन औरैया वासियों के लिए परेशानी से भरा रहा। रोडवेज कमियों की हड़ताल के चलते लोगों को साधनों के लिए भटकना पड़ा। जिसे जैसा भी साधन मिला, वह उसी में सवार होकर निकल पड़ा। सवारियों की मुसीबत देर रात तक जारी रही। रोडवेज के चक्का जाम होने से परिवहन विभाग को आठ करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा।
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बताते चलें कि केंद्र सरकार से राज्य व केंद्रीय कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर लागू किए जा रहे नियमों को लेकर बुधवार को रोडवेज बसों का चक्का जाम रहा।
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रोडवेज बसें जहां स्टापों पर खड़ी रहीं। वहीं रोडवेज कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांगें पूरी किए जाने की हुंकार भरी। इसके चलते डिपो परिसर सुबह से रात तक बसों के बेड़े में तब्दील रहा।
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बुधवार सुबह रोडवेज कर्मचारियों ने आंदोलन को हवा दे दी। यूपी इंप्लाइज यूनियन के क्षेत्रीय मंत्री अखिलेश दुबे के नेतृत्व में चालक-परिचालक डिपो परिसर के बाहर जमा हो गए।
प्रदर्शन करने वालों में यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन के शाखा अध्यक्ष औरैया पीएन दुबे, ब्रह्मानंद दीक्षित, मनोज मिश्रा, रमाकांत मिश्रा, पीयूष यादव, राम प्रसाद, लडै़ते, महाराज सिंह, परवेज आलम, आरएन मिश्रा, प्रेम नारायन मिश्रा, विकास दुबे आदि कर्मचारी शामिल रहे।
आटो संचालन किया ठप- औरैया। रोडवेज चालक-परिचालकों की हड़ताल का फायदा उठा रहे आटो सहित अन्य डग्गामार छोटे वाहनों के सड़कों पर दौड़ते देख कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त हो गया।
आक्रोशित कर्मचारियों ने डिपो परिसर के बाहर से निकलने वाले टेंपो को रोककर सवारियां उतारनी शुरू कर दी। सभी आटो को सड़क पर खड़ा करा दिया। इसके चलते पूरे दिन शहर में बड़े से लेकर छोटे वाहनों का संचालन पूरी तरह से ठप रहा।
इधर-उधर भटकती रहीं सवारियां- औरैया। रोडवेज से लेकर आटो का संचालन ठप होने से बाहर से आकर गंतव्य को जाने वाली सवारियां पूरे दिन इधर से उधर भटकती रहीं।
सबसे ज्यादा परेशानियां परिवार के साथ सफर करने वालों को उठानी पड़ी। वहीं आटो का संचालन बंद होने से बहुत से बीमार लोगों को दवाइयों की दुकान तक पहुंचने में संकट का सामना करना पड़ा।
जबरदस्ती रोके गए वाहन, तमाशबीन बनी ट्रैफिक पुलिस- औरैया। परिवहन विभाग की हड़ताल के चलते अन्य वाहनों का संचालन ठप करने को कर्मचारियों ने डिपो परिसर के बाहर एकत्रित होकर जाम जैसी स्थिति उत्पन्न कर दी। खास बात यह रही कि किसी भी वाहन को जबरदस्ती न रोकने पर पाबंदी थी।
बावजूद इसके डिपो परिसर के बाहर आटो के जबरदस्ती संचालन पर रोक लगा रहे लोगों को रोकने में वहां मौजूद ट्रैफिक सिपाहियों ने कोई भी दिलचस्पी नहीं दिखाई। वहीं आटो का संचालन बंदे होने से आटो यूनियन ने भी हड़ताल को समर्थन दे दिया।