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मैली यमुना में श्रद्धालु लगाएंगे डुबकी

Wed, 13 Jan 2021 11:44 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 13 Jan 2021 11:44 PM IST
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people will have to bath in polluted yamuna
यमुना नदी के पानी में जमा कीचड़ व गंदगी का नजारा। - फोटो : AURAIYA
औरैया। नालों का गंदा पानी गिरने से यमुना का जल प्रदूषित होता जा रहा है। आज मकर संक्रांति है लेकिन प्रशासन ने तटों के आसपास सफाई का कोई इंतजाम नहीं किया। ऐसे में भक्तों को मैली यमुना में ही स्नान करना पड़ेगा। हाल ये है कि यमुना का पानी आचमन लायक भी नहीं है।
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मकर संक्रांति के दिन लोग उपवास रख पवित्र नदियों में स्नान के बाद ही जल ग्रहण करते हैं। शहर से महज पांच किमी दूर बहने वाली यमुना में श्रद्धालु स्नान करने के साथ ही पूजा-पाठ भी करते हैं। लेकिन यमुना दिनों दिन प्रदूषित होती जा रही है। इसमें औरैया शहर का गंदा पानी गिर रहा है। वहीं मढ़ापुर, खानपुर का गंदा पानी भी गिर रहा। तीन साल पहले सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि जिन जिलों में गंगा, यमुना जैसी पवित्र नदियां बहतीं हैं, वहां सफाई के लिए जिला प्रशासन कमेटी गठित कर सफाई कराएं। लेकिन इसका असर नहीं दिख रहा है। खास बात ये है कि नदी में गिरने वाले नालों की चौड़ाई भी तेजी से बढ़ रही है। यमुना में शवों का अंतिम संस्कार भी किया जाता है। तट पर काफी गंदगी फैली है। मकर संक्रांति से पहले तटों की सफाई न होने से लोगों में रोष भी है।
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विचित्र पहल संस्था चला रही सफाई अभियान
समाजसेवी संस्था एक विचित्र पहल तट पर रविवार को दो घंटे तक सफाई अभियान चलाती है। दो घंटे में महज 50 से 100 मीटर का क्षेत्र ही साफ हो पाता है।
सभासद छैया त्रिपाठी ने बताया कि मकर संक्रांति पर भी प्रशासनिक अधिकारियों ने यमुना तट की सफाई नहीं कराई। आलम ये है कि सीढ़ियों पर गंदगी व्याप्त है। अन्य स्थानों पर सिल्ट जमा है।
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आनंद नाथ गुप्ता ने बताया कि संस्था तट की सफाई और तट के सुंदरीकरण को लेकर प्रयासरत है। इसके लिए कई बार पत्राचार लखनऊ व दिल्ली में बैठे अधिकारियों तक को किया गया है।
संजीव गुप्ता उर्फ पप्पू ने बताया कि नदी का पानी इन दिनों आचमन योग नहीं हैं। जगह-जगह गंदगी फैली नजर आ रही है, तो वहीं तट के किनारे जमी सिल्ट से खतरा रहता है।

डॉ. सक्षम सेंगर ने बताया कि तट को साफ और स्वच्छ रखने में समाजसेवियों की अहम भूमिका है। शवों के अंतिम संस्कार के लिए चबूतरे बनाए गए है। ताकि गंदगी को रोका जा सके। प्रशासन और नेताओं को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
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