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शराब बनाने का धंधा छोड़ेंगी पछैयां बस्ती की महिलाएं
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Mon, 25 Jul 2016 12:03 AM IST
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पछैयां बस्ती में बैठक कर अवैध शराब से तौबा करने की रणनीति बनाती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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अवैध शराब के धंधे को बंद करने की चल रही अमर उजला की मुहिम के बाद अब महिलाएं और पुरुष इस धंधे से तौबा करने लगे हैं। एरवाकटरा के गांव मारवाड़ी में पूरे गांव के समर्पण के बाद पछैयां बस्ती की महिलाओं ने भी इस धंधे से तौबा करने का मन बनाया है। इसके लिए महिलाओं ने बैठक की। पहली बार खुलकर वह अमर उजाला के सामने आई। उन्होंने कहा कि प्रशासन योजनाओं का लाभ दे, रोजगार दे तो वह वह शराब बनाने का काम बंद कर देंगी।
जिले में कई ऐसी बदनाम बस्तियां है जहां पर पूरी बस्ती अवैध शराब का व्यापार करती है। दशकों से चल रहे इस व्यापार को प्रशासन भी खत्म नही कर सका। पुलिस से लेकर आबकारी विभाग हर महीने छापे मारकर अवैध शराब पकड़ती है। भठ्ठियां तोड़ती है, लहन नष्ट करती है। लेकिन यह धंधा खत्म नही होता। ऐसे में अमर उजाला ने इन बस्तियों के लोगों का दर्द सामने रखा।
इन बस्तियों के लोगों ने कहा कि उनके पास और कोई काम नहीं है। कोई उन्हें नही अपनाता। यहां तक सरकारी योजनाएं और राशनकार्ड तक उनके पास नहीं हैं। ऐसे में वह धंधा छोड़ देंगे तो क्या करेंगे। अमर उजाला में यह खबर छपी तो प्रशासन ने योजनाएं देकर ऋण दिलाने और रोजगार दिलाने की बात कही। इसके बाद शनिवार को एरवाकटरा में जो हुआ वह जिले के लिए अचंभे से कम नही था। मारवाड़ी गांव की महिलाओं व पुरुषो ने पुलिस के सामने समर्पण कर दिया। शराब बनाने के उपकरण और केमिकल पुलिस को सौंपकर शराब न बनाने और शराब न पीने की शपथ खाई।
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इसके बाद अब जिले के सबसे बड़ी अवैध शराब की बस्ती पछैयां बस्ती में भी शराब का धंधा छोड़ने की मुहिम शुरू हो गई है। शनिवार को अवैध शराब के कारोबार में लिप्त महिलाओं ने बैठक की और एक साथ शराब बनाने का धंधा छोड़ने का संकल्प लिया। इस मौके पर बनारसी दास मोहल्ले की महिला सभासद कमला देवी ने पहुंचकर महिलाओं को प्रेरित भी किया।
पहली बार मीडिया के सामने आई महिलाएं
मीडिया के कैमरे से भागने वाली इन बस्तियों के महिलाएं पहली बार खुलकर बोली। महिलाओं ने कहा कि किसी ने उनकी सही आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि वह धंधा छोड़ना चाहती हैं। इस दलदल में नही रहना चाहती मगर कोई उनकी बात को नही उठाता था कि आखिर फिर हम करें क्या। उन्होंने कहा कि वह सब समर्पण करके इस धंधे को छोड़ देंगी। जिससे बदनुमा दाग हट सके।
यह अच्छी पहल हो रही है। मैं इन सभी के फैसले का स्वागत करती हूं। अधीनस्थों से बात करके इन बस्तियों में कैंप लगवाया जाएगा। इसमें सभी के राशनकार्ड और योजनाओं का लाभ देेने के लिए लिस्ट बनवाई जाएगी। इसके अलावा कैंप में यह लोग अपनी समस्याएं रख सकते हैं। उन्हें दूर किया जाएगा।
माला श्रीवास्तव
डीएम
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जिले में कई ऐसी बदनाम बस्तियां है जहां पर पूरी बस्ती अवैध शराब का व्यापार करती है। दशकों से चल रहे इस व्यापार को प्रशासन भी खत्म नही कर सका। पुलिस से लेकर आबकारी विभाग हर महीने छापे मारकर अवैध शराब पकड़ती है। भठ्ठियां तोड़ती है, लहन नष्ट करती है। लेकिन यह धंधा खत्म नही होता। ऐसे में अमर उजाला ने इन बस्तियों के लोगों का दर्द सामने रखा।
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इन बस्तियों के लोगों ने कहा कि उनके पास और कोई काम नहीं है। कोई उन्हें नही अपनाता। यहां तक सरकारी योजनाएं और राशनकार्ड तक उनके पास नहीं हैं। ऐसे में वह धंधा छोड़ देंगे तो क्या करेंगे। अमर उजाला में यह खबर छपी तो प्रशासन ने योजनाएं देकर ऋण दिलाने और रोजगार दिलाने की बात कही। इसके बाद शनिवार को एरवाकटरा में जो हुआ वह जिले के लिए अचंभे से कम नही था। मारवाड़ी गांव की महिलाओं व पुरुषो ने पुलिस के सामने समर्पण कर दिया। शराब बनाने के उपकरण और केमिकल पुलिस को सौंपकर शराब न बनाने और शराब न पीने की शपथ खाई।
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इसके बाद अब जिले के सबसे बड़ी अवैध शराब की बस्ती पछैयां बस्ती में भी शराब का धंधा छोड़ने की मुहिम शुरू हो गई है। शनिवार को अवैध शराब के कारोबार में लिप्त महिलाओं ने बैठक की और एक साथ शराब बनाने का धंधा छोड़ने का संकल्प लिया। इस मौके पर बनारसी दास मोहल्ले की महिला सभासद कमला देवी ने पहुंचकर महिलाओं को प्रेरित भी किया।
पहली बार मीडिया के सामने आई महिलाएं
मीडिया के कैमरे से भागने वाली इन बस्तियों के महिलाएं पहली बार खुलकर बोली। महिलाओं ने कहा कि किसी ने उनकी सही आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि वह धंधा छोड़ना चाहती हैं। इस दलदल में नही रहना चाहती मगर कोई उनकी बात को नही उठाता था कि आखिर फिर हम करें क्या। उन्होंने कहा कि वह सब समर्पण करके इस धंधे को छोड़ देंगी। जिससे बदनुमा दाग हट सके।
यह अच्छी पहल हो रही है। मैं इन सभी के फैसले का स्वागत करती हूं। अधीनस्थों से बात करके इन बस्तियों में कैंप लगवाया जाएगा। इसमें सभी के राशनकार्ड और योजनाओं का लाभ देेने के लिए लिस्ट बनवाई जाएगी। इसके अलावा कैंप में यह लोग अपनी समस्याएं रख सकते हैं। उन्हें दूर किया जाएगा।
माला श्रीवास्तव
डीएम