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Auraiya News: योजना पर अनदेखी हावी, 10 हजार की आबादी प्यासी

Sat, 26 Aug 2023 11:17 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 26 Aug 2023 11:17 PM IST
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Overlooked plan, 10 thousand population thirsty
संवाद न्यूज़ एजेंसी
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बेला।
गांवों में स्वच्छ पानी मुहैया कराने के लिए चलाई गई स्वच्छ पेयजल योजना कारगर साबित नहीं हो सकी। बिधूना विकास खंड की ग्राम पंचायत बेला में पांच गांव को स्वच्छ पानी मुहैया कराने के लिए पानी की टंकी बनी, पंप लगा इसके बाद भी करीब 10 हजार की आबादी प्यासी है।

ग्राम पंचायत बेला में वर्ष 2004 में स्वच्छ पेयजल योजना के तहत पानी की टंकी का निर्माण कराया गया। इस ओवरहेड टैंक से बेला पंचायत समेत पास के गांव पुर्वालक्षी, फतेहुर, मनुआपुर्वा, परसेपुर्वा में जल आपूर्ति होनी थी। शुरुआत के दिनों में लोगों को पानी मिला। एक साल बाद कई जगह लाइन लीकेज हुई। जिसके बाद प्रतिवर्ष टंकी के रखरखाव में विभाग द्वारा लाखों रुपये खर्च करता रहा।
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इधर हर घर जल योजना की शुरुआत हुई तो पिछले वर्ष गांव में दोबारा से पाइप लाइन बिछाकर करीब ढाई सौ कनेक्शन किए गए। लोगों में आस जगी कि उन्हें जल्द पानी मिलने लगेगा। मगर इसके बाद भी लोगों को पानी नहीं मिल सका। आज भी ग्राम पंचायत की लगभग 9500 की आबादी पानी के लिए परेशान है।
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ऑपरेटर व देखरेख करने वालों को मिल रहा मानदेय

ग्रामीण संतोष पांडेय, अजब सिंह, अमित गुप्ता आदि ने बताया कि गांव में सालों से पानी की टंकी बनी खड़ी है। मगर पानी आज तक नहीं मिला। अधिकारी कागजों में इसका संचालन दिखा रहे है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें यहां तक बताया गया है कि पानी की टंकी की देखरेख के लिए इलेक्ट्रिशियन, फिटर व ऑपरेटर की तैनाती है। इन्हें मानदेय भी दिया जा रहा है।

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फोटो-2- अजय मिश्रा
बेला निवासी अजय मिश्रा ने बताया कि पानी की टंकी बनने के बाद से आज तक ठीक से पानी नहीं मिला। लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी ग्रामीण शुद्ध पानी के लिए तरस रहे हैं। गांव के कई हैंडपंप में गंदा पानी आता है। कुछ हैंडपंप खराब भी पड़े है। इससे पानी को लेकर परेशानी भी होती है।

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फोटो-3- दिलीप पोरवाल

बेला निवासी दिलीप पोरवाल ने बताया कि क्षेत्र का वाटर लेवल कम है। कई घरों में लगे हैंडपंप भी सूख गए हैं। गांव के लोगों के लिए पानी की टंकी बड़ा सहारा था। पिछले साल कनेक्शन किए गए। मगर आज तक आपूर्ति नहीं मिली। इसके बाद भी कर्मचारी तैनात कर मानदेय, बिजली के बिल आदि पर धनराशि खर्च की जा रही है।


जब भी पानी चालू किया गया कुछ दिन तो चला, लेकिन लीकेज होने के कारण पानी बंद हो गया। इसको लेकर जल निगम के अधिकारियों को कई बार सूचना दी गई। मगर आज तक किसी ने ध्यान नहीं दिया। गांव में आपूर्ति नहीं हो रही है। - राकेश सिंह चौहान, प्रधान बेला



बेला पंचायत में पानी की टंकी से आपूर्ति न होने की जानकारी नहीं है। जिन गांव में पानी को लेकर समस्या है, इसकी जानकारी की जाएगी। गांव में बनी पानी की टंकी संचालन का जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की होती है। फिर भी इसकी जांच की जाएगी। - अरुण कुमार, अधिशासी अभियंता
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