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Auraiya News: मुख्य परीक्षाओं की तरह ही दें प्री-बोर्ड एग्जाम
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औरैया। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं का शेड्यूल जारी कर दिया है। इस साल परीक्षा पुराने पैटर्न पर ही होगी। विशेषज्ञ शिक्षकों ने छात्रों को प्री-बोर्ड के आधार पर तैयारी करने का सुझाव दिया है।
कोरोना के चलते पिछले साल परीक्षा दो सत्र में हुई थी। इसमें पाठ्यक्रम भी आधा हो गया था। विद्यार्थियों को तैयारियों के लिए भरपूर समय मिला था लेकिन, इस साल बोर्ड पुराने पैटर्न (स्वरूप) पर पूरे पाठ्यक्रम से परीक्षा करा रहा है। पाठ्यक्रम को एक साथ तैयार करना विद्यार्थियों के लिए चुनौती जरूरी है, लेकिन यदि समय व घंटे तय कर तैयारी सहज हो सकती है।
12वीं के विद्यार्थी भी पहली बार ही बोर्ड परीक्षा दे रहे हैं। इसी के साथ वह जेईई, नीट की तैयारी भी कर रहे हैं। विद्यार्थियों पर पढ़ाई का दबाव न रहे और वह तनाव मुक्त रहें, इसके लिए विशेषज्ञ प्री-बोर्ड परीक्षा को महत्वपूर्ण बता रहे हैं।
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ह समझ आ जाता है कि हर विषय में कितना समय लगाना है। मुख्य परीक्षाओं का मूल्यांकन कैसे होता है, यह भी प्री-बोर्ड से साफ हो जाता है। प्रश्नपत्र में होने वाले बदलाव भी प्री-बोर्ड से पता चल जाते हैं।
10 वर्षों के प्रश्नपत्र हल करें, मिलेगी सफलता
इस बार बोर्ड की परीक्षा में इस बार 40 प्रतिशत प्रश्न सामान्य ज्ञान पर आधारित होंगे। विशेषज्ञों के अनुसार इन प्रश्नों को हल करने के लिए विद्यार्थियों को पूरा विषय पढ़ना होगा। यही कारण है कि अंतिम समय में तैयारी करना कारगर साबित नहीं होगा। सुझाव दिया कि छात्र 10 सालों के प्रश्नपत्र हल करें और एनसीईआरटी की किताबों से अध्ययन करें।
बोले जिम्मेदार ---
विद्यार्थियों को अपना आकलन करना बेहद जरूरी है। बिना तनाव लिए जो विषय कमजोर है, उस पर अतिरिक्त समय देना जरूरी है। प्री-बोर्ड की गल्तियों को सुधारकर मुख्य परीक्षा दें और संशोधन करते रहें। - डॉ.आनंद, जिला कोर्डिनेटर, सीबीएससी
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कोरोना के चलते पिछले साल परीक्षा दो सत्र में हुई थी। इसमें पाठ्यक्रम भी आधा हो गया था। विद्यार्थियों को तैयारियों के लिए भरपूर समय मिला था लेकिन, इस साल बोर्ड पुराने पैटर्न (स्वरूप) पर पूरे पाठ्यक्रम से परीक्षा करा रहा है। पाठ्यक्रम को एक साथ तैयार करना विद्यार्थियों के लिए चुनौती जरूरी है, लेकिन यदि समय व घंटे तय कर तैयारी सहज हो सकती है।
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12वीं के विद्यार्थी भी पहली बार ही बोर्ड परीक्षा दे रहे हैं। इसी के साथ वह जेईई, नीट की तैयारी भी कर रहे हैं। विद्यार्थियों पर पढ़ाई का दबाव न रहे और वह तनाव मुक्त रहें, इसके लिए विशेषज्ञ प्री-बोर्ड परीक्षा को महत्वपूर्ण बता रहे हैं।
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ह समझ आ जाता है कि हर विषय में कितना समय लगाना है। मुख्य परीक्षाओं का मूल्यांकन कैसे होता है, यह भी प्री-बोर्ड से साफ हो जाता है। प्रश्नपत्र में होने वाले बदलाव भी प्री-बोर्ड से पता चल जाते हैं।
10 वर्षों के प्रश्नपत्र हल करें, मिलेगी सफलता
इस बार बोर्ड की परीक्षा में इस बार 40 प्रतिशत प्रश्न सामान्य ज्ञान पर आधारित होंगे। विशेषज्ञों के अनुसार इन प्रश्नों को हल करने के लिए विद्यार्थियों को पूरा विषय पढ़ना होगा। यही कारण है कि अंतिम समय में तैयारी करना कारगर साबित नहीं होगा। सुझाव दिया कि छात्र 10 सालों के प्रश्नपत्र हल करें और एनसीईआरटी की किताबों से अध्ययन करें।
बोले जिम्मेदार ---
विद्यार्थियों को अपना आकलन करना बेहद जरूरी है। बिना तनाव लिए जो विषय कमजोर है, उस पर अतिरिक्त समय देना जरूरी है। प्री-बोर्ड की गल्तियों को सुधारकर मुख्य परीक्षा दें और संशोधन करते रहें। - डॉ.आनंद, जिला कोर्डिनेटर, सीबीएससी