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सूखने के कगार पर सेंगुर नदी

Sun, 22 May 2016 11:31 PM IST
Auraiya, Uttar pradesh, India
Auraiya, Uttar pradesh, India Updated Sun, 22 May 2016 11:31 PM IST
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On the verge of drying river Sengur
सेंगुर नदी में अब कुछ इस तरह है जल की धारा - फोटो : amar ujala beuro
बीहड़ी क्षेत्र में जल संसाधन का जरिया सेंगुर नदी में गर्मी के कारण पानी कम हो गया है। जो पानी है भी वह भी बहुत ही गंदा। ऐसे में इन बीहड़ी गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। यहां तक की जानवरों को भी पिलाने के लिए साफ पानी नही मिल रहा है।
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बीहड़ क्षेत्र के दर्जनों गांव की लाइफ लाईन सेंगुर नदी सूखने के कगार पर है। पडरिया, ब्यौरा नबलपुर, ऊंचा, बहादुरपुर, नगलापाठक इंगुठिया, सहबाजपुर आदि गांव पूरी तरह इसी नदी पर निर्भर है। नदी की जलधारा सिकुड़ गई है। ऐसे में पानी का स्तर बहुत कम हो गया है। अब हालत यह है कि नदी में गंदा पानी ही बह रहा है। इन गांवों में जहां लोगों के सामने पेयजल संकट खड़ा हो गया है वहीं जानवरों के लिए भी पीने का पानी नहीं है। गांव में हैडपंप के सहारे पीने के पानी की आपूर्ति हो रही है। मगर जानवर यही गंदा पानी पीने को मजबूर है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस नदी में पानी छोड़े जाने की मांग की है जिससे कि बीहड़ क्षेत्र की पेयजल संकट से छुटकारा मिल सके।
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फसल सिंचाई तक को नहीं मिल रहा पानी
सेंगुर नदी सूखने से मुरादगंज क्षेत्र के आस पास गांवों की हालत सूखे जैसे हो गए हैं। नदी सूखने से ताल-तलैय्या तक सूखे पड़े हैं। किसानों के पास सिंचाई करने तक का पानी नही है। रुपये देकर भी सिंचाई के लिए ट्यूबवेल से पानी नही मिल पा रहा है। पडरिया, बहादुरपुर, नगलापाठक इंगुठिया, सहबाजपुर आदि गांवों में सूखे जैसे हालात हैं। इस बार फसलों की सिंचाई के लिए पानी नही मिल रहा है। जिले की स्थानीय नदी सेंगुर नदी जो कि चम्बल से निकलकर हमीरपुर तक जाती है।
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यह नदी अपने उद्गम वाले जिलों में ही सूख गई है। पानी का बहाव न होने के कारण पानी गंदा और कीचड़युक्त हो गया है। नदी सूखने से इन गांवों में तालाब भी सूख गए है। पशुपालकों के सामने भी संकट खड़ा हो गया है। हरा चारा तो छोड़िए जानवरों को पिलाने के लिए साफ पानी तक नही मिल पा रहा है। ऐसी स्थिति में जानवर गंदा पानी पीकर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। किसानों की फसल सूखने की कगार पर है।
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