औरैया: दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर दस घंटे बाद सही हुआ ओएचई में फॉल्ट, भीषण गर्मी में यात्री हुए परेशान
रेलवे प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार शाम लगभग सवा पांच बजे 02398 महाबोधि एक्सप्रेस झींझक और अंबियापुर रेलवे स्टेशन के बीच से गुजर रही थी। इस बीच जानवर ट्रेन से टकरा गया।
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दिल्ली हावड़ा रेल रूट पर डाउन ट्रैक की टूटी ओएचई लाइन दस घंटे बाद रात तीन बजे के आसपास चालू हो सकी है। जिससे बीस से अधिक मेल एक्सप्रेस सुपरफास्ट राजधानी, तेजस, दूरंतो गाड़ियां प्रभावित रहीं। कंचौसी फफूंद आदि स्टेशनों पर घंटों यात्री फंसे रहे।
दिल्ली हावड़ा रेलमार्ग पर झींझक अंबियापुर रेलवे स्टेशनों के बीच महाबोधि एक्सप्रेस से जानवर टकराने के बाद कई खंभों की ओएचई लाइन टूट गई थी। इससे दिल्ली हावड़ा डाउन लाइन पर रेल यातायात घंटों ठप रहा। देर रात तक कई ट्रेनें जहां की तहां खड़ीं रहीं। रात 12 बजे ओएचई में दोबारा फाल्ट हुआ था। जो तीन बजे ठीक हुआ। यात्रियों के हंगामे के बीच मौके पर आरपीएफ मौजूद रही।
इससे पहले रेल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार शाम लगभग सवा पांच बजे 02398 महाबोधि एक्सप्रेस झींझक और अंबियापुर रेलवे स्टेशन के बीच से गुजर रही थी। इस बीच जानवर ट्रेन से टकरा गया।
इसी दौरान लगभग आधा दर्जन खंभों की ओएचई लाइन के तार टूट गए। इससे डाउन ट्रैक की ट्रेनें जहां की तहां खड़ीं हो गईं। आनन फानन कानपुर, फफूंद और इटावा से ओएचई वैगन घटनास्थल के लिए रवाना हुई।
झींझक और अंबियापुर के बीच 02398 महाबोधि एक्सप्रेस, 02566 बिहार संपर्क क्रांति, झींझक में 02368 विक्रमशिला एक्सप्रेस, कंचौसी में 05633 बीकानेर एक्सप्रेस, 02420 गोमती एक्सप्रेस फफूंद में, 02941 पारसनाथ एक्सप्रेस साम्हो में, 02034 शताब्दी एक्सप्रेस इटावा रेलवे स्टेशन पर खड़ी कर दी गई।
वहीं झींझक स्टेशन पर कई घंटों से खड़ी बिहार सम्पर्क क्रांति एक्सप्रेस के यात्रियों का धैर्य टूटा गया और उन्होंने जमकर हंगामा किया। यात्रियों का आरोप है कि रेलवे कर्मी काम जल्दी नहीं कर रहे हैं। जबकि रेलवे अधिकारियों ने 12 बजे के बाद लाइन चालू होने की उम्मीद जताई है।
रेलवे प्रशासन ने देर रात तक ट्रैक बहाल होने की उम्मीद जताई है। फफूंद स्टेशन अधीक्षक अर्जुन सिंह ने बताया कि ट्रैक बहाल होते ही ट्रेन यातायात शुरू कर दिया जाएगा।
गर्मी व भूख से बेहाल हुए यात्री
महाबोधि एक्सप्रेस के इंजन से सांड़ टकराने के चलते डाउन लाइन पर खड़ी हुई ट्रेनों में सवार यात्रियों को काफी दिक्कत उठानी पड़ी। स्टेशन से पहले खड़ी हुई महाबोधि एक्सप्रेस व विक्रमशिला एक्सप्रेस में सवार यात्री भूख-प्यास से परेशान रहे। खमहैला अंडरपास के पास महाबोधि एक्सप्रेस के यात्रियों को गांव के लोगों ने पानी पिलाया। यात्रियों ने गांव की छिटपुट दुकानों से बिस्किट आदि लेकर भूख शांत की।
वहीं झींझक स्टेशन से कुछ दूर पर खड़ी विक्रमशिला एक्सप्रेस के यात्री प्लेटफार्म के आसपास लगी दुकानों पर खाने-पीने का सामान खरीदते नजर आए।जानकारी के अनुसार अक्षयवट आश्रम के पास खड़ी विक्रमशिला एक्सप्रेस को झींझक स्टेशन की लूप लाइन पर 11 बजकर 10 मिनट पर खड़ा किया गया लेकिन वहां स्टेशन कार्यालय में घुसकर यात्रियों ने हंगामा किया। इसके बाद यात्रियों को सूचित किया गया कि एक तार कसा जा चुका है। काम जारी है। अभी करीब डेढ़ घंटे का समय और लगेगा।
बिहार संपर्क क्रांति में सवार यात्री गया बिहार निवासी यदुनाथ ने बताया कि दिल्ली से घर जा रहे थे। कई घंटे ट्रेन खड़ी रहने से गर्मी के चलते महिलाओं व बच्चों को काफी दिक्कत उठानी पड़ी। बनारस निवासी अमित ने बताया कि दिल्ली से वह भी घर जा रहे थे। काफी देर तक ट्रेन खड़ी रहने के कारण प्लेटफार्म पर भी खानपान की सामग्री बिक गई।
वेंडरों ने मनमाने दाम पर बेचा सामान
सांड़ की टक्कर से क्षतिग्रस्त हुई ओएचई लाइन की मरम्मत के चलते खड़ी हुई ट्रेनों के यात्रियों को चाय-समोसा के लिए मनमाने दाम चुकाने पड़े। मौके को देखते हुए झींझक स्टेशन पर वेंडरों ने भी आमतौर पर पांच रुपये मेें बिकने वाली चाय व समोसा को दस से पंद्रह रुपये तक में बेचा। मजबूरी मेें यात्री भी जेब ढीली करने को मजबूर रहे।