{"_id":"61abb546048676419a31e383","slug":"now-pharmacists-are-also-on-strike-health-services-derailed-auraiya-news-knp6677289122","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब फार्मासिस्ट भी हड़ताल पर, स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब फार्मासिस्ट भी हड़ताल पर, स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी
विज्ञापन
मांगों को लेकर धरने पर बैठे फार्मासिस्ट।
- फोटो : AURAIYA
औरैया। संविदा कर्मियों के बाद शनिवार से जिले के फार्मासिस्ट और आशा कार्यकर्ता भी हड़ताल पर चले गए। इससे स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हैं। अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मियों के न रहने से लोगों को परेशानी हो रही है। कोरोना टीकाकरण का काम भी ठप रहा। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय पर स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रदेश सरकार के विरोध में नारे लगाकर अपनी भड़ास निकाली। इस दौरान संविदा कर्मियों ने सात सूत्री, फार्मासिस्टों ने 20 सूत्री मांगे पूरी किए जाने को कहा।
डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन की ओर से शनिवार को वेतन उच्चीकरण, संवर्ग पुनर्गठन, पदनाम परिवर्तन समेत 20 सूत्री मांगो को लेकर सीएमओ कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. श्याम नरेश दुबे ने कहा कि मांगे पूरी न होने तक अब पीछे हटने वाले नहीं हैं। जिला अध्यक्ष इंद्रपाल सिंह ने कहा कि कई प्रस्ताव शासन में लंबित हैं।
जिला मंत्री डॉ. विवेक गुप्ता ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सा सुविधाएं 24 घंटे संचालित हो रही हैं। मानक में दो पदों के सृजन का प्रावधान है। जिससे एक-एक फार्मेसिस्ट 24 से 48 घंटे कार्य कर रहे हैं।
विज्ञापन
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष डॉ. प्रमोद त्रिपाठी ने कहा कि चिकित्सकों की कमी के कारण फार्मासिस्ट चिकित्सकीय कार्य कर रहे हैं। मगर उन्हें प्रभार भत्ता के नाम पर मात्र 75 रुपये प्रतिमाह दिया जाता है। साथ ही चिकित्सीय कार्य को विधिक मान्यता नहीं दी गई है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मांगें पूरी न होने पर एसोसिएशन प्रदर्शन को और उग्र करेगा।
धरना-प्रदर्शन के दौरान जिला चिकित्सालय, महिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के फार्मासिस्टों के अलावा अधिकारी कर्मचारी और सैकड़ों की संख्या में आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। आशाओं के प्रदर्शन को अजय कुमार पांडेय, डॉ. एसपी सिंह, डॉ. ओमवीर सिंह, पदम सिंह, अनुराग, डॉ. नागेंद्र, डॉ. संकल्प आदि ने संबोधित किया।
इस मौके पर डा. घनश्याम गुप्ता, डा. संदीप सेंगर, डा. अनिल पाल, डा. नीरज, डा. रामगोपाल बाजपेई, डा. विपिन अग्निहोत्री, डा. नरेंद्र नारायण, डा. मानसिंह पाल, डॉ. कुलदीप, डॉ. विक्रम सिंह, डॉ. सुधीर कटियार, डॉ. अवनीश, डॉ. दीपेंद्र मिश्रा, डॉ. ऋषि मुनि, डॉ. राकेश बाथम, डॉ. केपी सिंह, डॉ. प्रमोद यादव आदि रहे।
सीएमओ कार्यालय पर आशा कार्यकर्ताओं के धरना-प्रदर्शन को सपा नेताओं ने समर्थन दिया। सपा जिलाध्यक्ष राजवीर सिंह यादव ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों और आशा कार्यकर्ताओं की मांगे जायज हैं। जिन्हें सरकार को पूरा करना चाहिए। कोरोना टीकाकरण में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका अहम है। शनिवार को आशा के हड़ताल के कारण टीकाकरण अभियान ठप रहा।
विज्ञापन
डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन की ओर से शनिवार को वेतन उच्चीकरण, संवर्ग पुनर्गठन, पदनाम परिवर्तन समेत 20 सूत्री मांगो को लेकर सीएमओ कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. श्याम नरेश दुबे ने कहा कि मांगे पूरी न होने तक अब पीछे हटने वाले नहीं हैं। जिला अध्यक्ष इंद्रपाल सिंह ने कहा कि कई प्रस्ताव शासन में लंबित हैं।
विज्ञापन
जिला मंत्री डॉ. विवेक गुप्ता ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सा सुविधाएं 24 घंटे संचालित हो रही हैं। मानक में दो पदों के सृजन का प्रावधान है। जिससे एक-एक फार्मेसिस्ट 24 से 48 घंटे कार्य कर रहे हैं।
विज्ञापन
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष डॉ. प्रमोद त्रिपाठी ने कहा कि चिकित्सकों की कमी के कारण फार्मासिस्ट चिकित्सकीय कार्य कर रहे हैं। मगर उन्हें प्रभार भत्ता के नाम पर मात्र 75 रुपये प्रतिमाह दिया जाता है। साथ ही चिकित्सीय कार्य को विधिक मान्यता नहीं दी गई है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मांगें पूरी न होने पर एसोसिएशन प्रदर्शन को और उग्र करेगा।
धरना-प्रदर्शन के दौरान जिला चिकित्सालय, महिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के फार्मासिस्टों के अलावा अधिकारी कर्मचारी और सैकड़ों की संख्या में आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। आशाओं के प्रदर्शन को अजय कुमार पांडेय, डॉ. एसपी सिंह, डॉ. ओमवीर सिंह, पदम सिंह, अनुराग, डॉ. नागेंद्र, डॉ. संकल्प आदि ने संबोधित किया।
इस मौके पर डा. घनश्याम गुप्ता, डा. संदीप सेंगर, डा. अनिल पाल, डा. नीरज, डा. रामगोपाल बाजपेई, डा. विपिन अग्निहोत्री, डा. नरेंद्र नारायण, डा. मानसिंह पाल, डॉ. कुलदीप, डॉ. विक्रम सिंह, डॉ. सुधीर कटियार, डॉ. अवनीश, डॉ. दीपेंद्र मिश्रा, डॉ. ऋषि मुनि, डॉ. राकेश बाथम, डॉ. केपी सिंह, डॉ. प्रमोद यादव आदि रहे।
सीएमओ कार्यालय पर आशा कार्यकर्ताओं के धरना-प्रदर्शन को सपा नेताओं ने समर्थन दिया। सपा जिलाध्यक्ष राजवीर सिंह यादव ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों और आशा कार्यकर्ताओं की मांगे जायज हैं। जिन्हें सरकार को पूरा करना चाहिए। कोरोना टीकाकरण में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका अहम है। शनिवार को आशा के हड़ताल के कारण टीकाकरण अभियान ठप रहा।