{"_id":"5fe8cb978ebc3e3d42692b08","slug":"no-stairs-in-railwayfly-over-people-worried-auraiya-news-knp6025082121","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेल फ्लाईओवर पर सीढिय़ां न होने से बढने वाली मुसीबतों को लेकर परेशान लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेल फ्लाईओवर पर सीढिय़ां न होने से बढने वाली मुसीबतों को लेकर परेशान लोग
विज्ञापन
रेलवे फ्लाईओवर पर सीढिय़ों के लिए छोड़ा गया स्थान
- फोटो : AURAIYA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिबियापुर (औरैया)। आगामी 29 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मालगाड़ियों के लिए बने ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर (ईडीएफसी) का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही दिबियापुर में रेलवे लाइन के किनारे रहने वाले हजारों लोगों की समस्या बढ़ जाएगी। उद्घाटन के बाद डीएफसी लाइन के किनारे लगी फेंसिंग बंद हो जाएंगी। अभी इन फेंसिंग के खुले रास्तों से लोग रेलवे लाइन के एक से दूसरी ओर आते-जाते हैं। इसके बाद लोगों को लाइन पार करने के लिए कई किलोमीटर का चक्कर काटना पड़ेगा।
लोगों को रेलवे ट्रैक पार करने की सुविधा देने के लिए वर्तमान रेलवे फ्लाईओवर के साथ सीढ़ियों का निर्माण शुरू कराया गया था। हालांकि आज तक फ्लाईओवर के एक छोर की सीढ़ियां नहीं बन पाईं हैं। फेंसिंग बंद होने से आशंकित लोगों ने जल्द ही अधूरे फ्लाईओवर का निर्माण पूरा कराने की मांग की है। 2018 में दिबियापुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिबियापुर नगर पंचायत चेयरमैन अरविंद पोरवाल ने ज्ञापन सौंपकर फ्लाईओवर पर सीढ़ियां बनवाने की मांग की थी। इसके बावजूद अभी तक जिले के अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है।
इतने लोग प्रभावित
शांतिनगर और रामकृष्ण नगर वार्ड के लगभग 5000 लोगों को फ्लाईओवर की अधूरी सीढ़ियों के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है।
लोगों ने बताई समस्या
राजू दुबे का कहना है कि रेलवे फ्लाईओवर पर यातायात शुरू हुए छह वर्ष बीत चुके हैं। इसके बावजूद सीढ़ियां न बनने से रेलवे लाइन के किनारे रहने वाले लोगों को लाइन के दूसरी ओर जाने में परेशानी होती है।
विज्ञापन
अनूप कुमार भोजवाल के अनुसार रेल ओवरब्रिज पर सीढ़ियां न बनने के कारण अब तक मजबूरी में लोग रेलवे क्रॉसिंग पार करते थे। इसके कारण कई हादसे हो चुके हैं। अब तो जिला एवं रेल प्रशासन को सीढ़ियां बना देनी चाहिए।
राजकुमार पोरवाल के अनुसार सीढ़ियों के लिए जगह तो फ्लाईओवर निर्माण के समय ही छोड़ दी गई थी। फेंसिंग बंद होने के बाद जब तक सीढ़ियां नहीं बनतीं, लोगों को कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ेगा।
रामौतार राजपूत के अनुसार पैदल राहगीरों की सहूलियत के लिए रेल फ्लाईओवर पर तुरंत सीढ़ियों का निर्माण शुरू करवाना चाहिए। इसके लिए जिला प्रशासन को पहल करनी चाहिए।
वर्जन
नगर पंचायत अध्यक्ष अरविंद पोरवाल ने बताया कि 2014 से कार्य अधूरा पड़ा है। सीएम को इस संदर्भ में पत्र भेजा गया है। सेतु निगम को भी अवगत कराया गया है।
विज्ञापन
लोगों को रेलवे ट्रैक पार करने की सुविधा देने के लिए वर्तमान रेलवे फ्लाईओवर के साथ सीढ़ियों का निर्माण शुरू कराया गया था। हालांकि आज तक फ्लाईओवर के एक छोर की सीढ़ियां नहीं बन पाईं हैं। फेंसिंग बंद होने से आशंकित लोगों ने जल्द ही अधूरे फ्लाईओवर का निर्माण पूरा कराने की मांग की है। 2018 में दिबियापुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिबियापुर नगर पंचायत चेयरमैन अरविंद पोरवाल ने ज्ञापन सौंपकर फ्लाईओवर पर सीढ़ियां बनवाने की मांग की थी। इसके बावजूद अभी तक जिले के अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है।
विज्ञापन
इतने लोग प्रभावित
शांतिनगर और रामकृष्ण नगर वार्ड के लगभग 5000 लोगों को फ्लाईओवर की अधूरी सीढ़ियों के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है।
लोगों ने बताई समस्या
राजू दुबे का कहना है कि रेलवे फ्लाईओवर पर यातायात शुरू हुए छह वर्ष बीत चुके हैं। इसके बावजूद सीढ़ियां न बनने से रेलवे लाइन के किनारे रहने वाले लोगों को लाइन के दूसरी ओर जाने में परेशानी होती है।
विज्ञापन
अनूप कुमार भोजवाल के अनुसार रेल ओवरब्रिज पर सीढ़ियां न बनने के कारण अब तक मजबूरी में लोग रेलवे क्रॉसिंग पार करते थे। इसके कारण कई हादसे हो चुके हैं। अब तो जिला एवं रेल प्रशासन को सीढ़ियां बना देनी चाहिए।
राजकुमार पोरवाल के अनुसार सीढ़ियों के लिए जगह तो फ्लाईओवर निर्माण के समय ही छोड़ दी गई थी। फेंसिंग बंद होने के बाद जब तक सीढ़ियां नहीं बनतीं, लोगों को कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ेगा।
रामौतार राजपूत के अनुसार पैदल राहगीरों की सहूलियत के लिए रेल फ्लाईओवर पर तुरंत सीढ़ियों का निर्माण शुरू करवाना चाहिए। इसके लिए जिला प्रशासन को पहल करनी चाहिए।
वर्जन
नगर पंचायत अध्यक्ष अरविंद पोरवाल ने बताया कि 2014 से कार्य अधूरा पड़ा है। सीएम को इस संदर्भ में पत्र भेजा गया है। सेतु निगम को भी अवगत कराया गया है।