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कीचड़ भरी गलियों से पहचान है बिचौली की
ब्यूरो/अमर उजाला, औरैया
Updated Sun, 17 May 2015 12:06 AM IST
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सहार ब्लाक की ग्राम पंचायत भितरगांव का मजरा बिचौली वास्तव में विकास के मायने में काफी पिछड़ी है। दो हजार की आबादी वाले गांव में एक भी गली ऐसी नहीं, जिससे आसानी पूर्वक निकला जा सके। इसी के चलते यहां के लोग पिछले दो दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार चुनाव के वक्त प्रत्याशी वोट मांगने आते हैं। तब वह विकास की दुहाई देकर चुनाव बाद काम कराने का भरोसा देते हैं, लेकिन चुनाव के बाद गांव की तरफ कोई मुड़कर नहीं देखता। इस संबंध में बब्बन तिवारी ने बताया कि ग्राम पंचायत भितरगांव में तीन मजरे शामिल हैं, जिसमें बिचौली, पुर्वा कन्हई के अलावा भितरगांव शामिल है।
बताया कि गांव के विकास कार्य में घपलेबाजी हुई है। अक्तूबर 2010 से मनरेगा के काम केवल कागजों में ही शुरू हुए हैं। गांव में सफाई कर्मी को कोई भी ग्रामीण नहीं पहचानता।
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गांव के राहुल, शिवसिंह, राधेश्याम, गजेंद्र, करनसिंह, रामनरेश एवं संजय आदि ने जिलाधिकारी से गांव की बुनियादी सुविधाओं की बहाली के साथ अब तक हुए विकास कार्यो की जांच करवाने की मांग की है।
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ग्रामीणों के अनुसार चुनाव के वक्त प्रत्याशी वोट मांगने आते हैं। तब वह विकास की दुहाई देकर चुनाव बाद काम कराने का भरोसा देते हैं, लेकिन चुनाव के बाद गांव की तरफ कोई मुड़कर नहीं देखता। इस संबंध में बब्बन तिवारी ने बताया कि ग्राम पंचायत भितरगांव में तीन मजरे शामिल हैं, जिसमें बिचौली, पुर्वा कन्हई के अलावा भितरगांव शामिल है।
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बताया कि गांव के विकास कार्य में घपलेबाजी हुई है। अक्तूबर 2010 से मनरेगा के काम केवल कागजों में ही शुरू हुए हैं। गांव में सफाई कर्मी को कोई भी ग्रामीण नहीं पहचानता।
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गांव के राहुल, शिवसिंह, राधेश्याम, गजेंद्र, करनसिंह, रामनरेश एवं संजय आदि ने जिलाधिकारी से गांव की बुनियादी सुविधाओं की बहाली के साथ अब तक हुए विकास कार्यो की जांच करवाने की मांग की है।