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मां ने बेटियों को स्टेशन पर छोड़ा

Fri, 14 Jul 2017 12:00 AM IST
अमर उजाला, औरैया
अमर उजाला, औरैया Updated Fri, 14 Jul 2017 12:00 AM IST
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Mother left the daughters at the station
रेलवे स्टेशन पर मौजूद दोनों बच्चियां। - फोटो : amar ujala
एक मां अपनी दो अबोध बेटियों को फफूंद रेलवे स्टेशन पर छोड़ गई। इसकी जानकारी जब एक महिला को हुई तो वह उन्हें अपनाने के लिए फफूंद की जीआरपी चौकी पहुंच गई। महिला का कहना था कि उसके दो बेटों को बहनें मिल जाएंगी। हालांकि जीआरपी फफूंद ने दोनों बच्चियों को ककोर स्थित बाल कल्याण समिति के सुपुर्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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गुरुवार तड़के करीब 5 बजे रेलवे स्टेशन फफूंद के प्लेटफार्म संख्या 3/4 पर दो अबोध बच्चियां प्लेटफार्म पर अकेली थीं। इसी बीच वहां से जीआरपी चौकी पुलिस के सिपाही गुजरे। बच्चियों को अकेला देखकर यात्रियों से उनके बारे में पूछताछ की। पता चला कि कुछ समय पहले बच्चियों के साथ एक महिला को देखा गया था। बाद में वह महिला कहीं चली गई। उस महिला को यात्रियों ने बच्चियों की मां बताया। काफी देर तक खोजबीन के बाद दोनों बच्चियों को पुलिस जीआरपी चौकी ले आई। दोनों बच्चियां अपने माता-पिता एवं गांव के बारे में कुछ भी नहीं बता पाईं।
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लेकिन बच्चियों की जेब में एक पर्ची अवश्य मिली। जिस पर लिखा था कि दोनों लड़कियां ग्राम बिररा खानपुर के बब्लू पुत्र मन्नी जाट की हैं। जीआरपी ने काफी देर तक खोजबीन की। तो पता चला कि यह गांव जिला कन्नौज के ठठिया थानाक्षेत्र में है। लेकिन ठठिया थाना पुलिस भी गांव नहीं बता पाई। इसी बीच दिबियापुर निवासी आशिया अपने पति ओमकार के साथ जीआरपी चौकी पहुंची। उसने बच्चियों को अपनी सुपुर्दगी में देने का आग्रह किया। आशिया ने बताया कि उन्होंने लगभग 11 वर्ष पूर्व प्रेम विवाह किया था। उनके दो बेटे हैं। लेकिन बेटियां नहीं हैं।
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रक्षाबंधन के त्योहार पर उनके बेटों की कलाई सूनी रह जाती है तो उनके बेटों के चेहरे लटक जाते हैं। वह इन दोनों को अपनी पुुत्रियों की तरह पालेगी। हालांकि जीआरपी चौकी पुलिस ने नियमों की दुहाई देकर बच्चियों को उनके सुपुर्द करने से इंकार कर दिया। बाद में ककोर स्थित बाल कल्याण समिति के कार्यालय जाकर बच्चियों को उनके सुपुर्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जीआरपी चौकी इंचार्ज रामबरन सिंह के अनुसार दोनों बच्चियों को बाल कल्याण समिति कार्यालय भेजा गया है।
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