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हाथों की मेंहदी का रंग उतरने से पहले ही उजड़ गया मांग का सिंदूर
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औरैया। सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव निगड़ा निवासी अंजलि के हाथों की मेंहदी का रंग अभी उतरा भी नहीं था कि हादसे में पति की मौत हो गई। इससे उसके माथे का सिंदूर उजड़ गया। पोस्टमार्टम हाउस में मायके वालों के साथ गुमसुम बैठी अपनी किस्मत पर रो रही थी।
गांव निगड़ा निवासी ब्रजेंद्र सक्सेना की बहुत पहले ही मौत हो चुकी है। 10 फरवरी को ब्रजेंद्र के बड़े भाई छोटेलाल ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए अंजलि (18) का कन्यादान किया था, लेकिन छोटेलाल को क्या पता था कि भतीजी के भाग्य में दुख लिखा है। विवाह के 23 दिन बाद अंजलि को पति की मौत की खबर मिली तो वह बदहवास हो गई।
चिचौली स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद अंजलि के ताऊ छोटेलाल ने बताया कि उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि यह दिन भी देखना पड़ेगा। बताया कि 16 फरवरी को अंजलि का छोटा भाई शिवशंकर उसकी ससुराल से चौथी की विदा कराकर मायके निगड़ा लाया था। 17 फरवरी को अंजलि वापस फिर ससुराल चली गई थी।
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इंटर की बोर्ड परीक्षा के चलते भाई शिवशंकर 21 फरवरी को फिर मायके ले आया। तब से अंजलि मायके में ही थी। पांच मार्च को अंजलि की ससुराल से देर रात आशीष की मार्ग दुर्घटना में मौत की सूचना दी गई। यह सुनते ही पूरा परिवार सहम गया। हालांकि अंजलि को किसी ने जानकारी नहीं दी। सुबह जब अंजलि को लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे तो पति की मौत की जानकारी होते ही बदहवास हो गई।
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गांव निगड़ा निवासी ब्रजेंद्र सक्सेना की बहुत पहले ही मौत हो चुकी है। 10 फरवरी को ब्रजेंद्र के बड़े भाई छोटेलाल ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए अंजलि (18) का कन्यादान किया था, लेकिन छोटेलाल को क्या पता था कि भतीजी के भाग्य में दुख लिखा है। विवाह के 23 दिन बाद अंजलि को पति की मौत की खबर मिली तो वह बदहवास हो गई।
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चिचौली स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद अंजलि के ताऊ छोटेलाल ने बताया कि उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि यह दिन भी देखना पड़ेगा। बताया कि 16 फरवरी को अंजलि का छोटा भाई शिवशंकर उसकी ससुराल से चौथी की विदा कराकर मायके निगड़ा लाया था। 17 फरवरी को अंजलि वापस फिर ससुराल चली गई थी।
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इंटर की बोर्ड परीक्षा के चलते भाई शिवशंकर 21 फरवरी को फिर मायके ले आया। तब से अंजलि मायके में ही थी। पांच मार्च को अंजलि की ससुराल से देर रात आशीष की मार्ग दुर्घटना में मौत की सूचना दी गई। यह सुनते ही पूरा परिवार सहम गया। हालांकि अंजलि को किसी ने जानकारी नहीं दी। सुबह जब अंजलि को लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे तो पति की मौत की जानकारी होते ही बदहवास हो गई।