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ईद से पहले गुलजार रहने वाले बाजार रहे वीरान
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फफूंद (औरैया)। लॉकडाउन के चलते हर साल ईद की तैयारियों को लेकर गुलजार रहने वाले बाजारों में रविवार को सन्नाटा छाया रहा। पुलिस की सख्ती व कोरोना के भय से खरीदारों की भीड़ नदारद रही। मुस्लिम समाज के धर्म गुरुओं ने लोगों से ईद पर घरों पर नमाज पढ़ने व सादगी से त्योहार मनाने की अपील की है।
हर बार अलविदा जुमे की नमाज के बाद बाजार गुलजार हो जाते थे। ईद के एक दिन पहले देर रात तक लोग बाजारों में खरीदारी करते थे। लेकिन इस बार ऐसा कुछ भी नहीं दिख रहा। लॉकडाउन के चलते बाजारों में सन्नाटा छाया रहा। कस्बा फफूंद में रविवार को किराना छोड़कर बाकी सब दुकानों के बंद होने का रोस्टर था। इस वजह से लोग रोजमर्रा की जरूरत की चीजें खरीदने से भी वंचित रह गए।
किराना की दुकानों पर भी खास भीड़ नहीं नजर आई। पुलिस की सख्ती के कारण कई दुकानदार दुकानें बंद कर चले गए। किराना दुकानदार यूसुफ कुरैशी ने बताया कि इस बार ईद पर सिर्फ लोग रस्म अदायगी ही कर रहे हैं। ईद पर कपड़ा कारोबारी व दर्जी की दुकानों पर भी सन्नाटा रहा। कपड़ा व्यवसायी मुहम्मद इश्तियाक ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान कपड़ों की दुकानों को सबसे बाद में ढील दी गई। इससे दुकानदारी पर काफी असर पड़ा।
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हर बार अलविदा जुमे की नमाज के बाद बाजार गुलजार हो जाते थे। ईद के एक दिन पहले देर रात तक लोग बाजारों में खरीदारी करते थे। लेकिन इस बार ऐसा कुछ भी नहीं दिख रहा। लॉकडाउन के चलते बाजारों में सन्नाटा छाया रहा। कस्बा फफूंद में रविवार को किराना छोड़कर बाकी सब दुकानों के बंद होने का रोस्टर था। इस वजह से लोग रोजमर्रा की जरूरत की चीजें खरीदने से भी वंचित रह गए।
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किराना की दुकानों पर भी खास भीड़ नहीं नजर आई। पुलिस की सख्ती के कारण कई दुकानदार दुकानें बंद कर चले गए। किराना दुकानदार यूसुफ कुरैशी ने बताया कि इस बार ईद पर सिर्फ लोग रस्म अदायगी ही कर रहे हैं। ईद पर कपड़ा कारोबारी व दर्जी की दुकानों पर भी सन्नाटा रहा। कपड़ा व्यवसायी मुहम्मद इश्तियाक ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान कपड़ों की दुकानों को सबसे बाद में ढील दी गई। इससे दुकानदारी पर काफी असर पड़ा।
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