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उदया तिथि में व्रत रख मनाई जाएगी कृष्ण जन्माष्टमी
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कान्हा का स्वागत: मंदिर सज धज कर तैयार, रंग बिरंगी पोशाक से बाजार गुलजार
- फोटो : AURAIYA
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औरैया। जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर बाजार में कान्हा के वस्त्र, पगड़ी आदि की खरीदारी की गई। मंदिरों में रंग-बिरंगी झालरों से सजावट की गई। सोमवार को जन्माष्टमी उदया तिथि में व्रत रखकर मनाई जाएगी।
कान्हा को रंग-बिरंगे वस्त्र और मुकुट पहनाकर सजाने के लिए लोगों में उत्साह है। रविवार को किसी ने लाल रंग के परिधान और पगड़ी खरीदी तो किसी ने हरे व नीले रंग के परिधान खरीदे।
आचार्य आसू अवस्थी ने बताया कि कृष्ण पक्ष की अष्टमी की शुरुआत रविवार रात 11 बजकर 30 मिनट से होगी। अष्टमी सोमवार 30 अगस्त को रात एक बजकर 59 मिनट तक रहेगी। 30 अगस्त को उदया तिथि पर अष्टमी है। इसलिए 30 अगस्त को ही व्रत किया जाएगा। कृष्ण जी का 5247वां जन्मोत्सव है। उन्होंने बताया कि तने वाले खीरा लेकर मंदिर में टांगा जाएगा। इसके बाद कृष्ण जी को दूध-दही, घी, शक्कर, शहद और पंचामृत से स्नान कर चंदन-रोली लगाकर पुष्प अर्पित किया जाएगा। वस्त्र पहनाकर प्रार्थना होगी। इस बार की जन्माष्टमी गृहस्थ व संत साथ मनाएंगे।
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कान्हा को रंग-बिरंगे वस्त्र और मुकुट पहनाकर सजाने के लिए लोगों में उत्साह है। रविवार को किसी ने लाल रंग के परिधान और पगड़ी खरीदी तो किसी ने हरे व नीले रंग के परिधान खरीदे।
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आचार्य आसू अवस्थी ने बताया कि कृष्ण पक्ष की अष्टमी की शुरुआत रविवार रात 11 बजकर 30 मिनट से होगी। अष्टमी सोमवार 30 अगस्त को रात एक बजकर 59 मिनट तक रहेगी। 30 अगस्त को उदया तिथि पर अष्टमी है। इसलिए 30 अगस्त को ही व्रत किया जाएगा। कृष्ण जी का 5247वां जन्मोत्सव है। उन्होंने बताया कि तने वाले खीरा लेकर मंदिर में टांगा जाएगा। इसके बाद कृष्ण जी को दूध-दही, घी, शक्कर, शहद और पंचामृत से स्नान कर चंदन-रोली लगाकर पुष्प अर्पित किया जाएगा। वस्त्र पहनाकर प्रार्थना होगी। इस बार की जन्माष्टमी गृहस्थ व संत साथ मनाएंगे।
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