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आलू को झुलसा से बचाएगी मैंकोजेब
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औरैया। मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण आलू की खेती प्रभावित हुई है। कई किसानों की फसलों में झुलसा रोग भी लगा। इस रोग से आलू का आकार छोटा होने के साथ उपज आधी हो जाती है। कृषि रक्षा इकाइयों ने इस बीमारी से बचाव के लिए मैंकोजेब दवा उपलब्ध करानी शुरू कर दी है, जो आधी कीमतों पर किसानों को दी जाएगी।
कृषि विभाग ने ब्लॉकों की कृषि रक्षा इकाइयों पर मैंकोजेब दवा उपलब्ध करा दी है। इस पर 50 फीसदी सब्सिडी दी जा रही है। किसानों को केंद्र से खरीदने के दौरान 236.25 रुपये नकद भुगतान करना होगा। इसकी आधी रकम बाद में किसानों के खाते में भेजी जाएगी। सब्सिडी की रकम लेने के लिए किसानों को पंजीकरण कराना होगा। इसके लिए केंद्र पर ही आधार, बैंक पासबुक और खतौनी देनी होगा।
कृषि विभाग का कहना है कि जिले में 500 किलो मैंकोजेब उपलब्ध है। सभी कृषि रक्षा इकाइयों पर करीब 70-70 किलो उपलब्ध करा दी गई है। यदि पत्तियों पर किसी प्रकार का धब्बा दिखाई दे या मुरझाने लगे, तो यह झुलसा रोग के लक्षण हैं।
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ऐसा होने पर मैंकोजेब 75 प्रतिशत डब्ल्यूपी की दो किलोग्राम मात्रा को 600 से 800 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर की दर से 15 दिन के अंतराल पर छिड़काव करें। जिले में करीब 5210 हेक्टेयर में आलू की फसल की जा रही है। सदर ब्लॉक के चिरुहूली, पंहर, मिहौली, बिधूना ब्लॉक के सहायल, लहरापुर आदि स्थिानों पर बड़े पैमाने पर आलू की खेती होती है।
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कृषि विभाग ने ब्लॉकों की कृषि रक्षा इकाइयों पर मैंकोजेब दवा उपलब्ध करा दी है। इस पर 50 फीसदी सब्सिडी दी जा रही है। किसानों को केंद्र से खरीदने के दौरान 236.25 रुपये नकद भुगतान करना होगा। इसकी आधी रकम बाद में किसानों के खाते में भेजी जाएगी। सब्सिडी की रकम लेने के लिए किसानों को पंजीकरण कराना होगा। इसके लिए केंद्र पर ही आधार, बैंक पासबुक और खतौनी देनी होगा।
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कृषि विभाग का कहना है कि जिले में 500 किलो मैंकोजेब उपलब्ध है। सभी कृषि रक्षा इकाइयों पर करीब 70-70 किलो उपलब्ध करा दी गई है। यदि पत्तियों पर किसी प्रकार का धब्बा दिखाई दे या मुरझाने लगे, तो यह झुलसा रोग के लक्षण हैं।
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ऐसा होने पर मैंकोजेब 75 प्रतिशत डब्ल्यूपी की दो किलोग्राम मात्रा को 600 से 800 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर की दर से 15 दिन के अंतराल पर छिड़काव करें। जिले में करीब 5210 हेक्टेयर में आलू की फसल की जा रही है। सदर ब्लॉक के चिरुहूली, पंहर, मिहौली, बिधूना ब्लॉक के सहायल, लहरापुर आदि स्थिानों पर बड़े पैमाने पर आलू की खेती होती है।